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वोटिंग कराने पहुंचीं पोलिंग पार्टियां
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:02 AM IST
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बिजनौर में जिले में 15 फरवरी बुधवार को वोट पड़ेंगे। इसके लिए 2639 पोलिंग पार्टी आईटीआई तथा वर्धमान कालेज से रवाना हुई। पहली पोलिंग पार्टी सुबह 11.30 बजे तथा आखिरी पोलिंग पार्टी दोपहर बाद ढाई बजे गई। देर शाम तक सभी पोलिंग पार्टियां पोलिंग बूथ पर पहुंच गई थीं।
जिले में आठ विधान सभा क्षेत्र हैं। इनमें पोलिंग पार्टियों की रवानगी की कमान सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी संभाले थे। सीडीओ ने सुबह साढ़े छह बजे रवानगी केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया। आठ बजे पोलिंग पार्टी कर्मचारियों का आना शुरू हो गया था। करीब दस बजे तक सभी पोलिंग पार्टी आ चुकी थी। बिजनौर, नजीबाबाद तथा नगीना विधान सभा के लिए 1030 पोलिंग पार्टी वर्धमान कॉलेज से रवाना हुई। नहटौर, चांदपुर, नूरपुर, धामपुर और बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए 1609 पोलिंग पार्टी आईटीआई से भेजी गई। इस बार ईवीएम के चेकिंग के लिए विशेष व्यवस्था थी। ईवीएम को चेक करने के बाद ही पार्टियों को जाने दिया गया। ग्यारह बजे तक पोलिंग पार्टियों ने चुनाव सामग्री ले ली थी। पहली पोलिंग पार्टी 11.30 बजे भेजी गई। डीएम जगतराज ने दोनों केंद्रों के सामान वितरण केंद्रों पर जाकर अपडेट जानकारी ली। पहली बार सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने वाहनों पर रहकर पोलिंग पार्टियों के संपर्क में रहे।
प्रशासन ने नहीं छोड़ी कोई कमी, यूनिक फोन नंबर आवंटित
प्रशासन चुनाव को लेकर पूरी तरह चाक चौबंद है। किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है। सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट समेत चुनाव निगरानी के सभी अधिकारियों को मोबाइल का यूनिक नंबर देकर सीधा जिला प्रशासन व चुनाव आयोग से जोड़ा गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट को चुनाव सामग्री का एक बैग, ईवीएम मशीन एडवांस में दी गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ईवीएम टेक्नीशियन भी तैनात किया गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट पार्टी रवाना होने के साथ मतदान स्थल पर पहुंचने व मतदान की मिनट-टू-मिनट जानकारी देगा।
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माइक्रो ऑब्जर्वर की निगरानी में रहेंगे मतदान केंद्र
मतदान केंद्र माइक्रो ऑब्जर्वर की निगरानी में रहेंगे। एक माइक्रो ऑब्जर्वर के अंडर में तीन से चार मतदान केंद्र हैं। माइक्रो ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग द्वारा जिले में तैनात प्रेक्षक को देंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट के अंडर में कम से कम आठ तथा अधिक से अधिक 20 पोलिंग पाटी हैं।
मोबाइल फोन रहे ठप
पोलिंग पार्टी के रवानगी केंद्रों आईटीआई तथा वर्धमान कॉलेज में मोबाइल फोन ने काम नहीं किया। इसके चलते मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय व तृतीय को अपने पीठासीन अधिकारी तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट से संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कर्मचारी की बिगड़ी तबियत
चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी दिगेंद्र सिंह की तबियत अचानक बिगड़ गई। कर्मचारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिगेंद्र ग्राम पंचायत गजरौलाशिव में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हैं।
जिले में आठ विधान सभा क्षेत्र हैं। इनमें पोलिंग पार्टियों की रवानगी की कमान सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी संभाले थे। सीडीओ ने सुबह साढ़े छह बजे रवानगी केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया। आठ बजे पोलिंग पार्टी कर्मचारियों का आना शुरू हो गया था। करीब दस बजे तक सभी पोलिंग पार्टी आ चुकी थी। बिजनौर, नजीबाबाद तथा नगीना विधान सभा के लिए 1030 पोलिंग पार्टी वर्धमान कॉलेज से रवाना हुई। नहटौर, चांदपुर, नूरपुर, धामपुर और बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव कराने के लिए 1609 पोलिंग पार्टी आईटीआई से भेजी गई। इस बार ईवीएम के चेकिंग के लिए विशेष व्यवस्था थी। ईवीएम को चेक करने के बाद ही पार्टियों को जाने दिया गया। ग्यारह बजे तक पोलिंग पार्टियों ने चुनाव सामग्री ले ली थी। पहली पोलिंग पार्टी 11.30 बजे भेजी गई। डीएम जगतराज ने दोनों केंद्रों के सामान वितरण केंद्रों पर जाकर अपडेट जानकारी ली। पहली बार सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने वाहनों पर रहकर पोलिंग पार्टियों के संपर्क में रहे।
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प्रशासन ने नहीं छोड़ी कोई कमी, यूनिक फोन नंबर आवंटित
प्रशासन चुनाव को लेकर पूरी तरह चाक चौबंद है। किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है। सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट समेत चुनाव निगरानी के सभी अधिकारियों को मोबाइल का यूनिक नंबर देकर सीधा जिला प्रशासन व चुनाव आयोग से जोड़ा गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट को चुनाव सामग्री का एक बैग, ईवीएम मशीन एडवांस में दी गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ईवीएम टेक्नीशियन भी तैनात किया गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट पार्टी रवाना होने के साथ मतदान स्थल पर पहुंचने व मतदान की मिनट-टू-मिनट जानकारी देगा।
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माइक्रो ऑब्जर्वर की निगरानी में रहेंगे मतदान केंद्र
मतदान केंद्र माइक्रो ऑब्जर्वर की निगरानी में रहेंगे। एक माइक्रो ऑब्जर्वर के अंडर में तीन से चार मतदान केंद्र हैं। माइक्रो ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट चुनाव आयोग द्वारा जिले में तैनात प्रेक्षक को देंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट के अंडर में कम से कम आठ तथा अधिक से अधिक 20 पोलिंग पाटी हैं।
मोबाइल फोन रहे ठप
पोलिंग पार्टी के रवानगी केंद्रों आईटीआई तथा वर्धमान कॉलेज में मोबाइल फोन ने काम नहीं किया। इसके चलते मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय व तृतीय को अपने पीठासीन अधिकारी तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट से संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कर्मचारी की बिगड़ी तबियत
चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी दिगेंद्र सिंह की तबियत अचानक बिगड़ गई। कर्मचारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिगेंद्र ग्राम पंचायत गजरौलाशिव में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हैं।