फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   On the path of development, traditional industry faded away

Bijnor News: कागजों में घोषित, धरातल पर क्रियाशील नहीं एफआरयू

Thu, 07 Nov 2024 10:38 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 10:38 PM IST
विज्ञापन
On the path of development, traditional industry faded away
- क्षेत्र में ही लोगों को बेहतर इलाज के लिए घोषित की गई थीं फर्स्ट रेफरल यूनिट(एफआरयू)
विज्ञापन

- स्टाफ मिलने के बाद ही चालू हो पाएगी फर्स्ट रेफरल यूनिट
नंबर गेम
- 04 एफआरयू बिजनौर में घोषित की गई थी
- 05 विशेषज्ञ एक एफआरयू पर होने जरूरी हैं
- 50 मरीज रोजाना रेफर होकर मेडिकल अस्पताल आ रहे हैं
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। भले ही क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य देने का दावा किया जा रहा है। मगर, हकीकत इससे कहीं दूर है। जी हां, शासन ने जिले में चार एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) घोषित की थी। मगर, इनमें से केवल एक ही एफआरयू धरातल पर क्रियाशील है। तीन एफआरयू स्टाफ नहीं होने से कागजों में ही सिमटकर रह गई हैं।

क्षेत्र में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए 20 किलोमीटर के दायरे में एफआरयू घोषित की थी। धामपुर, नजीबाबाद सीएचसी साल 2018-19 और नगीना, स्याऊ सीएचसी को साल 2021 में एफआरयू घोषित किया था, लेकिन अभी केवल धामपुर सीएचसी ही क्रियाशील हुई है।
विज्ञापन

यहां सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही है। इसके अलावा किसी भी यूनिट पर मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। उन्हें मेडिकल अस्पताल के लिए ही रेफर किया जा रहा है। एक एफआरयू पर पांच विशेषज्ञों का होना जरूरी है, लेकिन चार यूनिट पर केवल दो-दो एमबीबीएस डॉक्टर ही कार्यरत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इमरजेंसी वाले मरीज किए जा रहे रेफर
एफआरयू आसपास के क्षेत्र के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए हैं। मगर, चिकित्सक नहीं होने से व्यवस्था ठप हो गई है। मेडिकल अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक चार एफआरयू से रोजाना करीब 50 मरीज मेडिकल अस्पताल रेफर किए जा रहे हैं।

एफआरयू पर चिकित्सकों का होना जरूरी
यूनिट पर पांच विशेषज्ञों का होना बहुत आवश्यक है। इनमें सर्जन, फीजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिक, महिला रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। इन चिकित्सकों के बिना यूनिट को सामान्य रूप से चलाना संभव नहीं है।

धामपुर में तैनात हैं ये चिकित्सक
धामपुर एफआरयू पर महिला रोग विशेषज्ञ सहित तीन चिकित्सक काम कर रहे हैं। डॉ. सविता को ईएमओसी (आपातकालीन प्रसूति देखभाल सेवाएं) प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके बाद वह गर्भवती महिलाओं की सर्जरी करने में सक्षम हैं। इसके अलावा डॉ. मानस चौहान को एलएसएएस (जीवन रक्षक एनेस्थीसिया कौशल) का प्रशिक्षण दिया गया है। डॉ. कृतिका संतोष गायनी हैं, जिससे धामपुर एफआरयू पर सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही है।


मानव संसाधनों की कमी से एफआरयू चालू नहीं हो पाई हैं। यूनिट का स्थलीय निरीक्षण कर जरूरतों को पूरा किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द से सभी एफआरयू क्रियाशील हो सकें। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed