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स्वाहेड़ी में सामूहिक दशहरा पूजन करेंगे सभी बिरादरी के लोग

Wed, 05 Oct 2022 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2022 12:00 AM IST
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People of all fraternities will perform collective Dussehra worship in Swahedi
स्वाहेड़ी में सामूहिक दशहरा पूजन करेंगे सभी बिरादरी के लोग
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मोहम्मद यूनुस
गजरौला शिव/बिजनौर। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा त्योहार को लेकर स्वाहेड़ी में अनूठी पहल की शुरूआत होने जा रही है। घर-घर पूजा अर्चना कर मनाया जाने वाला यह त्योहार अबकी बार सार्वजनिक स्थान पर मनाया जायेगा। गिले शिकवे दूर करने के लिए ग्रामीणों ने आगे आकर इसके लिए एक नई पहल की है।
पहले गांव के लोग सभी त्यौहार एक साथ मिलकर मनाते थे। जैसे-जैसे परिवार बढ़ता गया परिवार के लोग अलग-अलग होते चले गए, उन्होंने त्योहार भी अलग-अलग मनाना शुरू कर दिया। यह सिलसिला लगभग 50 वर्षों तक चलता रहा।
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गांव स्वाहेड़ी निवासी धीरेंद्र सिंह उर्फ छोटे एक दिन अपने घर बैठे मन ही मन सोच रहे थे कि गांव में गिले शिकवे दूर करने के लिए क्यों ना दशहरा पर्व सभी ग्रामीण एक साथ मिलकर मनाएं। इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने गांव के मुनेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह व भूरे सिंह से की तो उन्होंने इसकी सहमति जताते हुए गांव में घर-घर घूमे और लोगों को इस बात के लिए प्रेरित किया। एक के बाद एक सभी लोगों ने उनकी बात का समर्थन करते हुए गांव में एक पंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने 50 वर्षों से चली आ रही प्रथा को तोड़ने के लिए रविवार को मुनेंद्र सिंह के घेर में पंचायत की और निर्णय लिया कि इस बार दशहरा पूजन गांव में बने मिनी सचिवालय में एक साथ मिलकर मनाएंगे। बैठक में लाखन सिंह, महिपाल सिंह, किसान नेता विवेक, सुनील सेठ, धीरेंद्र सिंह, हरनाम रवि, दिनेश भुईयार, मेघराज सिंह सैनी, योगराज सिंह आदि बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। (संवाद)
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अब घर-घर पर नहीं होगा पूजन
दशहरा पूजन के लिए पंडित सुबह सवेरे से लेकर दोपहर तक घर-घर जाकर दशहरा पूजन करते थे। लेकिन अब पंडित एक ही सार्वजनिक स्थान पर सामूहिक दशहरा पूजन कराएंगे। वहीं उनकी दक्षिणा और खाने पीने का इंतजाम होगा। ग्रामीणों ने समय की बचत व गांव में आपसी प्रेम भावना को बढ़ाने के लिए आगे आकर यह कदम उठाया है। सार्वजनिक स्थान पर दशहरा मनाने के लिए कोई जाति बंधन नहीं होगा।

आपसी सौहार्द बढ़ाने के लिए लिया निर्णय
हरनाम सिंह रवि बताते हैं कि गांव में गिले-शिकवे मिटाने के लिए सभी लोग एक साथ मिलकर त्योहार मनाएं, इससे भाईचारे को भी बल मिलेगा। मेघराज सिंह सैनी का कहना है कि गांव में सब लोगों का एक साथ मिलजुल कर त्योहार मनाना अच्छी बात है। त्योहार मनाने के लिए कोई जाति बंधन नहीं होना चाहिए। राजेंद्र पाल सिंह पाल का कहना है कि गांव में सभी जाति के लोगों से विचार-विमर्श कर यह निर्णय लिया गया है। धीरेंद्र सिंह के अनुसार इस मुहिम की शुरुआत के लिए गांव के चंद लोगों से सलाह ली गई थी, गांव के लोगों ने बात का समर्थन करते हुए बैठक कर दशहरा पर्व एक साथ मनाने का निर्णय लिया।
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