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आयकर, जीएसटी फाइल में देरी पर देना पड़ रहा जुर्माना
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आयकर, जीएसटी फाइल में देरी पर देना पड़ रहा जुर्माना
बिजनौर। आयकर व जीएसटी फाइल करने में देरी करने का खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। ऐसे दोनों ही करदाताओं को टैक्स पेनल्टी के साथ जमा करना पड़ रहा है। व्यापारियों को जीएसटी जल्द से जल्द फाइल करने के लिए कहा जा रहा है।
कोरोना काल में आयकर दाताओं को कर जमा करने में सरकार की ओर से काफी समय दिया गया था। आयकर फाइल करने की अंतिम तिथि दस जनवरी निर्धारित की गई थी। लेकिन इस अवधि में काफी उपभोक्ताओं ने अपना आयकर जमा नहीं किया। जिले में ऐसे काफी उपभोक्ता हैं जिन्होंने आयकर दस जनवरी तक जमा नहीं किया। अब इन उपभोक्ताओं को एक हजार रुपये अतिरिक्त पेनल्टी जमा करनी होगी। वहीं जीएसटी लागू होने के समय जिले में करीब 12 हजार उपभोक्ताओं ने जीएसटी में पंजीयन कराया था। अब जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़कर 19 हजार हो गई है। जीएसटी में अगर उपभोक्ता कर जमा करने में देरी कर दें तो उसे 50 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी भरनी पड़ती है।
कोरोना के समय जीएसटी फाइल करने में छूट दी गई लेकिन इसके बाद भी काफी व्यापारियों ने जीएसटी फाइल करने में देरी की। इसके खामियाजा के तौर पर अब उपभोक्ताओं को पेनल्टी के साथ जीएसटी फाइल करना होगा। ऐसे जिले में करीब एक हजार उपभोक्ता हैं।
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देरी का देना होगा जुर्माना
आयकर अधिवक्ता गौरव चौहान के अनुसार आयकर जमा करने में कोई समस्या नहीं आ रही है। जिन व्यापारियों ने समय से टैक्स फाइल नहीं किया केवल उन्हें ही एक हजार रुपये अतिरिक्त जमा करने हैं। जीएसटी में भी पेनल्टी ऐसे ही लगेगी।
नहीं आ रही है समस्या
जिले के काष्ठकला उद्यमी विदेशों को काष्ठकला के नमूने निर्यात करते हैं। कोरोना की वजह से अभी इसमे काफी कमी आई है। जो मिला भेजा गया है उसके टैक्स का रिफंड व्यापारियों को मिल रहा है। काष्ठकला उद्यमी जुल्फिकार अहमद के अनुसार टैक्स रिफंड होने में कोई समस्या नहीं आ रही है।
नहीं आ रही है समस्या
व्यापारी नेता मनोज कुच्छल के अनुसार आयकर या जीएसटी फाइल करने में कोई परेशानी नहीं आ रही है। जिन्होंने देर कर दी वे ही पेनल्टी दे रहे हैं।
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बिजनौर। आयकर व जीएसटी फाइल करने में देरी करने का खामियाजा उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है। ऐसे दोनों ही करदाताओं को टैक्स पेनल्टी के साथ जमा करना पड़ रहा है। व्यापारियों को जीएसटी जल्द से जल्द फाइल करने के लिए कहा जा रहा है।
कोरोना काल में आयकर दाताओं को कर जमा करने में सरकार की ओर से काफी समय दिया गया था। आयकर फाइल करने की अंतिम तिथि दस जनवरी निर्धारित की गई थी। लेकिन इस अवधि में काफी उपभोक्ताओं ने अपना आयकर जमा नहीं किया। जिले में ऐसे काफी उपभोक्ता हैं जिन्होंने आयकर दस जनवरी तक जमा नहीं किया। अब इन उपभोक्ताओं को एक हजार रुपये अतिरिक्त पेनल्टी जमा करनी होगी। वहीं जीएसटी लागू होने के समय जिले में करीब 12 हजार उपभोक्ताओं ने जीएसटी में पंजीयन कराया था। अब जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़कर 19 हजार हो गई है। जीएसटी में अगर उपभोक्ता कर जमा करने में देरी कर दें तो उसे 50 रुपये प्रतिदिन की पेनल्टी भरनी पड़ती है।
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कोरोना के समय जीएसटी फाइल करने में छूट दी गई लेकिन इसके बाद भी काफी व्यापारियों ने जीएसटी फाइल करने में देरी की। इसके खामियाजा के तौर पर अब उपभोक्ताओं को पेनल्टी के साथ जीएसटी फाइल करना होगा। ऐसे जिले में करीब एक हजार उपभोक्ता हैं।
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देरी का देना होगा जुर्माना
आयकर अधिवक्ता गौरव चौहान के अनुसार आयकर जमा करने में कोई समस्या नहीं आ रही है। जिन व्यापारियों ने समय से टैक्स फाइल नहीं किया केवल उन्हें ही एक हजार रुपये अतिरिक्त जमा करने हैं। जीएसटी में भी पेनल्टी ऐसे ही लगेगी।
नहीं आ रही है समस्या
जिले के काष्ठकला उद्यमी विदेशों को काष्ठकला के नमूने निर्यात करते हैं। कोरोना की वजह से अभी इसमे काफी कमी आई है। जो मिला भेजा गया है उसके टैक्स का रिफंड व्यापारियों को मिल रहा है। काष्ठकला उद्यमी जुल्फिकार अहमद के अनुसार टैक्स रिफंड होने में कोई समस्या नहीं आ रही है।
नहीं आ रही है समस्या
व्यापारी नेता मनोज कुच्छल के अनुसार आयकर या जीएसटी फाइल करने में कोई परेशानी नहीं आ रही है। जिन्होंने देर कर दी वे ही पेनल्टी दे रहे हैं।