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सांसद ने मांगी डीबीटी योजना की जानकारी
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सांसद ने मांगी डीबीटी योजना की जानकारी
बिजनौर। बसपा सांसद मलूक नागर ने लोकसभा के सातवें सत्र में केेंद्र सरकार की डीबीटी योजना पर राज्य सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं की जानकारी मांगी गई।
सांसद ने डीबीटी योजना को स्वीकृति देने वाले राज्यों, वन नेशन वन कार्ड का लाभ लेने वाले कार्ड धारकों की जानकारी मांगी। उनके अनुसार जवाब में सरकार ने बताया है कि अभी तक पूरे देश में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के तहत लगभग 15 करोड़ लाभार्थियों को कवर करते हुए 34 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में लागू है। ओएनआरसी कार्यांवित राष्ट्र/संघ राज्य क्षेत्र में कुल संचयी लगभग 49.6 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन दर्ज किया गया है। मलूक नागर के अनुसार सरकार के पास योजनाएं तो बहुत हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। देश के ज्यादातर लोगों को इन योजनाओं की सही जानकारी नहीं होती है। अगर जानकारी होती भी है तो उन योजनाओं का लाभ लेने के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं होती हैं। सरकार को चाहिए कि इन योजनाओं को जन-सामान्य तक पहुंचाने के लिए टीम स्तर पर काम करवाकर सभी योजनाओं को निचले स्तर तक पहुंचाया जाए। ताकि देश के सभी समुदायों के लोगों को सभी योजनाओं का लाभ मिल सके। ऐसा होने पर ही सबका साथ सबका विकास का सपना भी जल्द पूरा होगा।
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बिजनौर। बसपा सांसद मलूक नागर ने लोकसभा के सातवें सत्र में केेंद्र सरकार की डीबीटी योजना पर राज्य सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं की जानकारी मांगी गई।
सांसद ने डीबीटी योजना को स्वीकृति देने वाले राज्यों, वन नेशन वन कार्ड का लाभ लेने वाले कार्ड धारकों की जानकारी मांगी। उनके अनुसार जवाब में सरकार ने बताया है कि अभी तक पूरे देश में एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना के तहत लगभग 15 करोड़ लाभार्थियों को कवर करते हुए 34 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में लागू है। ओएनआरसी कार्यांवित राष्ट्र/संघ राज्य क्षेत्र में कुल संचयी लगभग 49.6 करोड़ पोर्टेबल लेनदेन दर्ज किया गया है। मलूक नागर के अनुसार सरकार के पास योजनाएं तो बहुत हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। देश के ज्यादातर लोगों को इन योजनाओं की सही जानकारी नहीं होती है। अगर जानकारी होती भी है तो उन योजनाओं का लाभ लेने के लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं होती हैं। सरकार को चाहिए कि इन योजनाओं को जन-सामान्य तक पहुंचाने के लिए टीम स्तर पर काम करवाकर सभी योजनाओं को निचले स्तर तक पहुंचाया जाए। ताकि देश के सभी समुदायों के लोगों को सभी योजनाओं का लाभ मिल सके। ऐसा होने पर ही सबका साथ सबका विकास का सपना भी जल्द पूरा होगा।