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मौलाना की गिरफ्तारी का होगा विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:13 AM IST
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बिजनौर में जामा मजिस्द में मुस्लिमों की बैठक में जमा भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिमों की बैठक में उनके समर्थकों ने मौलाना अनवारूल हक को निर्दोष बताया। वायरल हुई वीडियो को साजिश बताया। इस साजिश मेें शामिल लोगों के खिलाफ तल्ख तेवर दिखाते हुए मुस्लिमों ने नाराजगी जताई। मुस्लिमों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसपी सिटी एमएम बेग को सौंपा।
चाहशीरी स्थित जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद आयोजित बैठक में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब ने कहा कि अनवारूल हक की गिरफ्तारी हुई तो उनके समर्थन में मुस्लिम समाज के लोग जेल जाने को तैयार हैं। पुलिस पहले इमाम की दाढ़ी पकड़ने वालों को गिरफ्तार करे। नफीस अहमद कुरैशी ने वीडियो को फर्जी बताया। ई-रिक्शा यूनियन के मंत्री नानकचंद खेड़ा ने एसपी के विरुद्ध तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि पुलिस अनवारूल हक के पीछे पड़ी है। अनवारूल हक के समर्थन में जिले के हजारों ई-रिक्शा चालक एक हैं। शिक्षक सआदत हुसैन ने कहा कि टेक्नालॉजी के दौर में किसी के भी शरीर पर किसी का भी चेहरा लगाया जा सकता है। आरिफ कुरैशी ने कहा कि साजिश करने वाले जल्द बेनकाब होंगे। सपा जिला महासचिव महबूब कुरैशी ने जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की। अनवारूल हक दिए बयान की माफी मांग ली है। यह मामला खत्म होना चाहिए। पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने कहा कि अगर कोई मस्जिद में जूते पहनकर आया तो उसका विरोध होना चाहिए था। बैठक करीब छह बजे खत्म हुई। कारी अब्दुल हन्नान, मौलाना शरीफ, मौलाना हसीनुद्दीन, हाजी दानिश, मौलाना इदरीस, फुरकान, दानिश आदि मौजूद रहे।
बेटी को बदचलन बताया
बैठक में लाई गई दुष्कर्म पीड़िता की मां ने अपनी बेटी को बदचलन कहा। उसने कहा कि उसकी बेटी ने अब तक तीन निकाह किए हैं और किसी भी पति को तलाक नहीं दिया है। वह अब भी बिना निकाह किए चौथे युवक के साथ रह रही है। महिला के दूसरे पति ने भी उसको चरित्रहीन। मामले में चश्मदीद के भाई असरफ ने अपने भाई को ही सबसे बड़ा दुष्कर्मी बताया। अनवारूल हक को निर्दोष बताते हुए मुस्लिमों ने जुमे की नमाज पढ़ते समय बांहों पर काली पट्टी बांधी। छोटे बच्चे भी हाथों पर काली पट्टी बांधे रहे। इससे पहले, अनवारूल के समर्थकों ने बैठक में 15 हजार से अधिक मुसलमानों के आने का दावा किया था। हालांकि भीड़ जुमे की नमाज पढ़ने वाले दिनों की तरह ही सामान्य रही। चाहशीरी का पूरा बाजार भी खुला रहा।
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अफसरों पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप
जामा मस्जिद के इमाम अनवारूल हक के समर्थन में बुलाई गई उलेमा की प्रेस कांफ्रेंस में अधिकारियों पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया। चाहशीरी में आयोजित प्रेस वार्ता में देवबंद के उलेमा मुफ्ती वजाहत कासमी ने कहा कि अनवारूल हक की वीडियो प्रीप्लांड बनाई गई है। सड़क की भी वीडियो बनाया जाना इसका सबूत है। उन्होंने कहा कि जितनी देर में दरवाजा खुलवाया गया, उतनी देर में कोई भी कपड़े पहन सकता था। उन्होंने अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा विधायक रुचि वीरा अनवारूल हक को इंसाफ दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जिले के अधिकारी किसी की नहीं सुन रहे हैं। मोहम्मद अली ने कहा कि अब अनवारूल हक को इंसाफ दिलाने की लड़ाई को लखनऊ और जरूरत पड़ने पर दिल्ली ले जाया जाएगा। उनसे किसी भी सूरत में नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब ने कहा कि पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। सच सबके सामने आना चाहिए। पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने कहा कि वे किसी भी बेगुनाह के साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे। इस दौरान अनेक उलेमा मौजूद रहे।
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चाहशीरी स्थित जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद आयोजित बैठक में पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब ने कहा कि अनवारूल हक की गिरफ्तारी हुई तो उनके समर्थन में मुस्लिम समाज के लोग जेल जाने को तैयार हैं। पुलिस पहले इमाम की दाढ़ी पकड़ने वालों को गिरफ्तार करे। नफीस अहमद कुरैशी ने वीडियो को फर्जी बताया। ई-रिक्शा यूनियन के मंत्री नानकचंद खेड़ा ने एसपी के विरुद्ध तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि पुलिस अनवारूल हक के पीछे पड़ी है। अनवारूल हक के समर्थन में जिले के हजारों ई-रिक्शा चालक एक हैं। शिक्षक सआदत हुसैन ने कहा कि टेक्नालॉजी के दौर में किसी के भी शरीर पर किसी का भी चेहरा लगाया जा सकता है। आरिफ कुरैशी ने कहा कि साजिश करने वाले जल्द बेनकाब होंगे। सपा जिला महासचिव महबूब कुरैशी ने जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की। अनवारूल हक दिए बयान की माफी मांग ली है। यह मामला खत्म होना चाहिए। पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने कहा कि अगर कोई मस्जिद में जूते पहनकर आया तो उसका विरोध होना चाहिए था। बैठक करीब छह बजे खत्म हुई। कारी अब्दुल हन्नान, मौलाना शरीफ, मौलाना हसीनुद्दीन, हाजी दानिश, मौलाना इदरीस, फुरकान, दानिश आदि मौजूद रहे।
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बेटी को बदचलन बताया
बैठक में लाई गई दुष्कर्म पीड़िता की मां ने अपनी बेटी को बदचलन कहा। उसने कहा कि उसकी बेटी ने अब तक तीन निकाह किए हैं और किसी भी पति को तलाक नहीं दिया है। वह अब भी बिना निकाह किए चौथे युवक के साथ रह रही है। महिला के दूसरे पति ने भी उसको चरित्रहीन। मामले में चश्मदीद के भाई असरफ ने अपने भाई को ही सबसे बड़ा दुष्कर्मी बताया। अनवारूल हक को निर्दोष बताते हुए मुस्लिमों ने जुमे की नमाज पढ़ते समय बांहों पर काली पट्टी बांधी। छोटे बच्चे भी हाथों पर काली पट्टी बांधे रहे। इससे पहले, अनवारूल के समर्थकों ने बैठक में 15 हजार से अधिक मुसलमानों के आने का दावा किया था। हालांकि भीड़ जुमे की नमाज पढ़ने वाले दिनों की तरह ही सामान्य रही। चाहशीरी का पूरा बाजार भी खुला रहा।
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अफसरों पर एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप
जामा मस्जिद के इमाम अनवारूल हक के समर्थन में बुलाई गई उलेमा की प्रेस कांफ्रेंस में अधिकारियों पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाया। चाहशीरी में आयोजित प्रेस वार्ता में देवबंद के उलेमा मुफ्ती वजाहत कासमी ने कहा कि अनवारूल हक की वीडियो प्रीप्लांड बनाई गई है। सड़क की भी वीडियो बनाया जाना इसका सबूत है। उन्होंने कहा कि जितनी देर में दरवाजा खुलवाया गया, उतनी देर में कोई भी कपड़े पहन सकता था। उन्होंने अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा विधायक रुचि वीरा अनवारूल हक को इंसाफ दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जिले के अधिकारी किसी की नहीं सुन रहे हैं। मोहम्मद अली ने कहा कि अब अनवारूल हक को इंसाफ दिलाने की लड़ाई को लखनऊ और जरूरत पड़ने पर दिल्ली ले जाया जाएगा। उनसे किसी भी सूरत में नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। पूर्व चेयरमैन जावेद आफताब ने कहा कि पुलिस को इस मामले में निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। सच सबके सामने आना चाहिए। पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने कहा कि वे किसी भी बेगुनाह के साथ नाइंसाफी नहीं होने देंगे। इस दौरान अनेक उलेमा मौजूद रहे।