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कैट ल्योर के सहारे गुलदार को पकड़ेगा वन विभाग

Tue, 07 Jan 2020 11:06 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2020 11:06 PM IST
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Now the scent of cat lure will trap female guldar
मंडावर के ग्राम मोहंडिया के जंगल में केट ल्योर के बारे में कर्मचारियों को जानकारी देते डीएफओ। - फोटो : BIJNOR
बिजनौर। मादा गुलदार को पकड़ने में वन विभाग के कई हथकंडे फेल हो गए। पिंजरे लगाए गए, उनमें बकरी बांधी और मुर्गा रखवाया, लेकिन गुलदार नहीं फंसी। अब वन विभाग ने कैट ल्योर की गंध से गुलदार को फंसाने की तैयारी की है। अफसरों का मानना है कि गुलदार अपने क्षेत्र का निर्धारण मूत्र से करता है और उसी की गंध सूंघकर घूमता है, कैट ल्योर से भी गुलदार के मूत्र जैसी गंध निकलती है। उम्मीद है कि इसे सूंघकर जैसे ही गुलदार पिंजरे तक पहुंचेगा, तो वह फंस जाएगा।
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मोहंडिया के पास मादा गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने करीब दस दिन से चार पिंजरे लगा रखे हैं। पहले पिंजरों में मुर्गे रखे गए और अब बकरी बांधी जा रही है। गुलदार को पकड़ने के लिए ये पारंपरिक तरीका है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून के अफसरों से मशविरा कर वन विभाग के अधिकारियों ने पिंजरे के पास मटन व चिकन भी डाला, लेकिन मादा गुलदार ने पिंजरों की ओर देखा भी नहीं। पुराने तरीकों से गुलदार को पकड़ने में नाकाम वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए अब नई तकनीक का सहारा लेना शुरू किया है। वन विभाग ने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून से कैट ल्योर मंगवाया है। गुलदार अपने इलाके निर्धारण के लिए जगह-जगह मूत्र करके करते हैं। गुलदार के मूत्र में कई तरह के केमिकल होते हैं। जब कोई गुलदार जंगल में घूमता है तो उसे सूंघकर ही पता चलता है कि वह किसी दूसरे के क्षेत्र में आ गया है। यह गुलदारों की प्रकृति होती है। अब गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने इसी तकनीक का सहारा लिया है। विभाग ने वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया देहरादून के विशेषज्ञों से कैट ल्योर मंगवाया है। कैट ल्योर उन केमिकल से लैब में बनाया जाता है जो गुलदार के मूत्र में पाए जाते हैं। भारत में अभी कैट ल्योर बनना शुरू भी नहीं हुआ है। यह विदेशों में बनाया जाता है।
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ऐसे होगा इस्तेमाल
कैट ल्योर को रूई पर लगाकर इसे उस क्षेत्र के पिंजरों में डाल दिया जाएगा जहां गुलदार की सक्रियता अधिक रहती है। गुलदार इसकी गंध को दूर से सूंघ सकता है। वह गंध को सूंघते हुए पिंजरे में आएगा और फंस जाएगा।
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कैट ल्योर लगवा रहे पिंजरों में
डीएफओ डाक्टर एम सेम्मारन का कहना है कि वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों से कैट ल्योर मंगवा लिया गया है। इसे पिंजरों में डाला जा रहा है। उम्मीद है इसकी गंध से गुलदार पिंजरे में फंस जाएगा।
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