{"_id":"6281462d4ba40040997a1d5f","slug":"mid-day-meal-will-be-cooked-in-the-heat-of-investigation-in-council-schools-bijnor-news-mrt588744522","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिषदीय स्कूलों में जांच की आंच में पकेगा मिड-डे-मील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिषदीय स्कूलों में जांच की आंच में पकेगा मिड-डे-मील
विज्ञापन
बिजनौर । परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को पौष्टिक, शुद्ध व गुणवत्ता युक्त मिड डे मील देने के लिए नई पहल शुरू की है। परिषदीय विद्यालयों की रसोईयों में पकने वाला मिड-डे-मील अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की निगरानी में रहेगा। इसके लिए जनपद के सभी परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों की मिड-डे-मील रसोई का खाद्य पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
जनपद में 1352 प्राथमिक, 376 उच्च प्राथमिक तथा 389 कंपोजिट परिषदीय स्कूल संचालित है। इनमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जनपद नगर क्षेत्रों में स्थित परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को एनजीओ के माध्यम से मिड-डे-मील सप्लाई होता है। ग्रामीण अंचल में स्कूलों में बनी रसोईयों में ही मिड-डे-मील बनाया जाता है। अब सभी परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील की रसोई का खाद्य विभाग में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य हो गया है। मिड-डे-मील के डीसी राशु कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के साथ साथ रसोईयों का पंजीकरण के उपरांत खाद्य विभाग के अधिकारी भी समय-समय पर स्कूलों में जाकर मिड डे मील की जांच करेंगे। खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिया करेंगे। स्कूली छात्र-छात्राओं को शुद्ध व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराए जाने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।
बोले अधिकारी
परिषदीय स्कूलों में बनी रसोई का खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत पंजीकरण कराना है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा जल्द से जल्द मिड डे मील रसोइयों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए है। -जयकरन यादव, बीएसए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में 1352 प्राथमिक, 376 उच्च प्राथमिक तथा 389 कंपोजिट परिषदीय स्कूल संचालित है। इनमें करीब दो लाख छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जनपद नगर क्षेत्रों में स्थित परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को एनजीओ के माध्यम से मिड-डे-मील सप्लाई होता है। ग्रामीण अंचल में स्कूलों में बनी रसोईयों में ही मिड-डे-मील बनाया जाता है। अब सभी परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील की रसोई का खाद्य विभाग में पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य हो गया है। मिड-डे-मील के डीसी राशु कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के साथ साथ रसोईयों का पंजीकरण के उपरांत खाद्य विभाग के अधिकारी भी समय-समय पर स्कूलों में जाकर मिड डे मील की जांच करेंगे। खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिया करेंगे। स्कूली छात्र-छात्राओं को शुद्ध व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराए जाने के लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
बोले अधिकारी
परिषदीय स्कूलों में बनी रसोई का खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत पंजीकरण कराना है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा जल्द से जल्द मिड डे मील रसोइयों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए है। -जयकरन यादव, बीएसए।
विज्ञापन