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नो हेलमेट, नो पेट्रोल का फार्मूला फ्लॉप
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नो हेलमेट, नो पेट्रोल का फार्मूला फ्लॉप
बिजनौर। जिले में नो हेलमेट, नो पेट्रोल का फार्मूला फ्लॉप हो गया है। जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इससे दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट न लगाने वालों की तादाद बढ़ रही है। ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर दोपहिया वाहन चालकों को तेल दिया जा रहा है। यातायात माह में भी लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। एक नवंबर से दोपहिया वाहन पर चलाने वाले दोनों यात्रियों के लिए डबल हेलमेट की व्यवस्था लागू हो चुकी है।
तत्कालीन जिलाधिकारी अटल कुमार राय ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए थे कि बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को किसी भी हालत में पेट्रोल न दिया जाए। उन्होंने नो हेलमेट, नो पेट्रोल का फॉर्मूला लागू किया था। कुछ दिनों तक तो लोगों में इसका असर दिखाई दिया, लेकिन समय बीतने के साथ इसे नजर अंदाज कर दिया गया। एक नवंबर से यातायात माह की शुरुआत हो चुकी है। इसके बावजूद जनपद में नो हेलमेट, नो पेट्रोल अभियान का पालन नहीं हो पा रहा है।
डीएम का यह आदेश पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चला गया है। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने में अपनी बेइज्जती समझ रहे हैं तो वहीं पेट्रोल पंपों पर कर्मचारी उन्हें बेरोक टोक तेल बांट रहे हैं। एआरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि हेलमेट व्यवस्था पहले से ही लागू है। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट तेल देना गलत है। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र लिखा गया है। जबकि जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पहले से ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक नियमों का उल्लंघन करेगा तो संबंधित पंप संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बिजनौर। जिले में नो हेलमेट, नो पेट्रोल का फार्मूला फ्लॉप हो गया है। जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इससे दोपहिया वाहन चालकों में हेलमेट न लगाने वालों की तादाद बढ़ रही है। ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर दोपहिया वाहन चालकों को तेल दिया जा रहा है। यातायात माह में भी लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। एक नवंबर से दोपहिया वाहन पर चलाने वाले दोनों यात्रियों के लिए डबल हेलमेट की व्यवस्था लागू हो चुकी है।
तत्कालीन जिलाधिकारी अटल कुमार राय ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए थे कि बिना हेलमेट वाले दोपहिया वाहन चालकों को किसी भी हालत में पेट्रोल न दिया जाए। उन्होंने नो हेलमेट, नो पेट्रोल का फॉर्मूला लागू किया था। कुछ दिनों तक तो लोगों में इसका असर दिखाई दिया, लेकिन समय बीतने के साथ इसे नजर अंदाज कर दिया गया। एक नवंबर से यातायात माह की शुरुआत हो चुकी है। इसके बावजूद जनपद में नो हेलमेट, नो पेट्रोल अभियान का पालन नहीं हो पा रहा है।
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डीएम का यह आदेश पूरी तरह से ठंडे बस्ते में चला गया है। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने में अपनी बेइज्जती समझ रहे हैं तो वहीं पेट्रोल पंपों पर कर्मचारी उन्हें बेरोक टोक तेल बांट रहे हैं। एआरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि हेलमेट व्यवस्था पहले से ही लागू है। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट तेल देना गलत है। इसके लिए जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र लिखा गया है। जबकि जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पहले से ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक नियमों का उल्लंघन करेगा तो संबंधित पंप संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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