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Bijnor News: आंतों और गले में संक्रमण से परेशान लोग
Mon, 14 Jul 2025 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:24 AM IST
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बिजनौर। एक तरफ जहां बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं दूसरी ओर इस मौसम का स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अस्पतालों में आंतों में संक्रमण और गले में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में चिकित्सक मरीजों को सादा भोजन खाने की सलाह दे रहे हैं।
बारिश के मौसम में पानी और भोजन में बैक्टीरिया और वायरस आसानी से प्रवेश कर सकते हैं। जिससे पेट में गैस और आंतों की समस्या होती है। इन दिनों में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मरीजों में पेट दर्द, उल्टी होना, दस्त होना, पेट फूलना, भूख नहीं लगना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसलिए, इस मौसम में बाहर भोजन खाने से बचना चाहिए।
बारिश के मौसम में नमी और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। जिससे गले में जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी, फ्लू और अन्य श्वसन संक्रमण भी अधिक फैलते हैं। जिससे गले में दर्द जैसी समस्या बढ़ने लगती है। मेडिकल अस्पताल के फिजीशियन विभाग में रोजाना इन दोनों बीमारियों के 30 मरीज तक पहुंच रहे हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में भी इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों की लाइन लगी हुई है।
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बारिश के मौसम में पानी और भोजन में बैक्टीरिया और वायरस आसानी से प्रवेश कर सकते हैं। जिससे पेट में गैस और आंतों की समस्या होती है। इन दिनों में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मरीजों में पेट दर्द, उल्टी होना, दस्त होना, पेट फूलना, भूख नहीं लगना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसलिए, इस मौसम में बाहर भोजन खाने से बचना चाहिए।
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बारिश के मौसम में नमी और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। जिससे गले में जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी, फ्लू और अन्य श्वसन संक्रमण भी अधिक फैलते हैं। जिससे गले में दर्द जैसी समस्या बढ़ने लगती है। मेडिकल अस्पताल के फिजीशियन विभाग में रोजाना इन दोनों बीमारियों के 30 मरीज तक पहुंच रहे हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में भी इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों की लाइन लगी हुई है।
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