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बिजनौर के लोग कोटद्वार से लाते हैं पीने का पानी
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नजीबाबाद के गांव देवेंद्र नगर कौड़िया में पानी के लिए भटकते क्षेत्रवासी।
- फोटो : NAZIBABAD
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बिजनौर के लोग कोटद्वार से लाते हैं पीने का पानी
नजीबाबाद। बिजनौर के सीमांत गांव देवेंद्र नगर कौड़िया में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीण एक किलोमीटर दूर उत्तराखंड की सीमा से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गांव में पानी की टंकी बनवाने की मांग की है।
नजीबाबाद तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोटाढाक के गांव देवेंद्र नगर कौड़िया में ग्रामीण वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। गर्मियों में पानी की अधिक आवश्यकता होने पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गांव के बलराज सिंह राणा, विक्रम सिंह, संतोषी देवी, सीमा देवी, बीना देवी, सुशीला देवी का कहना है कि गांव मोटाढाक में जल निगम का ओवरहैड टैंक है, लेकिन गांव देवेंद्र नगर की आधी आबादी में पेयजल कनेक्शन नहीं है। जल निगम ने नई पाइप लाइन तो बिछाई, लेकिन ग्रामीणों को कनेक्शन नहीं दिए। जिस कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से गुजरना पड़ रहा है। गांव में चार स्थानों पर इंडिया मार्क -2 हैंडपंप हैं, लेकिन वे भी चार साल से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को मजबूरन एक किलोमीटर दूर उत्तराखंड की सीमा से पानी ढोना पड़ रहा है।
ग्रामीण कोटद्वार से लाते हैं पानी
नजीबाबाद। सीमांत गांव देवेंद्र नगर कौड़िया के ग्रामीणों को पानी के लिए कोटद्वार (उत्तराखंड) सीमा में जाना पड़ता है। पीने के पानी और खाना बनाने के लिए महिलाएं, युवतियां और परिजन एक किलोमीटर दूर पानी लाने में कड़ी मशक्कत करते हैं। ग्रामीण सुबह और शाम बाल्टी, केन आदि लेकर साइकिल व ईरिक्शा के माध्यम से कोटद्वार स्थित नलकूप पर पहुंचते हैं और पानी लाते हैं।
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नजीबाबाद। बिजनौर के सीमांत गांव देवेंद्र नगर कौड़िया में पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीण एक किलोमीटर दूर उत्तराखंड की सीमा से पानी ढोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गांव में पानी की टंकी बनवाने की मांग की है।
नजीबाबाद तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोटाढाक के गांव देवेंद्र नगर कौड़िया में ग्रामीण वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। गर्मियों में पानी की अधिक आवश्यकता होने पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है। गांव के बलराज सिंह राणा, विक्रम सिंह, संतोषी देवी, सीमा देवी, बीना देवी, सुशीला देवी का कहना है कि गांव मोटाढाक में जल निगम का ओवरहैड टैंक है, लेकिन गांव देवेंद्र नगर की आधी आबादी में पेयजल कनेक्शन नहीं है। जल निगम ने नई पाइप लाइन तो बिछाई, लेकिन ग्रामीणों को कनेक्शन नहीं दिए। जिस कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से गुजरना पड़ रहा है। गांव में चार स्थानों पर इंडिया मार्क -2 हैंडपंप हैं, लेकिन वे भी चार साल से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को मजबूरन एक किलोमीटर दूर उत्तराखंड की सीमा से पानी ढोना पड़ रहा है।
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ग्रामीण कोटद्वार से लाते हैं पानी
नजीबाबाद। सीमांत गांव देवेंद्र नगर कौड़िया के ग्रामीणों को पानी के लिए कोटद्वार (उत्तराखंड) सीमा में जाना पड़ता है। पीने के पानी और खाना बनाने के लिए महिलाएं, युवतियां और परिजन एक किलोमीटर दूर पानी लाने में कड़ी मशक्कत करते हैं। ग्रामीण सुबह और शाम बाल्टी, केन आदि लेकर साइकिल व ईरिक्शा के माध्यम से कोटद्वार स्थित नलकूप पर पहुंचते हैं और पानी लाते हैं।
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