{"_id":"61d88769653a7b142e760cbc","slug":"more-than-50-thousand-students-will-get-degrees-in-bijnor-bijnor-news-mrt5725785173","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेंगी उपाधि
बिजनौर। डिग्री कॉलेजों में उपाधि वितरण मेले नौ जनवरी से शुरू होंगे। मेलों में तीन वर्ष में पासआउट विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएंगी। जिले में करीब 50 हजार विद्यार्थियों को उपाधि वितरित होंगी। कॉलेज मेलों की तैयारी में जुटे हैं।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को उपाधि प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए नई परंपरा शुरू की है। इसके लिए डिग्री कॉलेजों में नौ जनवरी से 11 जनवरी तक उपाधि मेले लगेंगे। मेलों में वर्ष 2016- 17, 2017-18 तथा 2018-19 के पासआउट स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएंगी। जिले में 110 डिग्री कॉलेज हैं। इनमें एक राजकीय, छह अशासकीय सहायता प्राप्त तथा 103 स्वपोषित महाविद्यालय हैं। बताया कि इन महाविद्यालयों के तीन शैक्षणिक स्तरों के 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री वितरित की जाएंगी। बताया गया कि वर्ष 2009 से पहले विद्यार्थियों को उपाधि लेने विश्वविद्यालय जाना पड़ता था। परंतु 2009 से कॉलेजों में ही उपाधि आ जाती हैं। उपाधि मेलों में बंटने वाली तीनों साल कि उपाधि विश्वविद्यालय से कॉलेजों में आ गई हैं।
विज्ञापन
बिजनौर। डिग्री कॉलेजों में उपाधि वितरण मेले नौ जनवरी से शुरू होंगे। मेलों में तीन वर्ष में पासआउट विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएंगी। जिले में करीब 50 हजार विद्यार्थियों को उपाधि वितरित होंगी। कॉलेज मेलों की तैयारी में जुटे हैं।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को उपाधि प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए नई परंपरा शुरू की है। इसके लिए डिग्री कॉलेजों में नौ जनवरी से 11 जनवरी तक उपाधि मेले लगेंगे। मेलों में वर्ष 2016- 17, 2017-18 तथा 2018-19 के पासआउट स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधि दी जाएंगी। जिले में 110 डिग्री कॉलेज हैं। इनमें एक राजकीय, छह अशासकीय सहायता प्राप्त तथा 103 स्वपोषित महाविद्यालय हैं। बताया कि इन महाविद्यालयों के तीन शैक्षणिक स्तरों के 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को डिग्री वितरित की जाएंगी। बताया गया कि वर्ष 2009 से पहले विद्यार्थियों को उपाधि लेने विश्वविद्यालय जाना पड़ता था। परंतु 2009 से कॉलेजों में ही उपाधि आ जाती हैं। उपाधि मेलों में बंटने वाली तीनों साल कि उपाधि विश्वविद्यालय से कॉलेजों में आ गई हैं।
विज्ञापन