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जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 17 Sep 2015 12:11 AM IST
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बिजनौर। हाईकोर्ट के फैसले से क्षुब्ध शिक्षामित्रों ने तीसरे दिन भी शिक्षण कार्यों का बहिष्कार किया। शिक्षामित्र संघर्ष समिति के आह्वान पर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री एवं मानव संसाधन विकास मंत्री के नाम एडीएम को मांग पत्र सौंपा।
शिक्षामित्र संघर्ष समिति के संयोजक अहतशाम, सह संयोजक धर्मेंद्र तोमर, सुचित मलिक, पोपेंद्र सिंह, सुजीत तोमर के नेतृत्व में शिक्षामित्र इंदिरा पार्क में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। यहां पर शिक्षामित्रों ने एनसीटीई द्वारा उच्च न्यायालय में गलत शपथ पत्र लगाने के कारण शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त होने की बात कही।
इसके बाद शिक्षामित्र प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर पीएम और मानव संसाधन विकास मंत्री के नाम अलग अलग मांग पत्र एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेशचंद्र को सौंपे। कहा कि शिक्षामित्र पिछले 14 वर्ष से स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
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प्रत्येक वर्ष नियुक्ति से पहले सहमति पत्र भी लिए जाते रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में शिक्षामित्रों का पूरा योगदान रहा है।
एनसीटीई के निर्देशन में ही शिक्षामित्रों को दो वर्ष का दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी का प्रशिक्षण कराया गया है। पत्र में एनसीटीई से शिक्षामित्रों को टीईटी में छूट देने की मांग की गई है, ताकि शिक्षामित्रों को न्याय मिल सके।
मौके पर जेनेंद्र कुमार, दुष्यंत कुमार, जयवीर सिंह, मोहम्मद वाइज, सत्यपाल जाटव, आशा, सीशमा देवीस, किरण बाला, नीतू चौधरी, सचिन देशवाल सहित काफी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
केंद्र से हस्तक्षेप कर निरस्त समायोजन बहाली की मांग
धामपुर। हाईकोर्ट द्वारा समायोजन निरस्त कर देने के विरोध में तीसरे दिन भी शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। तहसील क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में ताले लटके रहे। संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को शिक्षामित्र विरोध करने को बिजनौर कूच कर गए। शिक्षामित्रों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर उनके निरस्त समायोजन को बहाल कराने की मांग की है।
शिक्षामित्र जयवीर सिंह, दिलावर सिंह, बबीता, प्रीती, अर्चना, जनेद्र कुमार,ओमकार सिंह का कहना है कि उनके साथ एनसीटीई ने पक्षपात किया है। जब यूपी और यूके एक था तो पीएम अटलबिहारी वाजपेयी ने सर्वशिक्षा अभियान चला कर प्राइमरी स्कूलों में शिक्षामित्रों की तैनाती की थी।
फिर यूपी और यूके का विभाजन हो गया। सरकार ने उत्तराखंड के शिक्षामित्रों को तो सहायक शिक्षक बना दिया और यूपी में एनसीटीई ने कोर्ट में गलत काउंटर दाखिल कर प्रदेश सरकार की ओर से की गई नियुुक्ति को असंवैधानिक करार कर दिया। इससे वे उम्र के इस पड़ाव में भारी मुसबीत में में आ खड़े हुए। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर उनकी निरस्त नियुक्तियों को पहले की तरह से बहाल करने की मांग की है।
कार्य बहिष्कार जारी
रेहड़। शिक्षामित्रों का हाईकोर्ट के आदेश पर समायोजन प्रकिया को अवैध मानने के बाद उनका तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। ब्लाक के अधिकांश स्कूलों में ताले लटके रहने से बच्चों को घर वापस लौटना पड़ा। इस मौके पर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर ऐसो. के अध्यक्ष पवन चौहान, रिषीपाल, पवन, जितेंद्र, उदयराज, भारती, सीमा, अनिता , ममता, जयवीर, अफजल रहे।
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शिक्षामित्र संघर्ष समिति के संयोजक अहतशाम, सह संयोजक धर्मेंद्र तोमर, सुचित मलिक, पोपेंद्र सिंह, सुजीत तोमर के नेतृत्व में शिक्षामित्र इंदिरा पार्क में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। यहां पर शिक्षामित्रों ने एनसीटीई द्वारा उच्च न्यायालय में गलत शपथ पत्र लगाने के कारण शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त होने की बात कही।
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इसके बाद शिक्षामित्र प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां पर पीएम और मानव संसाधन विकास मंत्री के नाम अलग अलग मांग पत्र एडीएम वित्त एवं राजस्व रमेशचंद्र को सौंपे। कहा कि शिक्षामित्र पिछले 14 वर्ष से स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं।
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प्रत्येक वर्ष नियुक्ति से पहले सहमति पत्र भी लिए जाते रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में शिक्षामित्रों का पूरा योगदान रहा है।
एनसीटीई के निर्देशन में ही शिक्षामित्रों को दो वर्ष का दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी का प्रशिक्षण कराया गया है। पत्र में एनसीटीई से शिक्षामित्रों को टीईटी में छूट देने की मांग की गई है, ताकि शिक्षामित्रों को न्याय मिल सके।
मौके पर जेनेंद्र कुमार, दुष्यंत कुमार, जयवीर सिंह, मोहम्मद वाइज, सत्यपाल जाटव, आशा, सीशमा देवीस, किरण बाला, नीतू चौधरी, सचिन देशवाल सहित काफी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
केंद्र से हस्तक्षेप कर निरस्त समायोजन बहाली की मांग
धामपुर। हाईकोर्ट द्वारा समायोजन निरस्त कर देने के विरोध में तीसरे दिन भी शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। तहसील क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में ताले लटके रहे। संघर्ष समिति के आह्वान पर बुधवार को शिक्षामित्र विरोध करने को बिजनौर कूच कर गए। शिक्षामित्रों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर उनके निरस्त समायोजन को बहाल कराने की मांग की है।
शिक्षामित्र जयवीर सिंह, दिलावर सिंह, बबीता, प्रीती, अर्चना, जनेद्र कुमार,ओमकार सिंह का कहना है कि उनके साथ एनसीटीई ने पक्षपात किया है। जब यूपी और यूके एक था तो पीएम अटलबिहारी वाजपेयी ने सर्वशिक्षा अभियान चला कर प्राइमरी स्कूलों में शिक्षामित्रों की तैनाती की थी।
फिर यूपी और यूके का विभाजन हो गया। सरकार ने उत्तराखंड के शिक्षामित्रों को तो सहायक शिक्षक बना दिया और यूपी में एनसीटीई ने कोर्ट में गलत काउंटर दाखिल कर प्रदेश सरकार की ओर से की गई नियुुक्ति को असंवैधानिक करार कर दिया। इससे वे उम्र के इस पड़ाव में भारी मुसबीत में में आ खड़े हुए। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर उनकी निरस्त नियुक्तियों को पहले की तरह से बहाल करने की मांग की है।
कार्य बहिष्कार जारी
रेहड़। शिक्षामित्रों का हाईकोर्ट के आदेश पर समायोजन प्रकिया को अवैध मानने के बाद उनका तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रहा। ब्लाक के अधिकांश स्कूलों में ताले लटके रहने से बच्चों को घर वापस लौटना पड़ा। इस मौके पर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर ऐसो. के अध्यक्ष पवन चौहान, रिषीपाल, पवन, जितेंद्र, उदयराज, भारती, सीमा, अनिता , ममता, जयवीर, अफजल रहे।