{"_id":"6aa8508843058f80980b33bc","slug":"malan-river-poses-hurdle-in-industrial-corridor-search-underway-for-new-land-bijnor-news-c-27-1-bij1027-190204-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: औद्योगिक गलियारे में बाधा बनी मालन नदी, तलाशी जा रही दूसरी जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: औद्योगिक गलियारे में बाधा बनी मालन नदी, तलाशी जा रही दूसरी जमीन
विज्ञापन
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। बिजनौर में औद्योगिक हब बनाने के लिए औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारी चल रही है लेकिन अब गलियारे के लिए चिह्नित 400 हेक्टेयर जमीन के मालन नदी के पानी से प्रभावित होने की आशंका है। इसके चलते अब पास में ही दूसरी जमीन तलाशी जा रही है।
बिजनौर तहसील में 1000 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना है। इसके लिए छह महीने से तैयारियां चल रही हैं। 10 गांवों में जमीन भी चिह्नित कर ली गई। मगर, मालन नदी की वजह से आसपास की 400 हेक्टेयर जमीन अनुपयुक्त मान ली गई है। शेष बची 600 हेक्टेयर जमीन के पास ही दूसरी 400 हेक्टेयर जमीन तलाशी जा रही है। इसकी वजह है कि औद्योगिक गलियारे के लिए एक ही जगह 1000 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध होनी अनिवार्य है। इसके लिए प्रशासन की टीम ने इसी सप्ताह जमीन का निरीक्षण भी किया है। तहसीलदार आशीष सक्सेना ने बताया कि यूपीडा ने चिह्नित कुछ जमीन के लिए मना किया है। इसलिए अब दूसरी जमीन तलाशी जा रही है।
तहसील के इन 10 गांवों में चिह्नित की गई 683.8339 हेक्टेयर जमीन
बिजनौर तहसील के 10 गांवों युसुफाबाद, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, अलीपुर माखन, मुढाला, किशनपुर, नूरपुर डालू, फिरोजपुर रतन, खाना पट्टी, पपावरखुर्द में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित है। इन गांवों में चिह्नित 4263 गाटा संख्या में 683.8339 हेक्टेयर क्षेत्रफल है। इसके अलावा अभी शेष जमीन पास के क्षेत्र से चिह्नित की जा रही है।
विज्ञापन
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा औद्योगिक गलियारा
सरकार की मंशा के अनुसार, जिले में एक औद्योगिक गलियारा विकसित होना है। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित होना है क्योंकि, चिह्नित गांवों पास से ही गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे निकल रहा है। एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारा विकसित होने से बिजनौर के विकास को पंख लगेंगे।
औद्योगिक गलियारा विकसित होने से होंगे ये फायदे
-औद्योगिक गलियारा विकसित होने से निवेश बढ़ेगा
-नए उद्योग लगने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
-जिले की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
-स्थानीय कारोबार होटल, वाहन मरम्मत, परिवहन अन्य सेवा का होगा विस्तार
-कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शहरी सुविधाएं बढ़ेंगी
-एमएसएमई को नई सप्लाई चेन मिलेगी
वर्जन::
औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित जमीन के कुछ क्षेत्र में मालन नदी का पानी आने की आशंका है। इसलिए, कुछ क्षेत्र में बदलाव होना है। प्रशासन को पास में ही दूसरी जमीन तलाशने के लिए कहा गया है। ....राकेश गुप्ता, नामित अधिकारी, यूपीडा
विज्ञापन
बिजनौर। बिजनौर में औद्योगिक हब बनाने के लिए औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारी चल रही है लेकिन अब गलियारे के लिए चिह्नित 400 हेक्टेयर जमीन के मालन नदी के पानी से प्रभावित होने की आशंका है। इसके चलते अब पास में ही दूसरी जमीन तलाशी जा रही है।
बिजनौर तहसील में 1000 हेक्टेयर में औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाना है। इसके लिए छह महीने से तैयारियां चल रही हैं। 10 गांवों में जमीन भी चिह्नित कर ली गई। मगर, मालन नदी की वजह से आसपास की 400 हेक्टेयर जमीन अनुपयुक्त मान ली गई है। शेष बची 600 हेक्टेयर जमीन के पास ही दूसरी 400 हेक्टेयर जमीन तलाशी जा रही है। इसकी वजह है कि औद्योगिक गलियारे के लिए एक ही जगह 1000 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध होनी अनिवार्य है। इसके लिए प्रशासन की टीम ने इसी सप्ताह जमीन का निरीक्षण भी किया है। तहसीलदार आशीष सक्सेना ने बताया कि यूपीडा ने चिह्नित कुछ जमीन के लिए मना किया है। इसलिए अब दूसरी जमीन तलाशी जा रही है।
विज्ञापन
तहसील के इन 10 गांवों में चिह्नित की गई 683.8339 हेक्टेयर जमीन
बिजनौर तहसील के 10 गांवों युसुफाबाद, उलकपुर, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, अलीपुर माखन, मुढाला, किशनपुर, नूरपुर डालू, फिरोजपुर रतन, खाना पट्टी, पपावरखुर्द में औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए जमीन चिह्नित है। इन गांवों में चिह्नित 4263 गाटा संख्या में 683.8339 हेक्टेयर क्षेत्रफल है। इसके अलावा अभी शेष जमीन पास के क्षेत्र से चिह्नित की जा रही है।
विज्ञापन
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा औद्योगिक गलियारा
सरकार की मंशा के अनुसार, जिले में एक औद्योगिक गलियारा विकसित होना है। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा विकसित होना है क्योंकि, चिह्नित गांवों पास से ही गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे निकल रहा है। एक्सप्रेसवे और औद्योगिक गलियारा विकसित होने से बिजनौर के विकास को पंख लगेंगे।
औद्योगिक गलियारा विकसित होने से होंगे ये फायदे
-औद्योगिक गलियारा विकसित होने से निवेश बढ़ेगा
-नए उद्योग लगने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
-जिले की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
-स्थानीय कारोबार होटल, वाहन मरम्मत, परिवहन अन्य सेवा का होगा विस्तार
-कनेक्टिविटी बेहतर होगी और शहरी सुविधाएं बढ़ेंगी
-एमएसएमई को नई सप्लाई चेन मिलेगी
वर्जन::
औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित जमीन के कुछ क्षेत्र में मालन नदी का पानी आने की आशंका है। इसलिए, कुछ क्षेत्र में बदलाव होना है। प्रशासन को पास में ही दूसरी जमीन तलाशने के लिए कहा गया है। ....राकेश गुप्ता, नामित अधिकारी, यूपीडा