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स्वच्छता मिशन की कमान साक्षर किशोरियों के हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 08 Nov 2016 12:12 AM IST
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बिजनौर में अब गांवों की पढ़ी लिखी किशोरी स्वच्छता भारत मिशन की कमान संभालेंगी। मोबाइल तकनीक में दक्ष किशोरी इसकी अगुवाई करेंगी। गांवों में सेनेटरी नेपकिन बांटने की महत्वाकांक्षी योजना को अमली जामा पहनाने की जिम्मेदारी किशोरियों की दे गई है। आंगनबाड़ी केंद्र अभियान का मुख्य कें द्र बिंदु रहेेगा। प्रशासन ने योजना के क्रियान्वन की कवायद शुरू कर दी है।
शासन की स्वच्छ भारत मिशन तथा क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी महत्वाकांक्षी योजना है। इसके अंतर्गत जिले में खुले में शौच मुक्त अर्थात ओडीएफ अभियान चलाया जा रहा है। जिले को गणतंत्र दिवस अर्थात 26 जनवरी 2017 तक पूर्ण ओडीएफ बनाने का लक्ष्य है। शासन ने स्वच्छता मिशन के तहत गांव की युवतियों को सेनेटरी नेपकिन बांटने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने ओडीएफ और सेनेटरी नेपकिन वितरण अभियान को गति देने के लिए गांव की किशोरियों को बागडोर सौंपने का फैसला लिया है। इस बारे में डीएम जगतराज द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रवार किशोरी स्वच्छता समूह बनेंगे, जिसमें गांव की महिला ग्राम प्रधान, एएनएम,आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री शामिल होगी।
गांववार पांच-पांच किशोरी को शामिल करके स्वच्छता मंच बनाया जाएगा। अभियान की बागडोर गांव की ऐसी युवती को सौंपी जाएगी जो पढ़ी लिखी हो तथा जिसके पास एंड्रोएड मोबाइल फोन हो। इस किशोरी को गांव की सुगमकर्त्ता कहा जाएगा। सुगमकर्त्ता की अगुवाई में स्वच्छता मंच ओडीएफ, कुपोषण, इज्जतघर बनवाने के बारे में महिलाओं की काउंसिलिंग करेंगी। डोर-टू-डोर जाकर 11 प्वाइंट पर प्रगति का सर्वे होगा। अच्छा कार्य करने पर स्वच्छता मंच को पुरस्कृत किया जाएगा। इस तरह से जिले काे पूरी तरह खुले में शौच मुक्त कर सकेंगे। हालांकि काफी लोग अब जागरूक हो गए हैं और अपने-अपने गांव को ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रयास में लगे हैं।
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शासन की स्वच्छ भारत मिशन तथा क्लीन यूपी, ग्रीन यूपी महत्वाकांक्षी योजना है। इसके अंतर्गत जिले में खुले में शौच मुक्त अर्थात ओडीएफ अभियान चलाया जा रहा है। जिले को गणतंत्र दिवस अर्थात 26 जनवरी 2017 तक पूर्ण ओडीएफ बनाने का लक्ष्य है। शासन ने स्वच्छता मिशन के तहत गांव की युवतियों को सेनेटरी नेपकिन बांटने का निर्णय लिया है। प्रशासन ने ओडीएफ और सेनेटरी नेपकिन वितरण अभियान को गति देने के लिए गांव की किशोरियों को बागडोर सौंपने का फैसला लिया है। इस बारे में डीएम जगतराज द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रवार किशोरी स्वच्छता समूह बनेंगे, जिसमें गांव की महिला ग्राम प्रधान, एएनएम,आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकत्री शामिल होगी।
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गांववार पांच-पांच किशोरी को शामिल करके स्वच्छता मंच बनाया जाएगा। अभियान की बागडोर गांव की ऐसी युवती को सौंपी जाएगी जो पढ़ी लिखी हो तथा जिसके पास एंड्रोएड मोबाइल फोन हो। इस किशोरी को गांव की सुगमकर्त्ता कहा जाएगा। सुगमकर्त्ता की अगुवाई में स्वच्छता मंच ओडीएफ, कुपोषण, इज्जतघर बनवाने के बारे में महिलाओं की काउंसिलिंग करेंगी। डोर-टू-डोर जाकर 11 प्वाइंट पर प्रगति का सर्वे होगा। अच्छा कार्य करने पर स्वच्छता मंच को पुरस्कृत किया जाएगा। इस तरह से जिले काे पूरी तरह खुले में शौच मुक्त कर सकेंगे। हालांकि काफी लोग अब जागरूक हो गए हैं और अपने-अपने गांव को ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रयास में लगे हैं।
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