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Bijnor News: बिजनौर - मानचित्र तैयार, जल्द बनेगी प्राकृतिक खेती की पाठशाला
Mon, 06 Mar 2023 12:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 06 Mar 2023 12:15 AM IST
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- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सही स्वास्थ्य के लिए खानपान अच्छा होना बहुत जरूरी है। इसलिए सरकार जैविक और प्राकृतिक खेती पर ज्यादा जोर दे रही है। इसी क्रम में कण्व आश्रम में प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण पाठशाला तैयार की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग व जिला प्रशासन ने मानचित्र तैयार कर लिया है।
इस बार राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती के लिए बजट में व्यवस्था की है। इसलिए कृषि से संबंधित गन्ना, उद्यान विभाग, कृषि विभाग अन्य विभागों के सहयोग से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। फसलों में रसायनिक दवाइयों एवं खाद का प्रयोग नहीं होने से किसानों का खर्च कम होगा और आय बढ़ेगी। रसायनिक खादों व कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से जमीन बंजर हो रही है। किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए कण्व आश्रम में प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। इसके लिए प्रशासन व कृषि विभाग ने एक मानचित्र तैयार किया है।
अधिकारियों के अनुसार मानचित्र में मत्स्य पालन, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, सब्जियों का उत्पादन आदि का ले-आउट तैयार किया है। अभी फाइनल रूप देने का कार्य चल रहा है। यह प्राकृतिक पाठशाला उप कृषि निदेशक, कृषि वैज्ञानिक, जिला उद्यान अधिकारी आदि की निगरानी में तैयार की जाएगी। उप कृषि निदेशक गिरीशचंद्र का कहना है कि यहां पर किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रयोगात्मक रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताने के साथ कैसे खेती हो रही है वह भी दिखाया जाएगा।
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बिजनौर। सही स्वास्थ्य के लिए खानपान अच्छा होना बहुत जरूरी है। इसलिए सरकार जैविक और प्राकृतिक खेती पर ज्यादा जोर दे रही है। इसी क्रम में कण्व आश्रम में प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण पाठशाला तैयार की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग व जिला प्रशासन ने मानचित्र तैयार कर लिया है।
इस बार राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती के लिए बजट में व्यवस्था की है। इसलिए कृषि से संबंधित गन्ना, उद्यान विभाग, कृषि विभाग अन्य विभागों के सहयोग से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। फसलों में रसायनिक दवाइयों एवं खाद का प्रयोग नहीं होने से किसानों का खर्च कम होगा और आय बढ़ेगी। रसायनिक खादों व कीटनाशकों के अधिक प्रयोग से जमीन बंजर हो रही है। किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देने के लिए कण्व आश्रम में प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। इसके लिए प्रशासन व कृषि विभाग ने एक मानचित्र तैयार किया है।
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अधिकारियों के अनुसार मानचित्र में मत्स्य पालन, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, सब्जियों का उत्पादन आदि का ले-आउट तैयार किया है। अभी फाइनल रूप देने का कार्य चल रहा है। यह प्राकृतिक पाठशाला उप कृषि निदेशक, कृषि वैज्ञानिक, जिला उद्यान अधिकारी आदि की निगरानी में तैयार की जाएगी। उप कृषि निदेशक गिरीशचंद्र का कहना है कि यहां पर किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रयोगात्मक रूप से प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताने के साथ कैसे खेती हो रही है वह भी दिखाया जाएगा।
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