{"_id":"58efc9264f1c1b791ecf76c9","slug":"on-the-day-of-closed-factories","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद पड़े कारखानों के दिन बहुरने की आस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद पड़े कारखानों के दिन बहुरने की आस
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 14 Apr 2017 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नजीबाबाद में कंबल फैक्ट्री नजीबाबाद के एक बार फिर दिन बहुरने की आस जागी है। प्रदेेश सरकार ने बंद पड़े कंबल कारखानों को पुनर्जीवित करने के खादी ग्रामोद्योग को निर्देश दिए हैं। लखनऊ से आई टीम ने नजीबाबाद के बंद पड़े कंबल कारखाने का निरीक्षण किया।
योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही बंद पड़े कारखानों को पुनर्जीवित करने के लिए खादी ग्रामोद्योग को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने तत्काल कंबल फैक्ट्रियों को पुनर्जीवित करने के लिए खादी ग्रामोद्योग को निर्देश दिए। निर्देश पर लखनऊ से आए खादी ग्रामोद्योग के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव एसके कक्कड़ ने खादी ग्रामोद्योग अधिकारियों के साथ नजीबाबाद में बंद पड़े कंबल कारखाने का बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया।
खादी ग्रामोद्योग शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी उमेंद्र चिकारा की उपस्थिति में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भदोही, मिर्जापुर, खजनी (गोरखपुर), गाजीपुर, जौनपुर, मुजफ्फरनगर, नजीबाबाद, टिकरमाफी (सुल्तानपुर) के कंबल कारखानों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि भदोही कंबल कारखाना शीघ्र काम करना शुरू कर देगा, जबकि नजीबाबाद सहित अन्य कारखानों को पुनर्जीवित करने के लिए शासन ने तत्काल रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
लखनऊ से आई टीम के प्रभारी एसके कक्कड़ ने बताया कि निरीक्षण में भवन की स्थिति पुन: कंबल कारखाना जीवित करने के लिए उस पर आने वाले खर्च के साथ सबसे अहम मुद्दा है क्षेत्र के लोगों को रोजगार मुहैया कराना। उन्होंने कहा कि यदि कंबल फैक्ट्री को पुन: स्थापित करने में बजट या अन्य चुनौतियां सामने आती हैं, तो खादी ग्रामोद्योग से संबंधित रोजगारपरख प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य औद्योगिक संस्थान खोलने का सरकार फैसला ले सकती है।
चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने बताया कि योगी सरकार ने स्पष्ट किया कि कंबल कारखानों को पुनर्जीवित करने का उद्देश्य कताई करने वाली महिलाओं, बुनकरों और आर्थिक रूप से कमजोरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने खादी ग्रामोद्योग की मुख्यमंत्री रोजगार योजना (ब्याज उपादान योजना) के माध्यम से भी रोजगार मुहैया कराने के लिए 10 लाख रुपये तक के लोन बिना ब्याज दिए जाने की योजना को प्रभावी बनाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना में केवल सामान्य वर्ग के लोगों को दिए गए ऋण पर मात्र चार प्रतिशत ब्याज लिया जाता है, अन्य सभी पर ब्याज माफ है।
विज्ञापन
योगी सरकार ने सत्ता संभालते ही बंद पड़े कारखानों को पुनर्जीवित करने के लिए खादी ग्रामोद्योग को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने तत्काल कंबल फैक्ट्रियों को पुनर्जीवित करने के लिए खादी ग्रामोद्योग को निर्देश दिए। निर्देश पर लखनऊ से आए खादी ग्रामोद्योग के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव एसके कक्कड़ ने खादी ग्रामोद्योग अधिकारियों के साथ नजीबाबाद में बंद पड़े कंबल कारखाने का बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया।
विज्ञापन
खादी ग्रामोद्योग शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रभारी उमेंद्र चिकारा की उपस्थिति में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने भदोही, मिर्जापुर, खजनी (गोरखपुर), गाजीपुर, जौनपुर, मुजफ्फरनगर, नजीबाबाद, टिकरमाफी (सुल्तानपुर) के कंबल कारखानों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि भदोही कंबल कारखाना शीघ्र काम करना शुरू कर देगा, जबकि नजीबाबाद सहित अन्य कारखानों को पुनर्जीवित करने के लिए शासन ने तत्काल रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन
लखनऊ से आई टीम के प्रभारी एसके कक्कड़ ने बताया कि निरीक्षण में भवन की स्थिति पुन: कंबल कारखाना जीवित करने के लिए उस पर आने वाले खर्च के साथ सबसे अहम मुद्दा है क्षेत्र के लोगों को रोजगार मुहैया कराना। उन्होंने कहा कि यदि कंबल फैक्ट्री को पुन: स्थापित करने में बजट या अन्य चुनौतियां सामने आती हैं, तो खादी ग्रामोद्योग से संबंधित रोजगारपरख प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य औद्योगिक संस्थान खोलने का सरकार फैसला ले सकती है।
चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ने बताया कि योगी सरकार ने स्पष्ट किया कि कंबल कारखानों को पुनर्जीवित करने का उद्देश्य कताई करने वाली महिलाओं, बुनकरों और आर्थिक रूप से कमजोरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने खादी ग्रामोद्योग की मुख्यमंत्री रोजगार योजना (ब्याज उपादान योजना) के माध्यम से भी रोजगार मुहैया कराने के लिए 10 लाख रुपये तक के लोन बिना ब्याज दिए जाने की योजना को प्रभावी बनाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना में केवल सामान्य वर्ग के लोगों को दिए गए ऋण पर मात्र चार प्रतिशत ब्याज लिया जाता है, अन्य सभी पर ब्याज माफ है।