सरहदें: पाकिस्तान में बेबस है मां तो यहां मजबूर भाई-बहन, 40 साल से साथ रहने को तड़प रहा परिवार
भारत व पाकिस्तान मुल्कों की बंदिशों में जकड़े मां और बच्चे बिछड़कर अलग-अलग देशों में रहने को मजबूर हैं। भारत में शादी करने के बाद 40 साल बाद भी बच्चों की मां को भारत की नागरिकता नहीं मिल पाई है।
दोनों बच्चे पाकिस्तान की नागरिकता लेने की शर्त पूरी नहीं कर सकते हैं। इस हालत में मां पाकिस्तान में तो बच्चे भारत में रह रहे हैं। बच्चों के सिर पर मां के अलावा कोई साया नहीं बचा है। दोनों भाई-बहन मां के साथ रहने के लिए तरह तड़प रहे हैं। पर दोनों देशों की बंदिशों के आगे वे बेबस हैं।
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बिजनौर के जाने माने हास्य व्यंग कलाकार राशिद बिजनौरी का 1979 में पाकिस्तान की कराची शहर की रिश्ते की अपनी तहेरी बहन नाजनीन फातिमा उर्फ शबनम से निकाह हुआ। इसके बाद नाजनीन भारत आ गईं।
कई साल वे भारत में रहीं। नाजनीन को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए राशिद बिजनौरी ने एड़ीचोटी तक के जोर लगाए, पर उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिल पाई। 26 अक्तूबर 2018 को राशिद बिजनौरी का इंतकाल हो गया।
राशिद बिजनौरी की 33 साल की बेटी रेशमा नकवी व 37 साल का बेटा असद नकवी हैं। रेशमा नकवी ने एमए व बीएड किया है। असद इंटर पास है। दोनों 27 नवंबर 2018 को पाकिस्तान अपनी मां के पास गए थे।
आठ अगस्त को दोनों पाकिस्तान से भारत लौट आए। नाजनीन फातिमा पाकिस्तान के कराची शहर के नाजमाबाद में अपने पुश्तैनी मकान में रहती हैं। दोनों बच्चे बचपन से पाकिस्तान आते-जाते रहे हैं। रेशमा नकवी के मुताबिक तीन तीन माह की एनओसी पर वह पाकिस्तान व उनकी मां भारत आती-जाती रहती हैं।
भारत की नागरिकता नहीं मिलने के कारण मां अब पाकिस्तान में ही रहने को मजबूर है। पिता की लंबी लड़ाई के बाद भी मां को भारत की नागरिकता नहीं मिल पाई। पाकिस्तान की दोनों भाई बहनों को नागरिकता लेने के लिए कड़ी शर्तों से गुजरना होगा। रेशमा नकवी को पाकिस्तान की नागरिकता मिल सकती है जब वे पाकिस्तान में शादी करें। इस बात के लिए रेशमा कतई तैयार नहीं है।
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नागरिकता के लिए नए सिरे से करेंगे पहल
रेशमा नकवी के मुताबिक अब मां को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए वह नए सिरे से पहल करेंगी। अब तक पिता राशिद बिजनौरी, मां को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए लड़ाई लड़ रहे थे।
पिता के इंतकाल के बाद अब वह अपने भाई के साथ मिलकर पहल करेंगे। अपनी तरफ से वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। वे दोनों चाहते हैं कि वे मां के साथ ही रहे, चाहे उन्हें कहीं भी रहना पड़े पर मां के साथ रहें। मां के अलावा उनका कोई नहीं है।
वतन से है भाई-बहन को है बेहद प्यार
रेशमा व उसका भाई असद नकवी चाहते हैं कि वह भारत में ही रहे। दोनों को अपने वतन से बहुत प्यार है। वह इस बात की दुआ कर रहे हैं कि किसी तरह मां को भारत की नागरिकता मिल जाए और वह भारत में ही रहें। रेशमा ने बताया कि वह पाकिस्तान जाते जरूर हैं पर अपने वतन से उन्हें बहुत लगाव है।
रेशमा ने बताया कि पाकिस्तान के लोग केवल अपने देश की बात करते हैं। वे तो केवल अपनी मां व उनसे जुड़ी रिश्तेदारियों तक ही नाता रखते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान में किसी और से उनका कोई नाता नहीं है। तीन मामा में केवल एक मामा बचे हैं। पाकिस्तान में नानी का परिवार भी बड़ा है। उनके मामा भी सरकारी नौकरी में हैं। परिवार के कई लोग अमेरिका व अन्य देशों में नौकरी करते हैं।
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पाकिस्तान में हुई बड़ी बुआ की शादी
रेशमा ने बताया कि उनकी बड़ी बुआ बन्नो की शादी पाकिस्तान के कराची शहर में हुई है। तभी से उनके पिता राशिद बिजनौरी का पाकिस्तान आना-जाना था। रिश्तेदारी में तब मां नाजनीन फातिमा से उनका रिश्ता तय हो गया व शादी हो गई।
सब को हंसाने वाले के बच्चे रोने को मजबूर
नाजनीन फातमा के पति राशिद बिजनौरी हास्य व्यंग के बड़े कलाकार थे। बड़े-बड़े कार्यक्रमों में वे लोगों को हंसाते थे। पर सब को हंसाने वाले राशिद बिजनौरी की पत्नी व बच्चे रोने को मजबूर हैं। उनकी कोई मदद भी नहीं कर रहा, जो लड़ाई है मां व बच्चे खुद लड़ रहे हैं।