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निर्धारित स्लॉट से आधे आवेदक ही डीएल बनवाने को कर रहे आवेदन
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निर्धारित स्लॉट से आधे आवेदक ही डीएल बनवाने को कर रहे आवेदन
बिजनौर। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब हाथों हाथ टेस्ट की तारीख मिल रही है। शासन की ओर से तो रोजाना 300 लर्निंग लाइसेंस के लिए स्लॉट खुले हैं। इसके बावजूद संख्या के अनुरूप मात्र 125 से 150 के बीच ही आवेदक ही स्लॉट बुक कर एआरटीओ कार्यालय में टेस्ट देने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्रतिदिन परमानेंट डीएल बनवाने के लिए अभी शासन ने मात्र 36 स्लॉट ही खोल रखे हैं। कोरोना काल में दो माह के लिए डीएल बनाने पर रोक लगा दी गई थी। यह प्रतिबंध 21 जुलाई से ही हटाया गया है।
देशभर में कोरोना महामारी फैलने के कारण पिछले साल 24 मार्च से इस बार 20 जून तक शासन ने चार से पांच बार ड्राइविंग लाइसेंस बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इस दौरान डीएल की ऑनलाइन साइट लॉक कर दी गई थी। इस बार भी लर्निंग लाइसेंस के बनाने पर ही पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया, जबकि स्थायी डीएल बनाने का काम जारी रहा। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर 21 जून को शासन से फिर से लर्निंग डीएल वालों के लिए भी स्लॉट खोल दिए थे। शुरुआत में तो परिवहन विभाग की ओर से लर्निंग डीएल वालों के लिए रोजाना मात्र 150 स्लॉट ही अनलॉक किये गए थे, मगर स्थिति राहत की ओर बढ़ती देख फिर से इसे बढ़ाकर 300 स्लॉट खोले गए थे। तब से लेकर अब तक लक्ष्य के सापेक्ष लोग लाइसेंस बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन शिव शंकर सिंह के अनुसार कोरोना काल में लाइसेंस के अलावा ही अन्य कामकाज जारी रहे थे। उन्होंने बताया कि डीएल बनवाने के लिए लक्ष्य के आधे आवेदक ही स्लॉट बुक करने के बाद टेस्ट देने पहुंच रहे हैं। अब इस साइट पर अधिक लोड नहीं है। इस पर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर अपने डीएल बनवा सकते हैं।
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बिजनौर। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब हाथों हाथ टेस्ट की तारीख मिल रही है। शासन की ओर से तो रोजाना 300 लर्निंग लाइसेंस के लिए स्लॉट खुले हैं। इसके बावजूद संख्या के अनुरूप मात्र 125 से 150 के बीच ही आवेदक ही स्लॉट बुक कर एआरटीओ कार्यालय में टेस्ट देने पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्रतिदिन परमानेंट डीएल बनवाने के लिए अभी शासन ने मात्र 36 स्लॉट ही खोल रखे हैं। कोरोना काल में दो माह के लिए डीएल बनाने पर रोक लगा दी गई थी। यह प्रतिबंध 21 जुलाई से ही हटाया गया है।
देशभर में कोरोना महामारी फैलने के कारण पिछले साल 24 मार्च से इस बार 20 जून तक शासन ने चार से पांच बार ड्राइविंग लाइसेंस बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। इस दौरान डीएल की ऑनलाइन साइट लॉक कर दी गई थी। इस बार भी लर्निंग लाइसेंस के बनाने पर ही पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया, जबकि स्थायी डीएल बनाने का काम जारी रहा। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर 21 जून को शासन से फिर से लर्निंग डीएल वालों के लिए भी स्लॉट खोल दिए थे। शुरुआत में तो परिवहन विभाग की ओर से लर्निंग डीएल वालों के लिए रोजाना मात्र 150 स्लॉट ही अनलॉक किये गए थे, मगर स्थिति राहत की ओर बढ़ती देख फिर से इसे बढ़ाकर 300 स्लॉट खोले गए थे। तब से लेकर अब तक लक्ष्य के सापेक्ष लोग लाइसेंस बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। एआरटीओ प्रशासन शिव शंकर सिंह के अनुसार कोरोना काल में लाइसेंस के अलावा ही अन्य कामकाज जारी रहे थे। उन्होंने बताया कि डीएल बनवाने के लिए लक्ष्य के आधे आवेदक ही स्लॉट बुक करने के बाद टेस्ट देने पहुंच रहे हैं। अब इस साइट पर अधिक लोड नहीं है। इस पर आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर अपने डीएल बनवा सकते हैं।
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