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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Nagina: CBI team remained in the bank for 13 hours, two including manager arrested, caught taking bribe

नगीना : 13 घंटे तक बैंक में डटी रही सीबीआई की टीम, प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार, रिश्वत लेते पकड़े थे

Fri, 09 Aug 2024 09:43 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 09 Aug 2024 09:43 PM IST
सार

रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए बैंक मैनेजर और रिटायर्ड चपरासी को सीबीआई अपने साथ ले गई। इससे पहले 13 घंटे तक पूछताछ की गई। 

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Nagina: CBI team remained in the bank for 13 hours, two including manager arrested, caught taking bribe
आरोपियों को अपने साथ ले जाती पुलिस। - फोटो : Amar ujala

विस्तार

13 घंटे की जांच पड़ताल के बाद आखिरकार सीबीआई की टीम बैंक शाखा प्रबंधक और रिटायर्ड चपरासी को गिरफ्तार कर अपने संग ले गई। बैंक प्रबंधक पर लोन की फाइल पास करने की एवज में तीस हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। बैंक प्रबंधक के इशारे पर चपरासी के तौर पर सेवा दे रहे पूर्व कर्मी ने उक्त रकम पकड़ी थी। शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे गाजियाबाद सीबीआई की टीम कोटकादर स्थित प्रथमा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा कोटकादर से बाहर निकली। 
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बृहस्पतिवार दोपहर ढाई बजे गाजियाबाद सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम प्रभारी निरीक्षक सुरेश पाल पंवार के नेतृत्व में बैंक में घुसी थी। इस मामले में कोटकादर निवासी सचिन ने बताया कि आटा चक्की लगाने के लिए खादी ग्रामोद्योग ने छह लाख के लोन की स्वीकृति देकर उसकी फाइल प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में भेजी थी।
आरोप है कि प्रबंधक ने दस प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी व रिश्वत न देने पर बैंक प्रबंधक द्वारा फाइल को निरस्त कर दिया गया था। दो महीने बाद फाइल फिर से बैंक भेजी गई तो भी प्रबंधक बिना रिश्वत लिए फाइल पास करने को तैयार नहीं हुआ। सचिन ने सीबीआई की गाजियाबाद टीम से संपर्क कर शिकायत की।
 
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सुनियोजित तरीके से सीबीआई की टीम बृहस्पतिवार की दोपहर करीब ढाई बजे बैंक शाखा पहुंच गई। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार सचिन 30 हजार रुपये की रिश्वत प्रबंधक को देने गया। जबकि 30 हजार रुपये फाइल पास होने के बाद देने की बात तय हुई। प्रबंधक ने सचिन से यह रकम चपरासी मदन को बाहर ले जाकर देने को कह दिया। सचिन द्वारा चपरासी को रकम देने के दौरान सीबीआई की टीम मदन को पकड़ कर प्रबंधक के पास ले गई।
सीबीआई की टीम के अधिकारियों ने कई घंटे तक बैंक में ही प्रबंधक और चपरासी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। शुक्रवार तड़के चार बजे अपनी पूरी प्रक्रिया करने के बाद सीबीआई गाजियाबाद की टीम दोनों आरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार करते हुए अपने संग ले गई।
 
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सेवानिवृत्त होने पर भी काम कर रहा था चपरासी
आरोपी चपरासी मदन क्षेत्र के ग्राम हेजरपुर का निवासी है। जोकि 2015 में बैंक से सेवानिवृत्त हो जाने के बाद प्रबंधक की सहमति से बैंक में कार्यरत था। आरोपी शाखा प्रबंधक प्रियांशु त्यागी जिला सहारनपुर के ग्राम नगला का रहने वाला है।
रिश्तेदारों से भी की गई पूछताछ
सूत्रों की मानें तो सीबीआई की टीम ने बैंक में पूरी तरह से पड़ताल की। आरोपी शाखा प्रबंधक प्रियांशु त्यागी के साथ उसके पिता, सास और ससुर को भी टीम ने बुलाकर पूछताछ की। टीम यह जानने का प्रयास करती रही कि आखिर बैंक प्रबंधक कब से रिश्वतखोरी में लिप्त रहकर संपत्ति जोड़ने में लगा हुआ था।


 
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