फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Paddy cheaper, no effect on rice price

धान सस्ता, चावल के दाम पर असर नहीं

Thu, 01 Oct 2020 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
Paddy cheaper, no effect on rice price
धान सस्ता, चावल के दाम पर असर नहीं
विज्ञापन

बिजनौर। धान की कीमत कम होने का व्यापारियों के पास भी कोई जवाब नहीं है। धान की फसल के दाम केवल नई फसल के दाम पर कम किए जा रहे हैं। जबकि चावल के दाम पिछले साल से कम नहीं हैं। बृहस्पतिवार से धान खरीद के सरकारी केंद्रों पर खरीदारी शुरू हो जाएगी। इससे धान के दाम बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि वहां पर भी केवल मोटा धान ही खरीदा जाएगा।
कोरोना काल मेें लगाए गए लॉक डाउन से किसानों को फसलों के दाम उचित नहीं मिले। सब्जी आढ़त पर सस्ती और फुटकर में महंगी बिकी। सरकार द्वारा राशन बांटे जाने से गेहूं के दाम तो कम हो गए, लेकिन चावल के दाम पहले की ही तरह रहे। अब धान की कीमत अचानक से बहुत कम कर दी गई है। धान की कीमत सरकारी कीमतों से बहुत कम मिल रही हैं। इसके बारे में कोई अफसर या नेता कुछ भी करने या कहने को तैयार नहीं है। जबकि चावल के दाम पिछले साल के हिसाब से कम नहीं हुए हैं। ऐसे में धान की फसल के रेट कम होने का कोई तुक नजर नहीं आता है। हालांकि कुछ व्यापारी कह रहे हैं कि नई फसल आई है। शुरूआत में नई फसल के दाम गिरे हुए ही रहते हैं। लेकिन व्यापारियों का यह फॉर्मूला केवल फसलों पर ही लागू होता है। कभी कभी कम संख्या में आया एक स्मार्ट फोन कीमत से अधिक रुपये में बिक जाता है। इस पर कभी कोई कुछ नहीं करता है।
विज्ञापन

ये हैं चावल और धान की फसल के रेट
बाजार में शरबती चावल 35 रुपये, मोटा चावल 30 रुपये व बासमती चावल 70 से 75 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। एक अन्य प्रजाति आईआर 8 चावल 20 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। लॉक डाउन का चावलों की कीमत पर कोई असर नहीं पड़ा है। जबकि मोटे धान का सरकारी रेट 1868 व इससे कुछ अच्छे चावल का दाम 1888 रुपये प्रति क्विंटल है। बाजार में मोटा धान 1100 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। पिछले साल बाजार में शरबती के दाम 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल थे। इस बार शरबती के दाम 1500 से 1525 रुपये प्रति क्विंटल तक हैं। पूसा बासमती 1509 के दाम 1800 रुपये प्रति क्विंटल हैं। ये दाम भी सरकारी दाम से बहुत कम हैं। पिछले साल इसके दाम 2500 से तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक थे। व्यापारी नेता सुशील जिंदल का कहना है कि नई फसल के अक्सर कम दाम मिलते हैं। चावलों के दाम पिछले साल के बराबर ही हैं। अभी जिला मुख्यालय पर धान नहीं आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फसल के न्यूनतम मूल्य की गारंटी दे सरकार
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह के अनुसार किसानों के साथ नई फसल के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। जब किसी कंपनी का उत्पाद कंपनी द्वारा निर्धारित रेट से कम पर नहीं बिक सकता है तो किसान की फसल सरकारी रेट से कम पर कैसे बिक रही है। क्या किसान ही देश का सबसे कमजोर वर्ग है। सरकार हर हाल में किसानों को न्यूनतम मूल्य पर फसल बिकने की गारंटी दे। जब तक ऐसा नहीं होगा किसान की माली हालत नहीं सुधरेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed