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एक मोबाइल नंबर पर चल रहे दस से अधिक सट्टे, जांच बैठाई
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एक मोबाइल नंबर पर चल रहे दस से अधिक सट्टे, जांच बैठाई
बिजनौर। गन्ना विभाग की जांच में एक ही मोबाइल फोन नंबर पर कई-कई सट्टे चलते मिले हैं। कुछ मोबाइल फोन नंबर पर तो दस से अधिक सट्टे संचालित हो रहे हैं। इसका खुलासा होने के बाद गन्ना विभाग हरकत में आ गया है। गन्ना विभाग ने इसकी जांच बैठा दी है। इन किसानों को गन्ना माफिया माना जा रहा है।
गन्ना विभाग में साढ़े तीन लाख से अधिक किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। पहले किसान को गन्ना पर्ची कागज की मिलती थी लेकिन अब मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिये गन्ना पर्ची भेजी जा रही है। गन्ना पर्ची के लिए विभाग में मोबाइल नंबर देना अनिवार्य हो गया है। इस व्यवस्था से फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक ही मोबाइल फोन नंबर कई-कई किसानों के सट्टों में दर्ज मिला है। जिले में सात हजार 925 किसान ऐसे मिले हैं जिनका मोबाइल फोन नंबर कई सट्टों में चल रहा है। कई किसानों का नंबर दस से अधिक सट्टों में चल रहा है। आमतौर पर एक घर में कई मोबाइल नंबर होते हैं और अगर एक से ज्यादा किसानों के नाम सट्टे होते हैं तो उनमें उनका नंबर दिया जा सकता है। एक ही मोबाइल नंबर पर दस से अधिक सट्टे मिलने से गन्ना विभाग के अफसर भी हैरत में हैं। माना जा रहा है कि गन्ना माफिया ही ऐसा कर सकते हैं। इस मामले की जांच बैठा दी गई है। किसानों की जमीन व पिछले सालों की गन्ना आपूर्ति की जांच की जाएगी।
समिति किसान
चांदपुर 2386
नगीना 1014
नजीबाबाद 998
धामपुर 806
नोट: आंकड़ा गन्ना विभाग से लिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार एक ही मोबाइल नंबर पर दस से अधिक सट्टे चलते मिलना संदेहास्पद है। सभी सचिवों को इसकी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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बिजनौर। गन्ना विभाग की जांच में एक ही मोबाइल फोन नंबर पर कई-कई सट्टे चलते मिले हैं। कुछ मोबाइल फोन नंबर पर तो दस से अधिक सट्टे संचालित हो रहे हैं। इसका खुलासा होने के बाद गन्ना विभाग हरकत में आ गया है। गन्ना विभाग ने इसकी जांच बैठा दी है। इन किसानों को गन्ना माफिया माना जा रहा है।
गन्ना विभाग में साढ़े तीन लाख से अधिक किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। पहले किसान को गन्ना पर्ची कागज की मिलती थी लेकिन अब मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिये गन्ना पर्ची भेजी जा रही है। गन्ना पर्ची के लिए विभाग में मोबाइल नंबर देना अनिवार्य हो गया है। इस व्यवस्था से फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक ही मोबाइल फोन नंबर कई-कई किसानों के सट्टों में दर्ज मिला है। जिले में सात हजार 925 किसान ऐसे मिले हैं जिनका मोबाइल फोन नंबर कई सट्टों में चल रहा है। कई किसानों का नंबर दस से अधिक सट्टों में चल रहा है। आमतौर पर एक घर में कई मोबाइल नंबर होते हैं और अगर एक से ज्यादा किसानों के नाम सट्टे होते हैं तो उनमें उनका नंबर दिया जा सकता है। एक ही मोबाइल नंबर पर दस से अधिक सट्टे मिलने से गन्ना विभाग के अफसर भी हैरत में हैं। माना जा रहा है कि गन्ना माफिया ही ऐसा कर सकते हैं। इस मामले की जांच बैठा दी गई है। किसानों की जमीन व पिछले सालों की गन्ना आपूर्ति की जांच की जाएगी।
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चांदपुर 2386
नगीना 1014
नजीबाबाद 998
धामपुर 806
नोट: आंकड़ा गन्ना विभाग से लिया गया है।
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार एक ही मोबाइल नंबर पर दस से अधिक सट्टे चलते मिलना संदेहास्पद है। सभी सचिवों को इसकी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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