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Bijnor News: 100 से अधिक वॉलिंटियर्स होली जुलूस की करेंगे निगरानी
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धामपुर। आदर्श होली हवन समिति की ओर से चार मार्च को दुल्हैंडी का जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें शांति व्यवस्था को बनाने के लिए समिति की ओर से करीब 100 से अधिक वॉलिंटियरों को नियुक्त किया गया है। उन्हें जुलूस की पूरी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वॉलिंटियर्स जुलूस के शुरू होने और संपन्न होने के बाद तक अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे। हालांकि शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासनिक भी पूरी तरह से मुस्तैद रहता है।
आदर्श होली हवन समिति के संरक्षक डॉ. शंकर लाल शर्मा ने बताया कि धामपुर की होली का इतिहास उनकी याद से पुराना है लेकिन मान्यता है कि धामपुर की होली उत्तरी भारत की बरसाना, ब्रज और वृंदावन की होली के बाद अपना विशेष स्थान रखती हैं। होली में बड़ी संख्या में सभी जाति धर्मों के लोग सहभागिता करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जब समिति की ओर से होली की पूर्व संध्या पर छोटा और दुल्हैंडी पर गीले रंग का भव्य जुलूस निकाला जाता है, तब शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी समिति अपने कंधों पर लेती है। सभी वॉलिंटियरों को प्रशिक्षण देकर पारंगत कर दिया जाता है। कम से कम 100 से अधिक वॉलिंटियर जुलूस में शामिल रहेंगे। सभी के पास समिति की ओर से परिचय पत्र दिया जाएगा, जिस पर उनका नाम, पिता का नाम और फोटो लगा होता है। इसे वह अपने गले में डाले रखेंगे।
मतभेदों को खत्म करने का मिलता है मौका : प्रमोद मिश्रा
संरक्षक प्रमोद मिश्रा का कहना है कि सभी को होली का त्योहार सभी को आपसी भाईचारे के रूप में मनाना चाहिए। लोगों के आपसी मतभेदों को दूर करने का एक होने का पर्व ही प्रमुख माध्यम होते हैं। ऐसे में लोगों को अपने सभी मतभेदों भुलाकर कर एक होने का अवसर मिलता है।
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बच्चों के साथ सकारात्मक व्यवहार की जरूरत : सत्यराज सिंह
अक्षर संस्था के संयोजक सत्यराज सिंह का कहना है कि होली का त्योहार पर किसी को बुरा नहीं मानना चाहिए। बुजुर्ग लोगों को होली के त्योहार पर बच्चों के साथ सकारात्मक व्यवहार करना चाहिए। रंग पड़ भी जाए तो बुरा न मानें। उन्हें यह समझना चाहिए कि जब उनका बालपन था तो वह भी ऐसे ही रंग बरसाते थे। तो उनके बड़े भी उन्हें इसी प्रकार से डांटते थे। लेकिन बालपन है कि मानता ही नहीं। बालपन को मनाने के लिए उनके साथ सकारात्मक सोच के साथ दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
समिति संरक्षक पालिकाध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह का कहना है कि पिछले दिनों समिति के कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। होली के पर्व को परंपरागत तरीके से भव्यता के साथ मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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आदर्श होली हवन समिति के संरक्षक डॉ. शंकर लाल शर्मा ने बताया कि धामपुर की होली का इतिहास उनकी याद से पुराना है लेकिन मान्यता है कि धामपुर की होली उत्तरी भारत की बरसाना, ब्रज और वृंदावन की होली के बाद अपना विशेष स्थान रखती हैं। होली में बड़ी संख्या में सभी जाति धर्मों के लोग सहभागिता करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जब समिति की ओर से होली की पूर्व संध्या पर छोटा और दुल्हैंडी पर गीले रंग का भव्य जुलूस निकाला जाता है, तब शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी समिति अपने कंधों पर लेती है। सभी वॉलिंटियरों को प्रशिक्षण देकर पारंगत कर दिया जाता है। कम से कम 100 से अधिक वॉलिंटियर जुलूस में शामिल रहेंगे। सभी के पास समिति की ओर से परिचय पत्र दिया जाएगा, जिस पर उनका नाम, पिता का नाम और फोटो लगा होता है। इसे वह अपने गले में डाले रखेंगे।
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मतभेदों को खत्म करने का मिलता है मौका : प्रमोद मिश्रा
संरक्षक प्रमोद मिश्रा का कहना है कि सभी को होली का त्योहार सभी को आपसी भाईचारे के रूप में मनाना चाहिए। लोगों के आपसी मतभेदों को दूर करने का एक होने का पर्व ही प्रमुख माध्यम होते हैं। ऐसे में लोगों को अपने सभी मतभेदों भुलाकर कर एक होने का अवसर मिलता है।
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बच्चों के साथ सकारात्मक व्यवहार की जरूरत : सत्यराज सिंह
अक्षर संस्था के संयोजक सत्यराज सिंह का कहना है कि होली का त्योहार पर किसी को बुरा नहीं मानना चाहिए। बुजुर्ग लोगों को होली के त्योहार पर बच्चों के साथ सकारात्मक व्यवहार करना चाहिए। रंग पड़ भी जाए तो बुरा न मानें। उन्हें यह समझना चाहिए कि जब उनका बालपन था तो वह भी ऐसे ही रंग बरसाते थे। तो उनके बड़े भी उन्हें इसी प्रकार से डांटते थे। लेकिन बालपन है कि मानता ही नहीं। बालपन को मनाने के लिए उनके साथ सकारात्मक सोच के साथ दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
समिति संरक्षक पालिकाध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह का कहना है कि पिछले दिनों समिति के कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। होली के पर्व को परंपरागत तरीके से भव्यता के साथ मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।