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Bijnor News: कीटनाशक का डीएनए पर वार, बढ़ रहा मस्तिष्क विकार
Thu, 08 Jun 2023 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:13 AM IST
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विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस पर विशेष -- -- -
- डीएनए प्रभावित होने से बढ़ रही ब्रेन ट्यूमर की समस्या
- कीटनाशक, रेडिएशन से ज्यादा गड़बड़ा रही डीएनए चैन
- बच्चे भी हो रहे ब्रेन ट्यूमर का शिकार
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। फसलों में प्रयोग हो रहे कीटनाशक का असर मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। फल, सब्जी से लेकर ड्राइफ्रूट में केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। जिनके सेवन से डीएनए (डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल) चेन प्रभावित हो रही है। जिसके गड़बड़ाने से मस्तिष्क की कोशिकाओं में अनियमित रूप से बढ़ोतरी होती है। जिससे व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर हो जाता है। बिजनौर मेडिकल अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर के हर महीने चार मरीज तक पहुंच रहे हैं।
विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस आठ जून को मनाया जा रहा है। ब्रेन ट्यूमर एक दिन में पनपने वाली कोई सामान्य बीमारी नहीं है। अच्छे खाद्य पदार्थों के नाम पर लोग कीटनाशक का सेवन कर रहे हैं। जिसका शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। ज्यादा फोन देखना भी सेहत के लिए हानिकारक है। क्योंकि फोन से निकलने वाली रेडिएशन डीएनए को क्षति पहुंचा रहा है। डीएनए चेन प्रभावित होकर ज्यादा कोशिकाओं का निर्माण करने लगती हैं। जबकि पुरानी कोशिकाएं पूरी तरह से एकदम समाप्त नहीं होती हैं। जिसकी वजह से ज्यादा कोशिकाएं इकट्ठा होने से मस्तिष्क में गांठ बन जाती है। जिसे ब्रेन ट्यूमर कहते हैं।
जीन में उत्परिवर्तन भी ब्रेन ट्यूमर के लिए जिम्मेदार
चिकित्सकों के मुताबिक जब किसी जीन के डीएनए में कोई स्थायी परिवर्तन होता है तो उसे उत्परिवर्तन कहते हैं। उत्परिवर्तन कोशिकाओं के विभाजन के समय किसी दोष के कारण पैदा हो सकता है। जिससे कोशिकाएं असीमित मात्राएं में बढ़ने लगती हैं। जो ब्रेन ट्यूमर का रूप ले लेता है। इसलिए जीन में उत्परिवर्तन ब्रेन ट्यूमर के लिए जिम्मेदार है।
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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
-सिर दर्द होना
-देखने में परेशानी होना
-उल्टी आना
-दौरा पड़ना
-लकवा पड़ना
-- --
ब्रेन ट्यूमर से ऐसे करें बचाव
- कीटनाशक का ज्यादा प्रयोग न करें
-धुम्रपान न करें
-रोजाना योग करें
-आर्गेनिक खाद्य पदार्थों का सेवन करें
-ऑपरेशन कराएं
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मालिगनेंट ट्यूमर लेता है कैंसर का रूप : डाॅ. विकुल त्यागी
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विकुल कुमार त्यागी ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर का खतरा ज्यादा कीटनाशक और फोन के प्रयोग से बढ़ा है। इसलिए फसलों में कीटनाशक का प्रयोग न करें। कीटनाशक डीएनए चेन को प्रभावित कर रहे हैं। ब्रेन ट्यूमर दो तरह का होता है। बिनाइन ट्यूमर कैंसर का रूप नहीं लेता है। जबकि मालिगनेंट ट्यूमर कैंसर का रूप लेता है।
कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि ही ब्रेन ट्यूमर : डॉ. विकास कुमार
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विकास कुमार का कहना है कि मस्तिष्क हमारे शरीर का अहम हिस्सा होता है। मस्तिष्क के साथ थोड़ी-सी भी लापरवाही हमारी जान जोखिम में डाल सकती है। ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है। मस्तिष्क की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि ट्यूमर का रूप ले लेती है। ब्रेन ट्यूमर प्राथमिक या द्वितीयक है। ब्रेन ट्यूमर होने से सिरदर्द, दौरा, दृष्टि समस्या, उल्टी, मानसिक परिवर्तन जैसे लक्षण हो सकते हैं।
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- डीएनए प्रभावित होने से बढ़ रही ब्रेन ट्यूमर की समस्या
- कीटनाशक, रेडिएशन से ज्यादा गड़बड़ा रही डीएनए चैन
- बच्चे भी हो रहे ब्रेन ट्यूमर का शिकार
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। फसलों में प्रयोग हो रहे कीटनाशक का असर मनुष्य के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। फल, सब्जी से लेकर ड्राइफ्रूट में केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है। जिनके सेवन से डीएनए (डीऑक्सीराइबो न्यूक्लिक अम्ल) चेन प्रभावित हो रही है। जिसके गड़बड़ाने से मस्तिष्क की कोशिकाओं में अनियमित रूप से बढ़ोतरी होती है। जिससे व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर हो जाता है। बिजनौर मेडिकल अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर के हर महीने चार मरीज तक पहुंच रहे हैं।
विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस आठ जून को मनाया जा रहा है। ब्रेन ट्यूमर एक दिन में पनपने वाली कोई सामान्य बीमारी नहीं है। अच्छे खाद्य पदार्थों के नाम पर लोग कीटनाशक का सेवन कर रहे हैं। जिसका शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। ज्यादा फोन देखना भी सेहत के लिए हानिकारक है। क्योंकि फोन से निकलने वाली रेडिएशन डीएनए को क्षति पहुंचा रहा है। डीएनए चेन प्रभावित होकर ज्यादा कोशिकाओं का निर्माण करने लगती हैं। जबकि पुरानी कोशिकाएं पूरी तरह से एकदम समाप्त नहीं होती हैं। जिसकी वजह से ज्यादा कोशिकाएं इकट्ठा होने से मस्तिष्क में गांठ बन जाती है। जिसे ब्रेन ट्यूमर कहते हैं।
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जीन में उत्परिवर्तन भी ब्रेन ट्यूमर के लिए जिम्मेदार
चिकित्सकों के मुताबिक जब किसी जीन के डीएनए में कोई स्थायी परिवर्तन होता है तो उसे उत्परिवर्तन कहते हैं। उत्परिवर्तन कोशिकाओं के विभाजन के समय किसी दोष के कारण पैदा हो सकता है। जिससे कोशिकाएं असीमित मात्राएं में बढ़ने लगती हैं। जो ब्रेन ट्यूमर का रूप ले लेता है। इसलिए जीन में उत्परिवर्तन ब्रेन ट्यूमर के लिए जिम्मेदार है।
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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
-सिर दर्द होना
-देखने में परेशानी होना
-उल्टी आना
-दौरा पड़ना
-लकवा पड़ना
ब्रेन ट्यूमर से ऐसे करें बचाव
- कीटनाशक का ज्यादा प्रयोग न करें
-धुम्रपान न करें
-रोजाना योग करें
-आर्गेनिक खाद्य पदार्थों का सेवन करें
-ऑपरेशन कराएं
मालिगनेंट ट्यूमर लेता है कैंसर का रूप : डाॅ. विकुल त्यागी
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विकुल कुमार त्यागी ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर का खतरा ज्यादा कीटनाशक और फोन के प्रयोग से बढ़ा है। इसलिए फसलों में कीटनाशक का प्रयोग न करें। कीटनाशक डीएनए चेन को प्रभावित कर रहे हैं। ब्रेन ट्यूमर दो तरह का होता है। बिनाइन ट्यूमर कैंसर का रूप नहीं लेता है। जबकि मालिगनेंट ट्यूमर कैंसर का रूप लेता है।
कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि ही ब्रेन ट्यूमर : डॉ. विकास कुमार
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विकास कुमार का कहना है कि मस्तिष्क हमारे शरीर का अहम हिस्सा होता है। मस्तिष्क के साथ थोड़ी-सी भी लापरवाही हमारी जान जोखिम में डाल सकती है। ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है। मस्तिष्क की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि ट्यूमर का रूप ले लेती है। ब्रेन ट्यूमर प्राथमिक या द्वितीयक है। ब्रेन ट्यूमर होने से सिरदर्द, दौरा, दृष्टि समस्या, उल्टी, मानसिक परिवर्तन जैसे लक्षण हो सकते हैं।