{"_id":"5fb80f6d8ebc3e9bda53836b","slug":"now-children-want-to-go-to-parents-bijnor-news-mrt511886569","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत में गन्ना काटने से लेकर गोबर उठाने तक का काम करते थे मासूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत में गन्ना काटने से लेकर गोबर उठाने तक का काम करते थे मासूम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। नहटौर क्षेत्र में घरो में काम करते मिले झारखंड के दोनों बालकों से गन्ना छिलने व काटने के साथ पशुओं का गोबर उठाने, चारा कटवानेे का काम कराया जाता था। दोनों को भरपेट भोजन भी नहीं दिया जाता था। उनका मानसिक उत्पीड़न भी किया गया। अब दोनों बालक परिजनों के पास जाना चाहते हैं।
नहटौर क्षेत्र से झारखंड के दो बालकों को मेहरअलीपुर बाखरनगर व नन्हेड़ा से बरामद किया था। एक बालक नन्हेड़ा में घर में काम करता मिला था जबकि दूसरा मेहरअलीपुर बाखर गांव के जंगल में एक खेत में रोता बिलखता मिला था। 1098 पर कॉल करके बालक के मिलने के बारे में सूचना दी गई। तब बाल संरक्षण टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों बालकों को अपने कब्जे में लिया। दोनों को नजीबाबाद के प्रेमधाम आश्रम में रखा गया है। उन्हें घर भेजने की तैयारी की जा रही है।
दोनों बालकों के मुताबिक माता पिता के मना करने के बाद भी वे मीणा सरदार के साथ झारखंड से अपनी मर्जी से आए थे। एक गाड़ी में उन्हें लाया गया था। आठ बच्चे अन्य गाड़ी में आए थे। उनमें दो बड़े बच्चे हैं। दोनों को अलग-अलग रखा गया। दोनों बच्चों से घरों में रखवाकर गन्ना कटवाने के साथ पशुओं का चारा डालने, गोबर उठाने का काम लिया जाता था। दोनों बच्चों को भरपेट भोजन भी नहीं दिया जाता था और कुछ बोलने पर मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता पिता उन्हें भेजने के लिए तैयार नहीं थे पर वे अपनी मर्जी से आ गए थ्रे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नहटौर क्षेत्र से झारखंड के दो बालकों को मेहरअलीपुर बाखरनगर व नन्हेड़ा से बरामद किया था। एक बालक नन्हेड़ा में घर में काम करता मिला था जबकि दूसरा मेहरअलीपुर बाखर गांव के जंगल में एक खेत में रोता बिलखता मिला था। 1098 पर कॉल करके बालक के मिलने के बारे में सूचना दी गई। तब बाल संरक्षण टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों बालकों को अपने कब्जे में लिया। दोनों को नजीबाबाद के प्रेमधाम आश्रम में रखा गया है। उन्हें घर भेजने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
दोनों बालकों के मुताबिक माता पिता के मना करने के बाद भी वे मीणा सरदार के साथ झारखंड से अपनी मर्जी से आए थे। एक गाड़ी में उन्हें लाया गया था। आठ बच्चे अन्य गाड़ी में आए थे। उनमें दो बड़े बच्चे हैं। दोनों को अलग-अलग रखा गया। दोनों बच्चों से घरों में रखवाकर गन्ना कटवाने के साथ पशुओं का चारा डालने, गोबर उठाने का काम लिया जाता था। दोनों बच्चों को भरपेट भोजन भी नहीं दिया जाता था और कुछ बोलने पर मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। दोनों बच्चों ने बताया कि उनके माता पिता उन्हें भेजने के लिए तैयार नहीं थे पर वे अपनी मर्जी से आ गए थ्रे।
विज्ञापन