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तालाब की भूमि को नहीं कराया कब्जामुक्त
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नांगलसोती के हरचंदपुर में तालाब की भूमि को कब्जामुक्त किए बिना कराया गया सुंदरीकरण कार्य।
- फोटो : NAZIBABAD
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तालाब की भूमि को नहीं कराया कब्जामुक्त
नांगलसोती/नजीबाबाद। गांव हरचंदपुर में तालाब की भूमि पर अतिक्रमण व अवैध कब्जे की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्रधान व ग्राम सचिव पर कब्जा धारकों से हमसाज होने की शिकायत की है।
गांव हरचंदपुर के ग्रामीणों ने मई माह में प्राइमरी विद्यालय के पास स्थित तालाब की भूमि पर अतिक्रमण व अवैध कब्जा करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी, जिसके बाद हल्का लेखपाल शेखर ने तालाब की भूमि की पैमाइश की। तालाब की भूमि 0.114 हेक्टेयर थी, लेकिन पैमाइश में 0.063 हेक्टेयर पाई गई। गांव के दूसरे तालाब पर भी ग्रामीणों का कब्जा था। पैमाइश में गांव के राघावाली तालाब की 0.190 हेक्टेयर भूमि मौके पर 0.100 हेक्टेयर पाई गई थी। लेखपाल शिखर ने तालाब की भूमि पर बनाए गए करीब 12 मकानों पर लाल निशान लगाकर स्वयं मकान खाली करने के नोटिस कब्जाधारकों को दिए थे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, हल्का लेखपाल शेखर का कहना है कि तालाब की भूमि पर पैमाइश के दौरान अवैध कब्जा पाया गया था। कब्जा धारकों को कब्जा हटाने के हिदायत दी गई थी, लेकिन मनरेगा द्वारा तालाब की भूमि पर कार्य कराने की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई।
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नांगलसोती/नजीबाबाद। गांव हरचंदपुर में तालाब की भूमि पर अतिक्रमण व अवैध कब्जे की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्रधान व ग्राम सचिव पर कब्जा धारकों से हमसाज होने की शिकायत की है।
गांव हरचंदपुर के ग्रामीणों ने मई माह में प्राइमरी विद्यालय के पास स्थित तालाब की भूमि पर अतिक्रमण व अवैध कब्जा करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी, जिसके बाद हल्का लेखपाल शेखर ने तालाब की भूमि की पैमाइश की। तालाब की भूमि 0.114 हेक्टेयर थी, लेकिन पैमाइश में 0.063 हेक्टेयर पाई गई। गांव के दूसरे तालाब पर भी ग्रामीणों का कब्जा था। पैमाइश में गांव के राघावाली तालाब की 0.190 हेक्टेयर भूमि मौके पर 0.100 हेक्टेयर पाई गई थी। लेखपाल शिखर ने तालाब की भूमि पर बनाए गए करीब 12 मकानों पर लाल निशान लगाकर स्वयं मकान खाली करने के नोटिस कब्जाधारकों को दिए थे, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, हल्का लेखपाल शेखर का कहना है कि तालाब की भूमि पर पैमाइश के दौरान अवैध कब्जा पाया गया था। कब्जा धारकों को कब्जा हटाने के हिदायत दी गई थी, लेकिन मनरेगा द्वारा तालाब की भूमि पर कार्य कराने की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई।
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