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मां के जैसा नहीं जमाने में कोई..
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मां के जैसा नहीं जमाने में कोई..
नजीबाबाद। बज्म-ए-जिगर नजीबाबाद की ओर से आयोजित शेरी नशिस्त में शायरों ने ताजा कलाम पेश किए। शायरों ने मशहूर शायर महेंद्र अश्क की पत्नी के इंतकाल पर भी ताजियाती कलाम पेश किए।
शायर मौसूफ वासिफ के आवास पर मुख्य अतिथि विपिन त्यागी, नौशाद अहमद और नितीश त्यागी की उपस्थिति में हुई शेरी नशिस्त का आयोजन किया गया। शायर महेंद्र अश्क की अध्यक्षता में आयोजित शेरी नशिस्त में शायर जहीर अहमद खलिश का कलाम परख कर देखिए हर जाविए से, अगर मैं नेक हूं तो नेक कहिए.., डॉ. तय्यब जमाल का कलाम तुम्हारी इनायत कहां तक न पहुंची.., शकील अहमद वफा का कलाम मां ने फाकों से जिसे पाला है.., शादाब जफर शादाब का कलाम मां के जैसा नहीं जमाने में.., नौशाद अहमद का कलाम वो हर्फ-ए-हक से जरा जो मुकर गया होता.., महेंद्र अश्क का कलाम उड़ा दिए जो हवाओं के दोश पर रखकर.., मौसूफ वासिफ का कलाम खुदा परस्तों को महमा बना के मारेगा, नए यजीद हैं पानी पिला के मारेगा.., उबैद का कलाम नजर आते हैं वो खफा से.. पसंद किया गया। शादाब जफर शादाब के संचालन में आयोजित शेरी नशिस्त में सैय्यद अहमद, तसलीम मंडावरी, नौशाद अहमद, सुहेल शहाब शम्सी, डॉ. साबिर अहमद, कुमार मोनू रूबा ने कलाम पेश किए।
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नजीबाबाद। बज्म-ए-जिगर नजीबाबाद की ओर से आयोजित शेरी नशिस्त में शायरों ने ताजा कलाम पेश किए। शायरों ने मशहूर शायर महेंद्र अश्क की पत्नी के इंतकाल पर भी ताजियाती कलाम पेश किए।
शायर मौसूफ वासिफ के आवास पर मुख्य अतिथि विपिन त्यागी, नौशाद अहमद और नितीश त्यागी की उपस्थिति में हुई शेरी नशिस्त का आयोजन किया गया। शायर महेंद्र अश्क की अध्यक्षता में आयोजित शेरी नशिस्त में शायर जहीर अहमद खलिश का कलाम परख कर देखिए हर जाविए से, अगर मैं नेक हूं तो नेक कहिए.., डॉ. तय्यब जमाल का कलाम तुम्हारी इनायत कहां तक न पहुंची.., शकील अहमद वफा का कलाम मां ने फाकों से जिसे पाला है.., शादाब जफर शादाब का कलाम मां के जैसा नहीं जमाने में.., नौशाद अहमद का कलाम वो हर्फ-ए-हक से जरा जो मुकर गया होता.., महेंद्र अश्क का कलाम उड़ा दिए जो हवाओं के दोश पर रखकर.., मौसूफ वासिफ का कलाम खुदा परस्तों को महमा बना के मारेगा, नए यजीद हैं पानी पिला के मारेगा.., उबैद का कलाम नजर आते हैं वो खफा से.. पसंद किया गया। शादाब जफर शादाब के संचालन में आयोजित शेरी नशिस्त में सैय्यद अहमद, तसलीम मंडावरी, नौशाद अहमद, सुहेल शहाब शम्सी, डॉ. साबिर अहमद, कुमार मोनू रूबा ने कलाम पेश किए।
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