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गागन नदी से नहटौर माइनर का पानी किया बंद
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गागन नदी से नहटौर माइनर का पानी किया बंद
धामपुर। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों के शोर मचाने के बाद मंगलवार को नहटौर में गागन नदी से माइनर में छोड़े जा रहे पानी को रोक दिया है। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बगैर बताए पानी छोड़े जाने से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो एसडीओ का घेराव होगा।
गांव बस़ेड़ा खुर्द, मटौरा, सरकथलमाधों के किसान राजू शर्मा, करन सिंह, पूर्व प्रधान तेजपाल सिंह ने बताया कि 10 दिन पहले एसडीओ गणेशी राम ने किसानों को पूर्व में सूचना दिए बगैर गागन के नदी के पानी को नहटौर माइनर में छोड़ दिया। माइनर की क्षमता कम थी। पानी की रफ्तार तेज होने से माइनर के तटबंध ध्वस्त हो गए। पानी माइनर के अंतिम छोर पर जाने के स्थान किसानों के खेतों में सीधा बहने लगा। धान की हजारों हेक्टेयर में फैली फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गई। आरोप लगाया कि उनके द्वारा एसडीओ से कई बार फोन से अवगत कराकर पानी को गागन नदी से रोकने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। खबर प्रकाशित होने से अधिकारी हरकत में आए।
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धामपुर। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किसानों के शोर मचाने के बाद मंगलवार को नहटौर में गागन नदी से माइनर में छोड़े जा रहे पानी को रोक दिया है। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बगैर बताए पानी छोड़े जाने से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की है। चेताया कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो एसडीओ का घेराव होगा।
गांव बस़ेड़ा खुर्द, मटौरा, सरकथलमाधों के किसान राजू शर्मा, करन सिंह, पूर्व प्रधान तेजपाल सिंह ने बताया कि 10 दिन पहले एसडीओ गणेशी राम ने किसानों को पूर्व में सूचना दिए बगैर गागन के नदी के पानी को नहटौर माइनर में छोड़ दिया। माइनर की क्षमता कम थी। पानी की रफ्तार तेज होने से माइनर के तटबंध ध्वस्त हो गए। पानी माइनर के अंतिम छोर पर जाने के स्थान किसानों के खेतों में सीधा बहने लगा। धान की हजारों हेक्टेयर में फैली फसल पानी में डूबने से बर्बाद हो गई। आरोप लगाया कि उनके द्वारा एसडीओ से कई बार फोन से अवगत कराकर पानी को गागन नदी से रोकने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। खबर प्रकाशित होने से अधिकारी हरकत में आए।
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