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दलितों के उत्पीड़न के विरोध में प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 15 Aug 2016 12:46 AM IST
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बिजनौर में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते एससी-एसटी जागृति महासंघ के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनजागृति महासंघ ने दलितों पर उत्पीड़न के विरोध में प्रदर्शन कर रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अनुज कुमार को सौंपा।
महासंघ के बैनरतले समाज के लोग रेलवे स्टेशन के पास एकत्र हुए। संगठन के जिलाध्यक्ष रामनाथ सिंह व महामंत्री चंद्रहास के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए संघ के सदस्यों ने रैली निकाली। रैली शास्त्री चौक, सिविल लाइंस, मुख्य डाकघर, रोडवेज से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। एसडीएम को दिए ज्ञापन में अवगत कराया गया कि संविधान में सभी को समानता से रहने का अधिकार दिया गया है। हालांकि आज दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अब समाज को अपनी सोच बदलनी होगी। दलितों का उत्पीड़न करने वालों पर रासुका लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में अनुसूचित जाति/जनजाति पर अत्याचार रोकने, न्यायपालिका में आरक्षण देने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने, मिड-डे मील व्यवस्था बंद कराने व सभी समाज के बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराने, प्राथमिक विद्यालयों में पुस्तकें उपलब्ध कराने, छात्रवृत्ति दिलाने, बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
इस मौके पर संविदाकर्मियों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा दिलाने की मांग की गई। इस दौरान तेजपाल, रामप्रसाद, विक्की, शिवराज, मदनपाल, गंगाराम सिंह, देशराज भूईयार, चंद्रो देवी, सुकरमा आदि मौजूद रहे।
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महासंघ के बैनरतले समाज के लोग रेलवे स्टेशन के पास एकत्र हुए। संगठन के जिलाध्यक्ष रामनाथ सिंह व महामंत्री चंद्रहास के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए संघ के सदस्यों ने रैली निकाली। रैली शास्त्री चौक, सिविल लाइंस, मुख्य डाकघर, रोडवेज से होते हुए कलक्ट्रेट पहुंची। एसडीएम को दिए ज्ञापन में अवगत कराया गया कि संविधान में सभी को समानता से रहने का अधिकार दिया गया है। हालांकि आज दलितों का उत्पीड़न किया जा रहा है। अब समाज को अपनी सोच बदलनी होगी। दलितों का उत्पीड़न करने वालों पर रासुका लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में अनुसूचित जाति/जनजाति पर अत्याचार रोकने, न्यायपालिका में आरक्षण देने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने, मिड-डे मील व्यवस्था बंद कराने व सभी समाज के बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराने, प्राथमिक विद्यालयों में पुस्तकें उपलब्ध कराने, छात्रवृत्ति दिलाने, बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
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इस मौके पर संविदाकर्मियों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा दिलाने की मांग की गई। इस दौरान तेजपाल, रामप्रसाद, विक्की, शिवराज, मदनपाल, गंगाराम सिंह, देशराज भूईयार, चंद्रो देवी, सुकरमा आदि मौजूद रहे।
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