फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   mahila netaon ka chalta hai sikka

जिले में महिला नेताओं का चलता है सिक्का

Mon, 09 Jan 2017 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 09 Jan 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
mahila netaon ka chalta hai sikka
महिलाओं का दबदबा - फोटो : प्रतीकात्मक
बिजनौर जिले की राजनीति पर महिलाएं भी छाई रही हैं। कई महिलाओं ने राजनीति में अपना लोहा मनवाया व मंत्री तक बनी हैं। महिलाओं का जादू जिले में सिर चढ़कर बोलता रहा।
विज्ञापन

विधानसभा चुनाव में महिला राजनीति जिले में इसकी शुरूआत वर्ष 1952 से हुई। बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से 1952 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ी पूर्व मंत्री चंद्रावती पहली बार
विज्ञापन

विधायक बनीं। इसके बाद 1957 के चुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर फिर चुनाव लड़ीं और विधायक बन गईं।

वर्ष 1977 में केंद्र में जनता पार्टी की मोरारजी देसाई की सरकार थी। चौधरी चरण सिंह इस सरकार में उपप्रधानमंत्री थे। चौधरी चरण सिंह की पत्नी की चंद्रावती से नजदीकी रिश्तेदारी थी। चंद्रावती इस दौरान चौधरी चरण सिंह के साथ आ गईं। चौधरी चरण सिंह ने उन्हें एमएलसी बना दिया। चंद्रावती प्रदेश में गन्ना मंत्री व समाज कल्याण मंत्री रही हैं। चंद्रावती का जिले की राजनीति में खूब सिक्का चला। 1984 के लोकसभा चुनाव में बिजनौर लोकसभा सुरक्षित सीट से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार सांसद बनी थीं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को पटखनी दी थी। 1989 के लोकसभा चुनाव में बिजनौर सीट से लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर बसपा सुप्रीमो मायावती पहली बार सांसद बनीं। बिजनौर जिले से ही उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत की। जिले की राजनीति में पूर्व मंत्री ओमवती का भी खूब दबदबा रहा। नगीना लोकसभा सीट से 1996 में सपा से ओमवती सांसद बनीं। 2002 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट से ओमवती नगीना विधानसभा सुरक्षित सीट से विधायक बनीं।


2007 में ओमवती ने सपा से पाला बदलकर बसपा का दामन थाम लिया और बसपा के टिकट पर विधायक बनीं। बसपा सरकार में ओमवती को राज्यमंत्री बनाया गया। जिले की राजनीति में उनका खूब सिक्का चला। बिजनौर विधानसभा सीट पर 2014 में हुए उपचुनाव में सपा के टिकट पर पहली बार रुचि वीरा ने परचम लहराया। सपा सरकार के कद्दावर मंत्री आजम खां की रुचि वीरा बेहद करीबी रही हैं। जिले की राजनीति में सपा सरकार के दौरान उनका जमकर सिक्का चला। विरोधियों पर वह हावी रहीं। रुचिवीरा सपा के टिकट पर बिजनौर विधानसभा क्षेत्र से फिर चुनावी मैदान में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed