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माकपा ने किया प्रदर्शन, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
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नजीबाबाद में तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को ज्ञापन सौंपते माकपा नेता।
- फोटो : NAZIBABAD
केंद्र की नीतियों का विरोध, माकपा ने किया प्रदर्शन
नजीबाबाद। माकपा ने राष्ट्रीय आह्वान पर विरोध दिवस मनाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। माकपा ने सरकार पर श्रमिक और आमजन के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने देश में बढ़ती बेेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया। माकपा नेता रामपाल सिंह, विजय शर्मा एड., खुर्शीद शेख, सुरेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को सौंपा। माकपा ने कोविड-19 महामारी के दौरान देश में लाखों लोगों के बेरोजगार होने पर चिंता व्यक्त करते हुए आयकर सीमा से बाहर के लोगों को छह माह तक 7500 रुपये उनके खातों में भेजने, मनरेगा में 200 दिनों का काम देने, 10 किग्रा अनाज के बराबर भत्ता श्रमिकों और जरूरतमंदों को मुफ्त देने की मांग की। माकपा ने बिजली संकट पर भी चिंता व्यक्त की तथा किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में इसरार अहमद, मो. उस्मान सहित कई माकपाई शामिल थे। उधर नांगलसोती के माकपा नेता विजेंद्र सिंहा के नेतृत्व में ऑनलाइन ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा गया, जिसमें श्रमिकों और आम नागरिकों के आर्थिक संकट के साथ केंद्र सरकार से श्रम कानून और धार्मिक एजेंडा में तत्काल बदलाव की मांग की गई।
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नजीबाबाद। माकपा ने राष्ट्रीय आह्वान पर विरोध दिवस मनाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। माकपा ने सरकार पर श्रमिक और आमजन के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने देश में बढ़ती बेेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया। माकपा नेता रामपाल सिंह, विजय शर्मा एड., खुर्शीद शेख, सुरेश गुप्ता के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को सौंपा। माकपा ने कोविड-19 महामारी के दौरान देश में लाखों लोगों के बेरोजगार होने पर चिंता व्यक्त करते हुए आयकर सीमा से बाहर के लोगों को छह माह तक 7500 रुपये उनके खातों में भेजने, मनरेगा में 200 दिनों का काम देने, 10 किग्रा अनाज के बराबर भत्ता श्रमिकों और जरूरतमंदों को मुफ्त देने की मांग की। माकपा ने बिजली संकट पर भी चिंता व्यक्त की तथा किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में इसरार अहमद, मो. उस्मान सहित कई माकपाई शामिल थे। उधर नांगलसोती के माकपा नेता विजेंद्र सिंहा के नेतृत्व में ऑनलाइन ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा गया, जिसमें श्रमिकों और आम नागरिकों के आर्थिक संकट के साथ केंद्र सरकार से श्रम कानून और धार्मिक एजेंडा में तत्काल बदलाव की मांग की गई।
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