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सफर में रहा मुनीर, रात भर करवट बदलता रहा रैय्यान
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सफर में रहा मुनीर, रात भर करवट बदलता रहा रैय्यान
बिजनौर। सजा ए मौत सुनाए जाने के बाद मुनीर को सोनभद्र की जेल के लिए भारी सुरक्षा के बीच रवाना कर दिया गया था। उसकी पूरी रात सफर में ही गुजरी। उधर, रैय्यान की रात करवट बदलते हुए गुजरी, रैय्यान ने सिर्फ दो रोटी ही खाईं। जिसे अन्य बंदियों के संग सामान्य बैरक में रखा गया।
जिला कारागार बिजनौर में मुनीर के साथी रैय्यान पर जेल प्रशासन पूरी नजर है। जेल सूत्रों की मानें तो शनिवार की शाम उसे जेेल में दाखिल किया और सामान्य बैरक में अन्य बंदियों के साथ रखा गया। शाम के वक्त उसने केवल दो रोटी और थोड़ी सब्जी खाई। बताया गया कि उसने खुद के हावभाव को ऐसा दिखाना चाहा, जैसे फांसी की सजा सुनाए जाने का उसे कोई फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि वह खामोश रहा, देर रात वह करवट बदलता रहा। मुनीर को शनिवार की शाम ही सजा सुनाए जाने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सोनभद्र के लिए रवाना कर दिया गया था। जिसकी पूरी रात सफर में ही गुजरी।
घूमने और दोस्तों पर उड़ता था लूट की रकम
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुनीर ने साल 2013 से ही वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। उसने करोड़ों रुपये की लूट अलग-अलग स्थानों पर की। नई-नई जगहों पर घूमने का शौक रखने वाला मुनीर भारत के अलग-अलग शहरों में फाइव स्टार होटल में ठहरता था और दोस्तों पर भी खुलकर पैसा खर्च करता था। नौ महीने तक बिजनौर जेल में रहने के दौरान उसने एक बार भी अपने पिता से मुलाकात नहीं की।
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बिजनौर। सजा ए मौत सुनाए जाने के बाद मुनीर को सोनभद्र की जेल के लिए भारी सुरक्षा के बीच रवाना कर दिया गया था। उसकी पूरी रात सफर में ही गुजरी। उधर, रैय्यान की रात करवट बदलते हुए गुजरी, रैय्यान ने सिर्फ दो रोटी ही खाईं। जिसे अन्य बंदियों के संग सामान्य बैरक में रखा गया।
जिला कारागार बिजनौर में मुनीर के साथी रैय्यान पर जेल प्रशासन पूरी नजर है। जेल सूत्रों की मानें तो शनिवार की शाम उसे जेेल में दाखिल किया और सामान्य बैरक में अन्य बंदियों के साथ रखा गया। शाम के वक्त उसने केवल दो रोटी और थोड़ी सब्जी खाई। बताया गया कि उसने खुद के हावभाव को ऐसा दिखाना चाहा, जैसे फांसी की सजा सुनाए जाने का उसे कोई फर्क नहीं पड़ा है। हालांकि वह खामोश रहा, देर रात वह करवट बदलता रहा। मुनीर को शनिवार की शाम ही सजा सुनाए जाने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच सोनभद्र के लिए रवाना कर दिया गया था। जिसकी पूरी रात सफर में ही गुजरी।
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घूमने और दोस्तों पर उड़ता था लूट की रकम
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुनीर ने साल 2013 से ही वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया था। उसने करोड़ों रुपये की लूट अलग-अलग स्थानों पर की। नई-नई जगहों पर घूमने का शौक रखने वाला मुनीर भारत के अलग-अलग शहरों में फाइव स्टार होटल में ठहरता था और दोस्तों पर भी खुलकर पैसा खर्च करता था। नौ महीने तक बिजनौर जेल में रहने के दौरान उसने एक बार भी अपने पिता से मुलाकात नहीं की।
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