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जरूरत का यूरिया मिला, फिर भी गोदाम खाली

Thu, 24 Jun 2021 11:52 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jun 2021 11:52 PM IST
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Needed urea was found, yet the warehouse is empty
जरूरत का यूरिया मिला, फिर भी गोदाम खाली
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बिजनौर। जिले में खरीफ सीजन के लिए जरूरी खाद के 60 प्रतिशत से भी अधिक यूरिया की आवक आने के बाद भी कमी बनी हुई है। यूरिया लेने के लिए समितियों व निजी दुकानों पर किसानों की लाइन लगी हुई है। यूरिया की ज्यादा आमद के बाद भी दुकानों पर उपलब्धता न होने से अब अधिक यूरिया लेने वाले किसानों की जांच शुरू कराई जा रही है।
जिले में खरीफ की फसल का सीजन चल रहा है। इसमें गन्ना और धान जिले की मुख्य फसल हैं। धान की बुवाई अभी शुरू नहीं हुई और गन्ने की फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए किसान उसमें मेहनत करने में लगे हुए हैं। गन्ने का रकबा करीब ढाई लाख हेक्टेयर और धान का रकबा 55 हजार हेक्टेयर से अधिक रहता है। कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार जिले में खरीफ की फसलों के लिए एक अप्रैल से सितंबर तक एक लाख छह हजार मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत रहती है और अब तक 65 हजार 44 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को मिल भी चुका है। इसके बाद भी जिले में समितियों पर यूरिया लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी हुई है। किसान समिति खुलने से पहले ही आ जाते हैं और पूरा दिन यूरिया लेने की जुगत में खड़े रहते हैं। पूरे जिले में समितियों पर किसानों की भीड़ का यही आलम रहता है। जिले में समिति के गोदाम कई बार यूरिया से खाली भी हो चुके हैं। बाहर से आने वाली रैक समितियों पर पहुंचते ही खाली हो जाती है।
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समितियों से ऋण पर ले रहे यूरिया
निजी दुकानों पर यूरिया लेने वालों की भीड़ नहीं है। इसकी बड़ी वजह ये है कि समिति पर किसान ऋण पर भी यूरिया लेते हैं और पैसा बाद में गन्ने का भुगतान आने पर जमा करते हैं। निजी दुकानों पर किसानों को नगद में यूरिया खरीदना होता है। कुछ दिन पहले गुजरात में ताउते तूफान आया था। यूरिया की गुजरात से आने वाली रैक इस वजह से कई दिन लेट हो गई थीं। इसका यूरिया की उपलब्धता पर असर पड़ा था।
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समितियों पर ज्यादा भीड़
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा के अनुसार निजी दुकानों पर भीड़ नहीं है। समितियों से किसान ऋण पर पूरे साल का यूरिया एक ही बार में ले जा रहे हैं। इस वजह से यूरिया की किल्लत आ रही है। एक दो दिन में तीन हजार मीट्रिक टन की एक और रैक आ रही है। किसानों के लिए यूरिया की कमी नहीं है।
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