{"_id":"5f5525328ebc3e446a31764b","slug":"passengers-stranded-in-transport-services-of-two-states-nazibabad-news-mrt5000040181","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो प्रदेशों की परिवहन सेवाओं में फंसे यात्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो प्रदेशों की परिवहन सेवाओं में फंसे यात्री
विज्ञापन
नजीबाबाद सीमा पर उत्तराखंड के कोटावाली बॉर्डर पर बस में सवार होते यात्री।
- फोटो : NAZIBABAD
दो प्रदेशों की परिवहन सेवाओं में फंसे यात्री
नजीबाबाद/भागूवाला। उत्तराखंड सीमा पर स्थित नजीबाबाद तहसील के यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून और कोटद्वार जाने के लिए कष्ट भरे सफर के लिए विवश होना पड़ रहा है। 25 से 50 किलोमीटर का सफर तय करने में यात्री दो प्रदेशों की परिवहन सेवाओं से सफर कर रहे हैं।
कोविड-19 दौर के चलते परिवहन सेवाएं मात्र अपने-अपने प्रदेश तक सीमित हैं। जनपद बिजनौर से उत्तराखंड की सीमा जुड़ी है। अधिकांश कारोबारी उत्तराखंड के कोटद्वार, हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी में कारोबार करते हैं। नजीबाबाद से हरिद्वार और कोटद्वार दिशा में जाने वाले यात्रियों को मात्र 15 से 25 किलोमीटर के फासले पर दूसरे प्रदेश में प्रवेश के लिए रोडवेज बसें बदलनी पड़ रही हैं। नजीबाबाद डिपो के स्टेशन इंचार्ज भाईलाल के अनुसार नजीबाबाद डिपो की बसें उत्तराखंड की सीमा कोटावाली बॉर्डर तक ही संचालित हो रही हैं। चिड़ियापुर से हरिद्वार, देहरादून के लिए उत्तराखंड की बसें संचालित होती हैं। बसों के इंतजार में बॉर्डर पर घंटों यात्री खड़े रहते हैं। उधर कोटद्वार दिशा के यात्रियों के लिए यूपी के जाफराबाद बॉर्डर तक बसों का संचालन है। यूपी के कौशांबी से गाजियाबाद-मेरठ होते हुए कोटद्वार (उत्तराखंड) जाने वाले यात्रियों को उत्तराखंड में प्रवेश के लिए जाफराबाद बॉर्डर पर बस बदलनी पड़ रही है। क्षेत्रीय दैनिक यात्रियों और कारोबारियों ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच जल्द परिवहन सेवाओं पर लगाया प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
उत्तराखंड के यात्रियों को मिल रही सुविधा
नजीबाबाद। लखनऊ-बरेली दिशा में जाने वाली नजीबाबाद डिपो की बसों को उत्तराखंड के यात्रियों की सुविधा के लिए नजीबाबाद से पहले उत्तराखंड के कौड़िया बॉर्डर तक भेजा जाता है। वापसी में भी रोडवेज बसें लखनऊ-बरेली दिशा से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों को उत्तराखंड बॉर्डर तक छोड़ती हैं।
विज्ञापन
डग्गामार वाहन वसूल रहे मनमाना किराया
नजीबाबाद। नजीबाबाद से हरिद्वार और कोटद्वार के बीच चलने वाले डग्गामार वाहन नजीबाबाद से मात्र 20 किलोमीटर दूर स्थित कोटावाली बॉर्डर तक प्रति यात्री 50 से 60 रुपये और जंगल के रास्ते हरिद्वार तक यात्रियों को पहुंचाने का प्रति यात्री 200 रुपये किराया वसूल रहे हैं।
विज्ञापन
नजीबाबाद/भागूवाला। उत्तराखंड सीमा पर स्थित नजीबाबाद तहसील के यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून और कोटद्वार जाने के लिए कष्ट भरे सफर के लिए विवश होना पड़ रहा है। 25 से 50 किलोमीटर का सफर तय करने में यात्री दो प्रदेशों की परिवहन सेवाओं से सफर कर रहे हैं।
कोविड-19 दौर के चलते परिवहन सेवाएं मात्र अपने-अपने प्रदेश तक सीमित हैं। जनपद बिजनौर से उत्तराखंड की सीमा जुड़ी है। अधिकांश कारोबारी उत्तराखंड के कोटद्वार, हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी में कारोबार करते हैं। नजीबाबाद से हरिद्वार और कोटद्वार दिशा में जाने वाले यात्रियों को मात्र 15 से 25 किलोमीटर के फासले पर दूसरे प्रदेश में प्रवेश के लिए रोडवेज बसें बदलनी पड़ रही हैं। नजीबाबाद डिपो के स्टेशन इंचार्ज भाईलाल के अनुसार नजीबाबाद डिपो की बसें उत्तराखंड की सीमा कोटावाली बॉर्डर तक ही संचालित हो रही हैं। चिड़ियापुर से हरिद्वार, देहरादून के लिए उत्तराखंड की बसें संचालित होती हैं। बसों के इंतजार में बॉर्डर पर घंटों यात्री खड़े रहते हैं। उधर कोटद्वार दिशा के यात्रियों के लिए यूपी के जाफराबाद बॉर्डर तक बसों का संचालन है। यूपी के कौशांबी से गाजियाबाद-मेरठ होते हुए कोटद्वार (उत्तराखंड) जाने वाले यात्रियों को उत्तराखंड में प्रवेश के लिए जाफराबाद बॉर्डर पर बस बदलनी पड़ रही है। क्षेत्रीय दैनिक यात्रियों और कारोबारियों ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच जल्द परिवहन सेवाओं पर लगाया प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
विज्ञापन
उत्तराखंड के यात्रियों को मिल रही सुविधा
नजीबाबाद। लखनऊ-बरेली दिशा में जाने वाली नजीबाबाद डिपो की बसों को उत्तराखंड के यात्रियों की सुविधा के लिए नजीबाबाद से पहले उत्तराखंड के कौड़िया बॉर्डर तक भेजा जाता है। वापसी में भी रोडवेज बसें लखनऊ-बरेली दिशा से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों को उत्तराखंड बॉर्डर तक छोड़ती हैं।
विज्ञापन
डग्गामार वाहन वसूल रहे मनमाना किराया
नजीबाबाद। नजीबाबाद से हरिद्वार और कोटद्वार के बीच चलने वाले डग्गामार वाहन नजीबाबाद से मात्र 20 किलोमीटर दूर स्थित कोटावाली बॉर्डर तक प्रति यात्री 50 से 60 रुपये और जंगल के रास्ते हरिद्वार तक यात्रियों को पहुंचाने का प्रति यात्री 200 रुपये किराया वसूल रहे हैं।

नजीबाबाद डिपो से हरिद्वार के लिए रवाना होतीं बसें।- फोटो : NAZIBABAD