{"_id":"6033fcd88ebc3ee97217e354","slug":"nagina-s-spinning-mill-can-run-bijnor-news-mrt526702077","type":"story","status":"publish","title_hn":"चल सकती है नगीना की कताई मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चल सकती है नगीना की कताई मिल
विज्ञापन
चल सकती है नगीना की कताई मिल
बिजनौर। प्रदेश सरकार ने बजट में प्रदेश की बंद पड़ी कताई मिलों को फिर से संजीवनी देने की बात कही है। इससे नगीना में बंद पड़ी कताई मिल के भी फिर से चलने की उम्मीद जगी है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा उद्योगों के लिए भी बजट में घोषणाएं की गई हैं।
नगीना क्षेत्र में कताई मिल स्थित है। 2001 में मिल पर ताले लग गए थे। मिल को ताले लगने से हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए थे। तभी से कताई मिल का संचालन फिर से करने की मांग चलती आ रही है। कताई मिल हर चुनाव में चुनावी मुद्दा बनती है। मिल चलाने के लिए सभी नेता वादे करते थे, पर इसे पूरा नहीं किया गया। लेकिन अब कताई मिल चलने की आस जगी है। शासन ने बंद पड़ी कताई मिल के बारे में जानकारी मांगी है। मिल की मशीनों, उसकी जमीन आदि के बारे में पूछा गया है। अगर मिल में मशीन मरम्मत के बाद चलने की हालत में मिली तो फिर से इसको चलाया जा सकता है।
मिल में सूत बनाने का काम होता था, यहां तैयार हुआ सूत पूरे देश तथा विदेशों में भी सप्लाई होता था। नगीना की कताई मिल में सूत से कपड़े बनते थे। इसकी काफी डिमांड थी। मिल में करीब 1500 मजदूरों को रोजगार मिलता था। कताई मिली चली तो जिले में कपास की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा बजट में एक जिला एक उत्पाद योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत भी बजट जारी किया गया है। एक जिला एक उत्पाद योजना से जिले के काष्ठकला उद्यमियों को बहुत फायदा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। प्रदेश सरकार ने बजट में प्रदेश की बंद पड़ी कताई मिलों को फिर से संजीवनी देने की बात कही है। इससे नगीना में बंद पड़ी कताई मिल के भी फिर से चलने की उम्मीद जगी है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा उद्योगों के लिए भी बजट में घोषणाएं की गई हैं।
नगीना क्षेत्र में कताई मिल स्थित है। 2001 में मिल पर ताले लग गए थे। मिल को ताले लगने से हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए थे। तभी से कताई मिल का संचालन फिर से करने की मांग चलती आ रही है। कताई मिल हर चुनाव में चुनावी मुद्दा बनती है। मिल चलाने के लिए सभी नेता वादे करते थे, पर इसे पूरा नहीं किया गया। लेकिन अब कताई मिल चलने की आस जगी है। शासन ने बंद पड़ी कताई मिल के बारे में जानकारी मांगी है। मिल की मशीनों, उसकी जमीन आदि के बारे में पूछा गया है। अगर मिल में मशीन मरम्मत के बाद चलने की हालत में मिली तो फिर से इसको चलाया जा सकता है।
विज्ञापन
मिल में सूत बनाने का काम होता था, यहां तैयार हुआ सूत पूरे देश तथा विदेशों में भी सप्लाई होता था। नगीना की कताई मिल में सूत से कपड़े बनते थे। इसकी काफी डिमांड थी। मिल में करीब 1500 मजदूरों को रोजगार मिलता था। कताई मिली चली तो जिले में कपास की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा बजट में एक जिला एक उत्पाद योजना के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत भी बजट जारी किया गया है। एक जिला एक उत्पाद योजना से जिले के काष्ठकला उद्यमियों को बहुत फायदा होगा।
विज्ञापन