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जलनिकासी के नहीं इंतजाम, खाली प्लाट बन रहे तालाब

Mon, 01 Aug 2022 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:24 AM IST
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No arrangements for drainage, ponds being made empty plots
बिजनौर में जल निगम कार्यालय के पास तक बना नाला। - फोटो : BIJNOR
जलनिकासी के नहीं इंतजाम, खाली प्लाट बन रहे तालाब
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बिजनौर। शहर की बाहरी और पालिका क्षेत्र में शामिल हुई नई कॉलोनियां ड्रेनेज सिस्टम से नहीं जुड़ी हैं। यही कारण है कि इन कॉलोनियों का रोजाना प्रयोग होने वाला पानी व बरसात का पानी खाली प्लाटों में भरा रहता है। शहर का पानी ले जाने वाले नाले भी बाहर की कॉलोनियों पर खत्म हो जाते हैं। ऐसे में उनका पानी भी खाली जमीन में भरा रहता है, जिससे वह कॉलोनियों की खाली जमीन तालाब का रूप ले रही है।
नगर पालिका के परिसीमन के बाद शहर की आबादी और क्षेत्रफल दोनों बढ़ गए हैं। शहर के अंदर तो पानी निकासी की समस्या है ही। शहर की बाहरी कॉलोनियां ड्रेनेज सिस्टम से नहीं जुड़ी हैं। इससे उन कॉलोनियों व शहर के अंदर का पानी से खाली जमीन, प्लाटों में भरा रहता है। इससे वहां रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नहटौर-झालू रोड पर अंबे विहार कॉलोनी के सामने बस्ती के खाली प्लाट में जलभराव हो रहा है। ज्यादा पानी होने से वहां से बस्ती में जाने वाले रास्ता में पानी भर जाता है, जिससे वहां से गुजरने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर से जाने वाला बड़ा नाला जल निगम कार्यालय के पास खत्म हो जाता है। इससे शहर का पानी वहां कटी नई कॉलोनी के खाली प्लाट में भरा रहता है। हालात यह है कि यह प्लाट तालाब नजर आते हैं।
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शहर के अंदर व बाहर जाने वाले सभी नाले सीवर लाइन से जुड़े हुए नहीं हैं। शहर के अंदर से बाहर की ओर निकासी करने वाले नालों के पानी के लिए बाहरी क्षेत्रों में तालाब आदि की भी व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि बारिश का पानी किसानों के खेतों व खाली जमीन में भर जाता है। कॉलोनियों के खाली प्लाटों में भरे पानी से संक्रमण रोग फैलने की संभावना बनी रहती है। शैलेंद्र सिंह, मोनू कुमार का कहना है शहर के पानी निकासी की व्यवस्था न होने से खाली जमीन पर पानी भर रहा है। इससे आसपास के रहने वालों को भारी परेशानी हो रही है। झालू रोड पर एक साइड नाला पक्का बना है, तो एक साइड कच्चा है।
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कॉलोनाइजर भी नहीं करते पानी निकासी की व्यवस्था
शहर के बाहरी क्षेत्र में तेजी से कॉलोनियां कट रही हैं। कई कालोनियां गहरे में कट रही हैं, तो कई कॉलोनियां सड़क से ऊंचे खेतों में कट रही हैं। इनमें दो-चार कॉलोनाइजों को छोड़ दें, तो अधिकांश पानी निकासी की अंदर से भी व्यवस्था नहीं करते हैं। महंगे प्लांट बेचकर वहां के विकास करने के लिए पीछे मुड़कर भी नहीं देखते हैं। कुछ कॉलोनियों गेट के बाहर ही पानी निकासी कर छोड़ देते हैं।

बाहरी कॉलोनियों का तैयार हो रहा प्लान
पालिका क्षेत्र में 13 पंचायतें हाल ही में शामिल हुई हैं। इस क्षेत्र में साफ-सफाई, प्रकाश पथ, सड़कों का निर्माण, नाली आदि का निर्माण कराया जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ने का बाहरी क्षेत्रों का प्लान बनाया जा रहा है, जल्द ही इस समस्या को दूर किया जाएगा - शमशाद अंसारी, चेयरपर्सन के पति।

बिजनौर-झालू मार्ग पर अंबे बिहार कालोनी के सामाने खाली प्लाट में भरा पानी।

बिजनौर-झालू मार्ग पर अंबे बिहार कालोनी के सामाने खाली प्लाट में भरा पानी।- फोटो : BIJNOR

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