{"_id":"6089a5c68ebc3eb9205a6042","slug":"majlis-will-not-be-held-at-jogirampuri-dargah-this-year-nazibabad-news-mrt5363846190","type":"story","status":"publish","title_hn":"जोगीरम्पुरी दरगाह पर इस वर्ष नहीं होंगी मजलिसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जोगीरम्पुरी दरगाह पर इस वर्ष नहीं होंगी मजलिसें
विज्ञापन
जोगीरम्पुरी दरगाह पर इस वर्ष नहीं होंगी मजलिसें
नजीबाबाद (बिजनौर)। विश्व प्रसिद्ध जोगीरम्पुरी दरगाह पर इस वर्ष या अली मौला अली की सदाएं नहीं गूंजेंगी। दरगाह कमेटी ने 21 वीं रमजान और 27 मई से होने वाली मजलिसों को कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस वर्ष आयोजित न करने का फैसला लिया है।
दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी में मौला अली की 20 वीं रमजान को हुई शहादत में मातमी आयोजन किया जाता है। मौला अली की याद में हर वर्ष जोगीरम्पुरी में चार रोजा सालाना मातमी मजलिसें आयोजित की जातीं हैं। दरगाह कमेटी ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 21 वीं रमजान को मौला अली की शहादत के सिलसिले में आयोजित होने वाली विशेष मातमी मजलिस के साथ 27 मई से घोषित सालाना चार रोजा मातमी मजलिसें रद्द कर दी हैं। दरगाह कमेटी के सचिव जफर मुजतबा आबदी ने प्रेस रिलीज जारी कर आयोजन रद्द किए जाने की जानकारी दी। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जायरीनों का इबादत के लिए आवागमन का सामान्य सिलसिला जारी है।
विज्ञापन
नजीबाबाद (बिजनौर)। विश्व प्रसिद्ध जोगीरम्पुरी दरगाह पर इस वर्ष या अली मौला अली की सदाएं नहीं गूंजेंगी। दरगाह कमेटी ने 21 वीं रमजान और 27 मई से होने वाली मजलिसों को कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस वर्ष आयोजित न करने का फैसला लिया है।
दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी में मौला अली की 20 वीं रमजान को हुई शहादत में मातमी आयोजन किया जाता है। मौला अली की याद में हर वर्ष जोगीरम्पुरी में चार रोजा सालाना मातमी मजलिसें आयोजित की जातीं हैं। दरगाह कमेटी ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 21 वीं रमजान को मौला अली की शहादत के सिलसिले में आयोजित होने वाली विशेष मातमी मजलिस के साथ 27 मई से घोषित सालाना चार रोजा मातमी मजलिसें रद्द कर दी हैं। दरगाह कमेटी के सचिव जफर मुजतबा आबदी ने प्रेस रिलीज जारी कर आयोजन रद्द किए जाने की जानकारी दी। वहीं, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जायरीनों का इबादत के लिए आवागमन का सामान्य सिलसिला जारी है।
विज्ञापन