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अमन का पैगाम देता हिंदुस्तान हमारा...
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अमन का पैगाम देता हिंदुस्तान हमारा...
नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की ओर से साहित्यकार दुष्यंत त्यागी की पुण्यतिथि पर काव्य संध्या और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के संस्थापक प्रदीप डेजी के आवास पर आयोजित काव्य संध्या में मुख्य अतिथि पूर्व डीजीसी हरपाल सिंह एडवोकेट ने गजल सम्राट दुष्यंत कुमार को महान साहित्यकार एवं समाज चिंतक बताया। प्रदीप डेजी के संचालन में मंजू मधुर की सरस्वती वंदना से काव्य संध्या का शुभारंभ हुआ। जितेंद्र जैन की रचना बुझते हुए चिरागों की लौ से पूछिए.., कुमुद कुमार की रचना अमन का पैगाम देता हिंदुस्तान हमारा.., निशा अग्रवाल की रचना जी करता है विषपायी बन सारी पीड़ाएं हर लूं.., प्रमोद शर्मा प्रेम की रचना मैं रिश्ते निभाने को गर्दन झुकाता रहा.., प्रदीप डेजी की रचना जो तेरे होठ पर देखी वही मुस्कान काफी है.., सतेंद्र गुप्ता की रचना मेले की मुलाकात, मुलाकात नहीं होती.., प्रेमलता वैश्य की रचना क्यों हमेशा जलाई गईं नारियां/अगर हो सबल तो बचा लो नारियां पसंद की गई।
विशिष्ट अतिथि साहित्यकार शिव कुमार कुकरेती की उपस्थिति में आयोजित काव्य संध्या में बाल कवयित्री अंजली मिश्रा को सम्मानित किया गया। काव्य संध्या में प्रेम कुमार सडाना, अजय जौहरी, बेगराज यादव, नीरज सिंघल, मंजू मधुर, नानक देव, जयप्रकाश जौली ने भी काव्य पाठ किया। काव्य संध्या में शिवकुमार माहेश्वरी, एसपी तिवारी, राजकुमार, अखिल अग्रवाल, उमापति गर्ग, सुमन वर्मा, संजीव माहेश्वरी, पंकज माहेश्वरी, संजीव ग्रोवर, डॉक्टर अरुण गुप्ता, देवराज सिंह, रमेश वर्मा, अशोक अग्रवाल, रवि सराफ उपस्थित रहे।
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नजीबाबाद। अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था की ओर से साहित्यकार दुष्यंत त्यागी की पुण्यतिथि पर काव्य संध्या और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था के संस्थापक प्रदीप डेजी के आवास पर आयोजित काव्य संध्या में मुख्य अतिथि पूर्व डीजीसी हरपाल सिंह एडवोकेट ने गजल सम्राट दुष्यंत कुमार को महान साहित्यकार एवं समाज चिंतक बताया। प्रदीप डेजी के संचालन में मंजू मधुर की सरस्वती वंदना से काव्य संध्या का शुभारंभ हुआ। जितेंद्र जैन की रचना बुझते हुए चिरागों की लौ से पूछिए.., कुमुद कुमार की रचना अमन का पैगाम देता हिंदुस्तान हमारा.., निशा अग्रवाल की रचना जी करता है विषपायी बन सारी पीड़ाएं हर लूं.., प्रमोद शर्मा प्रेम की रचना मैं रिश्ते निभाने को गर्दन झुकाता रहा.., प्रदीप डेजी की रचना जो तेरे होठ पर देखी वही मुस्कान काफी है.., सतेंद्र गुप्ता की रचना मेले की मुलाकात, मुलाकात नहीं होती.., प्रेमलता वैश्य की रचना क्यों हमेशा जलाई गईं नारियां/अगर हो सबल तो बचा लो नारियां पसंद की गई।
विशिष्ट अतिथि साहित्यकार शिव कुमार कुकरेती की उपस्थिति में आयोजित काव्य संध्या में बाल कवयित्री अंजली मिश्रा को सम्मानित किया गया। काव्य संध्या में प्रेम कुमार सडाना, अजय जौहरी, बेगराज यादव, नीरज सिंघल, मंजू मधुर, नानक देव, जयप्रकाश जौली ने भी काव्य पाठ किया। काव्य संध्या में शिवकुमार माहेश्वरी, एसपी तिवारी, राजकुमार, अखिल अग्रवाल, उमापति गर्ग, सुमन वर्मा, संजीव माहेश्वरी, पंकज माहेश्वरी, संजीव ग्रोवर, डॉक्टर अरुण गुप्ता, देवराज सिंह, रमेश वर्मा, अशोक अग्रवाल, रवि सराफ उपस्थित रहे।
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