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सिख छात्रों के पगड़ी बांधने पर पाबंदी
अमर उजाला बिजनौर
Updated Tue, 05 Jul 2016 11:20 PM IST
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प्रतिबंध के विरोध में ख्रीस्त जयंती स्कूल बड़िया पहुंचे सिख।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में मिशनरी शिक्षण संस्था के प्रबंधन ने तुगलकी फरमान जारी कर सिख छात्रों को स्कूल में दस्तार (पगड़ी) बांधकर आने पर पाबंदी लगा दी। स्कूल प्रबंधन के इस निर्णय से सिख समाज में आक्रोश फैल गया।
विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन को बैकफुट पर आना पड़ा। प्रधानाचार्य ने ड्रेस कोड के तहत सफेद रंग की दस्तार बांधने और कृपाण धारण करने की छात्रों को इजाजत दे दी, जिसके बाद सिखों का गुस्सा शांत हुआ।
ग्राम बड़िया स्थित ख्रीस्त जयंती स्कूल में मंगलवार की सुबह दस्तार (पगड़ी) बांधकर पहुंचे सिख छात्रों को स्कूल से बाहर कर दिया गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रों को पगड़ी बांधने और कृपाण धारण करने से रोकने का फरमान जारी करने पर विवाद उत्पन्न हो गया। छात्रों की सूचना पर ग्रामीण एकत्र हो गए।
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स्कूल प्रबंधन ने काफी देर तक अभिभावकों एवं ग्रामीणों से मुलाकात नहीं की। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर बाद ग्राम प्रधान अवतार सिंह सैनी, सतीश कुमार, पूर्व प्रधान दलवीर सिंह, डॉ.नरेंद्रपाल सिंह संधू से प्रधानाचार्या सिस्टर शीबा ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानाचार्या को बताया कि दस्तार और कृपाण दो महत्वपूर्ण धार्मिक सिंबल है।
सिखों की नाराजगी को देखते हुए बैकफुट पर आईं प्रधानाचार्या ने कहा कि उन्हें छात्रों के दस्तार बांधने और कृपाण पहनने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन छात्रों को ड्रेस कोड का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सिख छात्रों द्वारा सफेद कपड़े की दस्तार बांधने व कृपाण पहनने की अनुमति दे दी।
इस मौके पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा बड़िया के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह, पूर्व प्रधान साहब सिंह, शीशा सिंह, सरबजीत सैनी, निर्मल सिंह, जगदेव सिंह, जसपाल सिंह, जसवंत सिंह, संदीप सिंह, सैंडी रंधावा, हरदीप ढिल्लो आदि रहे।
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विरोध के बाद स्कूल प्रबंधन को बैकफुट पर आना पड़ा। प्रधानाचार्य ने ड्रेस कोड के तहत सफेद रंग की दस्तार बांधने और कृपाण धारण करने की छात्रों को इजाजत दे दी, जिसके बाद सिखों का गुस्सा शांत हुआ।
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ग्राम बड़िया स्थित ख्रीस्त जयंती स्कूल में मंगलवार की सुबह दस्तार (पगड़ी) बांधकर पहुंचे सिख छात्रों को स्कूल से बाहर कर दिया गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्रों को पगड़ी बांधने और कृपाण धारण करने से रोकने का फरमान जारी करने पर विवाद उत्पन्न हो गया। छात्रों की सूचना पर ग्रामीण एकत्र हो गए।
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स्कूल प्रबंधन ने काफी देर तक अभिभावकों एवं ग्रामीणों से मुलाकात नहीं की। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर बाद ग्राम प्रधान अवतार सिंह सैनी, सतीश कुमार, पूर्व प्रधान दलवीर सिंह, डॉ.नरेंद्रपाल सिंह संधू से प्रधानाचार्या सिस्टर शीबा ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानाचार्या को बताया कि दस्तार और कृपाण दो महत्वपूर्ण धार्मिक सिंबल है।
सिखों की नाराजगी को देखते हुए बैकफुट पर आईं प्रधानाचार्या ने कहा कि उन्हें छात्रों के दस्तार बांधने और कृपाण पहनने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन छात्रों को ड्रेस कोड का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सिख छात्रों द्वारा सफेद कपड़े की दस्तार बांधने व कृपाण पहनने की अनुमति दे दी।
इस मौके पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा बड़िया के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मंजीत सिंह, पूर्व प्रधान साहब सिंह, शीशा सिंह, सरबजीत सैनी, निर्मल सिंह, जगदेव सिंह, जसपाल सिंह, जसवंत सिंह, संदीप सिंह, सैंडी रंधावा, हरदीप ढिल्लो आदि रहे।