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बिजली के चाक का इस्तेमाल करेंगे माटीकला कारीगर
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बिजनौर कलक्ट्रेट सभागार में लाभार्थियों को विद्युत चाक व प्रमाण पत्र देते उत्तर प्रदेश माटीकला
- फोटो : BIJNOR
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बिजली के चाक का इस्तेमाल करेंगे माटीकला कारीगर
बिजनौर। माटीकला उद्योग को विकसित कर रोजगार का साधन बनाना सरकार का मकसद है। यह बात उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश गोला प्रजापति ने कही। उन्होंने माटी कला टूल किट्स कार्यक्रम के तहत 25 लाभार्थियों को बिजली से चलने वाले चाक तथा प्रमाण पत्र वितरित किए।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि माटी कला उद्योग में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। प्रजापतियों के परंपरागत कौशल से संबंधित जो पट्टे आवंटित किए गए हैं, यदि उन पर किसी का कब्जा है तो उसे कब्जामुक्त कराया जाए। अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि माटीकला उद्योग के विकास से संबंधित ऋण के लिए पत्रावलियों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। बता दें कि बिजनौर में कुल 197 गांव हैं, जिनमें मिट्टी के व्यवसाय से जुड़े लोग प्रवास करते हैं, कार्यरत कुम्हार परिवारों की संख्या 1227 तथा मिट्टी के कार्य के व्यवसाय से जुड़े परिवारों की संख्या 1090 है, जिनको शत प्रतिशत मिट्टी के पट्टे आवंटित हैं। इस दौरान 25 लाभार्थियों को विद्युत चाक तथा प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर समस्त एसडीएम, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सहित अन्य अधिकारी तथा प्रजापति समाज के कारीगर उपस्थित रहे।
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बिजनौर। माटीकला उद्योग को विकसित कर रोजगार का साधन बनाना सरकार का मकसद है। यह बात उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश गोला प्रजापति ने कही। उन्होंने माटी कला टूल किट्स कार्यक्रम के तहत 25 लाभार्थियों को बिजली से चलने वाले चाक तथा प्रमाण पत्र वितरित किए।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि माटी कला उद्योग में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। प्रजापतियों के परंपरागत कौशल से संबंधित जो पट्टे आवंटित किए गए हैं, यदि उन पर किसी का कब्जा है तो उसे कब्जामुक्त कराया जाए। अग्रणी बैंक प्रबंधक को निर्देश दिए कि माटीकला उद्योग के विकास से संबंधित ऋण के लिए पत्रावलियों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। बता दें कि बिजनौर में कुल 197 गांव हैं, जिनमें मिट्टी के व्यवसाय से जुड़े लोग प्रवास करते हैं, कार्यरत कुम्हार परिवारों की संख्या 1227 तथा मिट्टी के कार्य के व्यवसाय से जुड़े परिवारों की संख्या 1090 है, जिनको शत प्रतिशत मिट्टी के पट्टे आवंटित हैं। इस दौरान 25 लाभार्थियों को विद्युत चाक तथा प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर समस्त एसडीएम, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सहित अन्य अधिकारी तथा प्रजापति समाज के कारीगर उपस्थित रहे।
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