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नो कैश का बोर्ड देख मायूस हुए ग्राहक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:59 PM IST
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धामपुर के एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर लगी कतार।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर। नए साल में भी कैश के लिए ग्राहकों की टेंशन जारी है। मंगलवार को कई बैंकों के बाहर नो कैश का बोर्ड खुलते ही टंग गए। लोगों का कहना है कि अब तक तो उन्हें राहत मिल जानी चाहिए थी क्योंकि सरकार की ओर से मांगा गया वक्त भी पूरा हो चुका है।
सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, एसबीआई और जिला सहकारी बैंक में सुबह से ही नो कैश की स्थिति बन गई। ग्राहक रविंद्र सिंह, मांगेराम, सरजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, मोहम्मद तासीन, रईस अहमद आदि का कहना है कि पीएम मोदी न े50 दिन के बाद हालत सुधरने की बात कही थी। लेकिन अभी तक ये दावे हवाई साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के छह एटीएम शोपीस बन गए हैं।
उधर, जिला सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक योगेंद्र पाल सिंह का कहना है कि पूरा प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्राहकों तक लाभ पहुंचाया जाए। लेकिन ऊपर से ही कैश की किल्लत है। एसबीआई प्रबंधक हरीश कुमार शर्मा का कहना है कि उपलब्धता के हिसाब से ही कैश का वितरण किया जा रहा है। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक प्रबंधक धर्मपाल सिंह का कहना है कैश के लिए जिला मुख्यालय को कई बार अवगत कराया गया है। लेकिन आवश्यकता के अनुरूप कैश नहीं मिल रहा है। इसलिए कुछ दिक्कतें आ रही हैं।
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सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, एसबीआई और जिला सहकारी बैंक में सुबह से ही नो कैश की स्थिति बन गई। ग्राहक रविंद्र सिंह, मांगेराम, सरजीत सिंह, इंद्रजीत सिंह, मोहम्मद तासीन, रईस अहमद आदि का कहना है कि पीएम मोदी न े50 दिन के बाद हालत सुधरने की बात कही थी। लेकिन अभी तक ये दावे हवाई साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के छह एटीएम शोपीस बन गए हैं।
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उधर, जिला सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक योगेंद्र पाल सिंह का कहना है कि पूरा प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्राहकों तक लाभ पहुंचाया जाए। लेकिन ऊपर से ही कैश की किल्लत है। एसबीआई प्रबंधक हरीश कुमार शर्मा का कहना है कि उपलब्धता के हिसाब से ही कैश का वितरण किया जा रहा है। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक प्रबंधक धर्मपाल सिंह का कहना है कैश के लिए जिला मुख्यालय को कई बार अवगत कराया गया है। लेकिन आवश्यकता के अनुरूप कैश नहीं मिल रहा है। इसलिए कुछ दिक्कतें आ रही हैं।
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