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अधिकारियों ने किया बांधों का निरीक्षण
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सैडिल बांध पर बायलिंग प्रेशर नापते केन्द्रीय जल आयोग व उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारी।
- फोटो : DHAMPUR
अधिकारियों ने किया बांधों का निरीक्षण
कालागढ़ (बिजनौर)। ड्रिप पुनर्वसन और सुधार परियोजना के तहत केंद्रीय जल आयोग व उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैडिल बांध व पीली बांध का निरीक्षण कर किया गया। बांधों के रखरखाव के लिए नवीन उपकरण लगाने के अलावा अनेक सुझाव दिए गए।
उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित बांधों के निरीक्षण का काम जलशक्ति मंत्रालय व केंद्रीय जल आयोग नई दिल्ली व उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के अभियंताओं का पैनल कर रहा है। जनपद बिजनौर के अंतर्गत कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैडिल बांध व पीली बांध का निरीक्षण पैनल ने किया। निरीक्षण के दौरान रामगंगा बांध परियोजना के रखरखाव, बांधों तक आवागमन की सड़कों, बांधों के जलाशय, बांधों की दीवारों में लगें उपकरणों व बांधों के संचालन में लगे विभागीय अधिकारियों व कर्म चारियों के आवासों के रखरखाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया। रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि ड्रिप पुनर्वसन और सुधार परियोजना के तहत कालागढ़ के रामगंगा बांध व सैडिल बांध को आने जाने वाली सड़कों की मरम्मत कराने, बांधों के प्रेशर उपकरणों के अलावा अनेक पुराने उपकरणों को बदलने, बांध परियोजना के तकनीकी संचालन में लगे अधिकारियों व कर्मियों के 96 आवासों के रखरखाव, सैडिल बांध के स्पिलवे की मरम्मत, जलाशयों के लिए बनी सड़कों को सही कराने, बांध सुरक्षा चौकी पर सुरक्षा टावर लगाने, भूकंपवेधशाला को सही करने आदि विषयों को इसमें शामिल किया गया है। दूसरी ओर सीमा से लगे पीली बांध का निरीक्षण कर उसे पूरी क्षमता के साथ भरने की संस्तुति की गई। इसके लिए आवश्यक उपकरणों आदि को ठीक कराने व सभी गेटों को सही कराने को कहा गया। पैनल में चेयरमैन नरेंद्र कुमार, बांध सुरक्षा प्रकोष्ठ के निदेशक श्याम जी चौबे, केंद्रीय जल आयोग के उपनिदेशक ईजली इजैक, नित्यानंद राय, आरके गुप्ता, राकेश चंद्र शर्मा, सत्य प्रकाश सिंह व बांधों के अधिकारी मौजूद रहे।
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विश्व बैंक व राज्य सरकार से मिलेगी मदद
इंजीनियर नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि पैनल की रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जा रही है, जिसमें वित्तीय व्यवस्था 70 प्रतिशत विश्वबैंक से व 30 प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से की जाएगी।
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कालागढ़ (बिजनौर)। ड्रिप पुनर्वसन और सुधार परियोजना के तहत केंद्रीय जल आयोग व उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैडिल बांध व पीली बांध का निरीक्षण कर किया गया। बांधों के रखरखाव के लिए नवीन उपकरण लगाने के अलावा अनेक सुझाव दिए गए।
उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित बांधों के निरीक्षण का काम जलशक्ति मंत्रालय व केंद्रीय जल आयोग नई दिल्ली व उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के अभियंताओं का पैनल कर रहा है। जनपद बिजनौर के अंतर्गत कालागढ़ के रामगंगा बांध, सैडिल बांध व पीली बांध का निरीक्षण पैनल ने किया। निरीक्षण के दौरान रामगंगा बांध परियोजना के रखरखाव, बांधों तक आवागमन की सड़कों, बांधों के जलाशय, बांधों की दीवारों में लगें उपकरणों व बांधों के संचालन में लगे विभागीय अधिकारियों व कर्म चारियों के आवासों के रखरखाव को लेकर विचार-विमर्श किया गया। रामगंगा बांध के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि ड्रिप पुनर्वसन और सुधार परियोजना के तहत कालागढ़ के रामगंगा बांध व सैडिल बांध को आने जाने वाली सड़कों की मरम्मत कराने, बांधों के प्रेशर उपकरणों के अलावा अनेक पुराने उपकरणों को बदलने, बांध परियोजना के तकनीकी संचालन में लगे अधिकारियों व कर्मियों के 96 आवासों के रखरखाव, सैडिल बांध के स्पिलवे की मरम्मत, जलाशयों के लिए बनी सड़कों को सही कराने, बांध सुरक्षा चौकी पर सुरक्षा टावर लगाने, भूकंपवेधशाला को सही करने आदि विषयों को इसमें शामिल किया गया है। दूसरी ओर सीमा से लगे पीली बांध का निरीक्षण कर उसे पूरी क्षमता के साथ भरने की संस्तुति की गई। इसके लिए आवश्यक उपकरणों आदि को ठीक कराने व सभी गेटों को सही कराने को कहा गया। पैनल में चेयरमैन नरेंद्र कुमार, बांध सुरक्षा प्रकोष्ठ के निदेशक श्याम जी चौबे, केंद्रीय जल आयोग के उपनिदेशक ईजली इजैक, नित्यानंद राय, आरके गुप्ता, राकेश चंद्र शर्मा, सत्य प्रकाश सिंह व बांधों के अधिकारी मौजूद रहे।
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विश्व बैंक व राज्य सरकार से मिलेगी मदद
इंजीनियर नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि पैनल की रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जा रही है, जिसमें वित्तीय व्यवस्था 70 प्रतिशत विश्वबैंक से व 30 प्रतिशत राज्य सरकार की ओर से की जाएगी।
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