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राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की टीम ने किया दौरा
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कालागढ़ में वन अधिकारियों से वन प्रबंधन की जानकारी लेते टीम के अधिकारी।
- फोटो : DHAMPUR
राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की टीम ने किया दौरा
कालागढ़ (बिजनौर)। राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की तीन सदस्य टीम ने कार्बेट टाइगर रिजर्व का दौरा कर वन्यजीव व पार्क प्रबंधन की जानकारी हासिल की। चार वर्ष के दौरान कार्बेट टाइगर रिजर्व में कराए गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया।
राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की तीन सदस्यों की टीम ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में 2018 से 2022 के मध्य कराए गए कार्यों की जानकारी हासिल की। टीम ने कालागढ़, ढिकाला, कालागढ़ टाइगर रिजर्व, ढेला, झिरना आदि में सभी प्रकार के कार्यों की रिपोर्ट विभाग से तलब की। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ. शाह बिलाल ने चार वर्ष के कार्यों को विस्तार के साथ बताया। टीम ने मौके पर जाकर कार्यों को देखा। टीम में कर्नाटक राज्य से वरिष्ठ अधिकारी बीके सिंह, केरल राज्य से सेवानिवृत्त प्रमुख वन संरक्षक एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून से वैज्ञानिक डॉ. सल्वाडोर शामिल हैं। कालागढ़ में टीम के साथ कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक नीरज शर्मा, शालिनी पंत, राकेश कुमार भट्ट आदि अधिकारी मौजूद रहे।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि टीम ने कहा कि कार्बेट में जो भी कार्य कराए जाएं वे राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही होने चाहिए। ईको विकास समिति, पर्यटन, हाथी परियोजना, मानव संसाधन, कैंपा योजना में कराए कार्य, लैंटाना उन्मूलन की स्थिति, बाघों की संख्या आदि की जानकारी की गई। टीम ने वन में बाघ को विचरण करते हुए भी देखा।
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कालागढ़ (बिजनौर)। राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की तीन सदस्य टीम ने कार्बेट टाइगर रिजर्व का दौरा कर वन्यजीव व पार्क प्रबंधन की जानकारी हासिल की। चार वर्ष के दौरान कार्बेट टाइगर रिजर्व में कराए गए कार्यों का मूल्यांकन किया गया।
राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की तीन सदस्यों की टीम ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों में 2018 से 2022 के मध्य कराए गए कार्यों की जानकारी हासिल की। टीम ने कालागढ़, ढिकाला, कालागढ़ टाइगर रिजर्व, ढेला, झिरना आदि में सभी प्रकार के कार्यों की रिपोर्ट विभाग से तलब की। कार्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ. शाह बिलाल ने चार वर्ष के कार्यों को विस्तार के साथ बताया। टीम ने मौके पर जाकर कार्यों को देखा। टीम में कर्नाटक राज्य से वरिष्ठ अधिकारी बीके सिंह, केरल राज्य से सेवानिवृत्त प्रमुख वन संरक्षक एवं भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून से वैज्ञानिक डॉ. सल्वाडोर शामिल हैं। कालागढ़ में टीम के साथ कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक नीरज शर्मा, शालिनी पंत, राकेश कुमार भट्ट आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ. धीरज पांडेय ने बताया कि टीम ने कहा कि कार्बेट में जो भी कार्य कराए जाएं वे राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही होने चाहिए। ईको विकास समिति, पर्यटन, हाथी परियोजना, मानव संसाधन, कैंपा योजना में कराए कार्य, लैंटाना उन्मूलन की स्थिति, बाघों की संख्या आदि की जानकारी की गई। टीम ने वन में बाघ को विचरण करते हुए भी देखा।
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