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Bijnor News: लखनऊ ने सुनी काटे गए पेड़ों की ‘कराह’, मांगा जवाब
Fri, 20 Jun 2025 11:30 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 20 Jun 2025 11:30 PM IST
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बिजनौर। कॉलोनी के रास्ते की अड़चन दूर करने के लिए काटे गए पेड़ों की ‘कराह’ लखनऊ तक सुनी गई। अमर उजाला में छपी खबर के बाद शासन ने जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। उधर, डीएम जसजीत कौर ने डीएफओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
रशीदपुर गढ़ी से नगीना रोड स्थित पानीपत-खटीमा हाईवे के अंडरपास तक पुराने दरख्त खड़े हैं। इससे आगे के पेड़ तो हाईवे निर्माण की भेंट चढ़ गए लेकिन बचे हुए पेड़ों पर भी संकट मंडरा रहा है। अंडरपास से थोड़ा पहले काटी गई एक कॉलोनी को रास्ता देने के लिए वन विभाग ने तीन दरख्तों को कटवा दिया। काटे गए पेड़ सौ साल से ज्यादा पुराने थे। जबकि चौथे पेड़ की पूरी तरह से छंटनी कर दी गई है। उसका केवल ठूंठ बचा है। पेड़ काटने के मामले को अमर उजाला ने 20 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो शासन ने इसका संज्ञान लिया।
जड़ से काटे गए तीनों पेड़ पापड़ी के हैं। इनमें से एक पेड़ का व्यास बहुत ज्यादा है। यह 100 साल से पुराना पेड़ था। शासन ऐसे पेड़ों विरासत वृक्ष घोषित कर संरक्षित करने पर जोर दे रहा है, लेकिन वन विभाग ने इस पर ही आरा चलवा दिया।
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रशीदपुर गढ़ी से नगीना रोड स्थित पानीपत-खटीमा हाईवे के अंडरपास तक पुराने दरख्त खड़े हैं। इससे आगे के पेड़ तो हाईवे निर्माण की भेंट चढ़ गए लेकिन बचे हुए पेड़ों पर भी संकट मंडरा रहा है। अंडरपास से थोड़ा पहले काटी गई एक कॉलोनी को रास्ता देने के लिए वन विभाग ने तीन दरख्तों को कटवा दिया। काटे गए पेड़ सौ साल से ज्यादा पुराने थे। जबकि चौथे पेड़ की पूरी तरह से छंटनी कर दी गई है। उसका केवल ठूंठ बचा है। पेड़ काटने के मामले को अमर उजाला ने 20 जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया तो शासन ने इसका संज्ञान लिया।
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जड़ से काटे गए तीनों पेड़ पापड़ी के हैं। इनमें से एक पेड़ का व्यास बहुत ज्यादा है। यह 100 साल से पुराना पेड़ था। शासन ऐसे पेड़ों विरासत वृक्ष घोषित कर संरक्षित करने पर जोर दे रहा है, लेकिन वन विभाग ने इस पर ही आरा चलवा दिया।
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