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पशुओं की मौत पर क्षतिपूर्ति देने के आदेश
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पशुओं की मौत पर क्षतिपूर्ति देने के आदेश
बिजनौर। स्थायी लोक अदालत ने विद्युत निगम की लापरवाही के कारण करंट लगने से एक मजदूर की दो भैंसों और एक कटरे की मौत के मामले में विद्युत निगम पर एक लाख 15 हजार रुपये की क्षति पूर्ति अदा करने का आदेश दिया है।
धामपुर तहसील के गांव नसीरपुर बनवारी निवासी चेतन सिंह ने स्थायी लोक अदालत में दाखिल याचिका में कहा था कि वह मेहनत मजदूरी करके भैंस और कटरे पालकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसके गांव में खेत के पास चकरोड़ में 11 हजार रुपये की विद्युत लाइन पर नंगे और जर्जर तार लटके हुए थे। कई बार इस मामले की शिकायत विद्युत निगम से की गई, लेकिन विद्युत विभाग ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की। 27 सितंबर 2018 को उसकी पत्नी सरोज देवी शाम के करीब चार बजे अपने पशुओं को चराने के लिए खेत पर ले जा रही थी। तब रास्ते में 11 हजार वोल्टेज क्षमता की लाइन के तार चकरोड पर टूटे पड़े थे, जिनमें करंट आ रहा था।
चकरोड से उसके पशु निकले तो दो भैंसें और एक भैंसा करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। इस मामले में विद्युत निगम का कहना था कि किसी पक्षी के टकराने से बर्स्ट हो गया था और एक तार टूटकर नीचे गिर गया था। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष एससी राणा एवं सदस्य राजीव कुमार द्वारा दिए गए निर्णय में दो भैंस और कटरे की मौत के लिए विद्युत निगम को जिम्मेदार माना गया और क्षति पूर्ति के रूप में एक लाख 15 हजार रुपये चेतन सिंह को अदा करने के आदेश दिए।
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बिजनौर। स्थायी लोक अदालत ने विद्युत निगम की लापरवाही के कारण करंट लगने से एक मजदूर की दो भैंसों और एक कटरे की मौत के मामले में विद्युत निगम पर एक लाख 15 हजार रुपये की क्षति पूर्ति अदा करने का आदेश दिया है।
धामपुर तहसील के गांव नसीरपुर बनवारी निवासी चेतन सिंह ने स्थायी लोक अदालत में दाखिल याचिका में कहा था कि वह मेहनत मजदूरी करके भैंस और कटरे पालकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। उसके गांव में खेत के पास चकरोड़ में 11 हजार रुपये की विद्युत लाइन पर नंगे और जर्जर तार लटके हुए थे। कई बार इस मामले की शिकायत विद्युत निगम से की गई, लेकिन विद्युत विभाग ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की। 27 सितंबर 2018 को उसकी पत्नी सरोज देवी शाम के करीब चार बजे अपने पशुओं को चराने के लिए खेत पर ले जा रही थी। तब रास्ते में 11 हजार वोल्टेज क्षमता की लाइन के तार चकरोड पर टूटे पड़े थे, जिनमें करंट आ रहा था।
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चकरोड से उसके पशु निकले तो दो भैंसें और एक भैंसा करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। इस मामले में विद्युत निगम का कहना था कि किसी पक्षी के टकराने से बर्स्ट हो गया था और एक तार टूटकर नीचे गिर गया था। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष एससी राणा एवं सदस्य राजीव कुमार द्वारा दिए गए निर्णय में दो भैंस और कटरे की मौत के लिए विद्युत निगम को जिम्मेदार माना गया और क्षति पूर्ति के रूप में एक लाख 15 हजार रुपये चेतन सिंह को अदा करने के आदेश दिए।
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