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Bijnor News: अब छह नवंबर से शुरू होगा अमानगढ़ रेंज का पर्यटन सत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अमानगढ़ पर्यटन सत्र के उद्धाटन की तिथि पांच नवंबर निर्धारित थी। मगर, अब सत्र की तिथि एक दिन पीछे हटा दी गई है। अब पर्यटकों के लिए अमानगढ़ छह नवंबर से खुलेगा। जिसके लिए वन विभाग ने अपनी सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। बस अब पर्यटकों के आने का इंतजार है।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में धीरे-धीरे पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। पर्यटकों को अब ऑनलाइन बुकिंग के साथ ही केहरीपुर चौकी कैफेटेरिया की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग का काम तेजी से चल रहा है। इस बार अमानगढ़ में तीसरा पर्यटन सत्र है। अमानगढ़ पर्यटकों को खूब आकर्षित करेगा।
अमानगढ़ में आने और जाने सहित जंगल सफारी का ट्रैक करीब 35 किलोमीटर निर्धारित है। बरसात में यह रास्ते टूट गए थे, जिन्हें ठीक करा दिया गया है। इससे पर्यटकों को सफारी में कोई परेशानी नहीं होगी। साथ ही केहरीपुर चौकी पर भी बच्चों खेलने के लिए बनाया जा रहा मिनी पार्क भी अंतिम चरण में है।
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2012 में अमानगढ़ को मिला टाइगर रिजर्व का दर्जा : अमानगढ़ रेंज कभी कार्बेट पार्क का ही हिस्सा हुआ करती थी। जब यूपी-उत्तराखंड अलग-अलग राज्य बने तो उस समय अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर के हिस्से में आई। जबकि कार्बेट पार्क उत्तराखंड में चला गया।
अमानगढ़ रेंज का रकबा 9500 हेक्टेयर है। इसमें करीब 8600 हेक्टेयर क्षेत्र टाइगर रिजर्व के तहत आता है। साल 2012 में अमानगढ़ वन रेंज को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला।
अमानगढ़ में सफारी के पर्यटको को देनी इतनी फीस : अमानगढ़ में छह नवंबर से पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है। जंगल सफारी के लिए फीस निर्धारित है। सफारी के लिए एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी। इसके लिए पर्यटकों को 2280 रुपये फीस देनी होगी। इसमें एक गाइड के लिए 400 रुपये और प्रति पर्यटक 200 रुपये फीस देनी होगी।
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बिजनौर। अमानगढ़ पर्यटन सत्र के उद्धाटन की तिथि पांच नवंबर निर्धारित थी। मगर, अब सत्र की तिथि एक दिन पीछे हटा दी गई है। अब पर्यटकों के लिए अमानगढ़ छह नवंबर से खुलेगा। जिसके लिए वन विभाग ने अपनी सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। बस अब पर्यटकों के आने का इंतजार है।
अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में धीरे-धीरे पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। पर्यटकों को अब ऑनलाइन बुकिंग के साथ ही केहरीपुर चौकी कैफेटेरिया की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग का काम तेजी से चल रहा है। इस बार अमानगढ़ में तीसरा पर्यटन सत्र है। अमानगढ़ पर्यटकों को खूब आकर्षित करेगा।
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अमानगढ़ में आने और जाने सहित जंगल सफारी का ट्रैक करीब 35 किलोमीटर निर्धारित है। बरसात में यह रास्ते टूट गए थे, जिन्हें ठीक करा दिया गया है। इससे पर्यटकों को सफारी में कोई परेशानी नहीं होगी। साथ ही केहरीपुर चौकी पर भी बच्चों खेलने के लिए बनाया जा रहा मिनी पार्क भी अंतिम चरण में है।
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2012 में अमानगढ़ को मिला टाइगर रिजर्व का दर्जा : अमानगढ़ रेंज कभी कार्बेट पार्क का ही हिस्सा हुआ करती थी। जब यूपी-उत्तराखंड अलग-अलग राज्य बने तो उस समय अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर के हिस्से में आई। जबकि कार्बेट पार्क उत्तराखंड में चला गया।
अमानगढ़ रेंज का रकबा 9500 हेक्टेयर है। इसमें करीब 8600 हेक्टेयर क्षेत्र टाइगर रिजर्व के तहत आता है। साल 2012 में अमानगढ़ वन रेंज को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला।
अमानगढ़ में सफारी के पर्यटको को देनी इतनी फीस : अमानगढ़ में छह नवंबर से पर्यटन सत्र शुरू हो रहा है। जंगल सफारी के लिए फीस निर्धारित है। सफारी के लिए एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी। इसके लिए पर्यटकों को 2280 रुपये फीस देनी होगी। इसमें एक गाइड के लिए 400 रुपये और प्रति पर्यटक 200 रुपये फीस देनी होगी।