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तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगी भगवान परशुराम जन्मस्थली : सुनील भराला
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धामपुर के स्वास्तिक गार्डन में परशुराम स्वाभिमान सेना की ओर से संपन्न ब्राह्मण सम्मेलन में मंचा
- फोटो : DHAMPUR
तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होगी भगवान परशुराम जन्मस्थली : सुनील भराला
धामपुर। उत्तर प्रदेश के श्रम कल्याण परिषद के राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम स्वाभिमान सेना के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने कहा कि भारत के धर्मस्थलों के विद्वानों द्वारा धार्मिक सनातन ग्रंथों के माध्यम से भगवान परशुराम की जन्मस्थली का निर्णय कर काशी, अयोध्या, मथुरा की तरह तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे भगवान परशुराम के बताए मार्ग पर चल कर हमेशा समाज और देश के उत्थान के लिए संघर्षरत रहें।
हाईवे 74 स्थित स्वास्तिक गार्डन के सभागार में मंगलवार को परशुराम स्वाभिमान सेना की ओर से आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में पंडित सुनील भराला ने कहा कि हिंदू समाज को देवी देवताओं के साथ भगवान परशुुराम की भी पूजन, आराधना करनी चाहिए। भगवान परशुराम केवल ब्राह्मण समाज के ही ईष्टदेव नहीं है। अपितु समस्त सनातन हिंदू समाज के देवता हैं। उन्होंने समाज के लोगों को एकजुट होकर देश की तरक्की में योगदान देने को प्रेरित किया। इस मौके पर उन्होंने देश के सभी मंदिरों में भगवान परशुराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराने का संकल्प दिलाया।
इस दौरान बतौर मुख्य वक्ता श्री राम मंदिर आश्रम पीठाधीश्वर राष्ट्रीय संत शिवकथा मर्मज्ञ महंत राधेश्याम व्यास जी महाराज ने ब्राह्मण समाज को अपने धर्म, कर्म के विषय में पूर्ण ज्ञान से पारंगत होकर धर्म पथ पर चलने पर जोर दिया। कहा कि ब्राह्मणों को परस्पर मानसिक रूप से प्रेम की भावना को मजबूत करना चाहिए। ऐसा न होने के कारण ही आज हिंदू समाज में ब्राह्मणों के प्रति पूर्ण आस्था, सम्मान का भाव कम होता जा रहा है। ब्राह्मण समाज को भगवान परशुराम के बताए धर्म मार्ग पर चलकर समाज में अपनी प्रतिष्ठा को कायम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण पृथ्वी का देवता है। जिसके माध्यम से देवलोक के देवी देवताओं का आह्वान कर पूजन सहित सम्मान कराने का अधिकार है।
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इससे पहले आयोजकों ने अतिथियों को माल्यार्पण व शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कपिल शर्मा, यज्ञदत्त शर्मा, लोकेश भारद्वाज, आचार्य शशिकांत वशिष्ठ, एमएलसी सुधीर पाराशर, सुबोध शर्मा, डा. राजबहादुर शर्मा, विनोद गोस्वामी, धर्मानंद त्रिपाठी, गजेंद्र शर्मा, प्रभुुदत्त शर्मा, अनिल शर्मा अनिल रहे। संचालन प्रदीप शर्मा ने किया।
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धामपुर। उत्तर प्रदेश के श्रम कल्याण परिषद के राज्य मंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम स्वाभिमान सेना के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने कहा कि भारत के धर्मस्थलों के विद्वानों द्वारा धार्मिक सनातन ग्रंथों के माध्यम से भगवान परशुराम की जन्मस्थली का निर्णय कर काशी, अयोध्या, मथुरा की तरह तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे भगवान परशुराम के बताए मार्ग पर चल कर हमेशा समाज और देश के उत्थान के लिए संघर्षरत रहें।
हाईवे 74 स्थित स्वास्तिक गार्डन के सभागार में मंगलवार को परशुराम स्वाभिमान सेना की ओर से आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन में पंडित सुनील भराला ने कहा कि हिंदू समाज को देवी देवताओं के साथ भगवान परशुुराम की भी पूजन, आराधना करनी चाहिए। भगवान परशुराम केवल ब्राह्मण समाज के ही ईष्टदेव नहीं है। अपितु समस्त सनातन हिंदू समाज के देवता हैं। उन्होंने समाज के लोगों को एकजुट होकर देश की तरक्की में योगदान देने को प्रेरित किया। इस मौके पर उन्होंने देश के सभी मंदिरों में भगवान परशुराम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराने का संकल्प दिलाया।
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इस दौरान बतौर मुख्य वक्ता श्री राम मंदिर आश्रम पीठाधीश्वर राष्ट्रीय संत शिवकथा मर्मज्ञ महंत राधेश्याम व्यास जी महाराज ने ब्राह्मण समाज को अपने धर्म, कर्म के विषय में पूर्ण ज्ञान से पारंगत होकर धर्म पथ पर चलने पर जोर दिया। कहा कि ब्राह्मणों को परस्पर मानसिक रूप से प्रेम की भावना को मजबूत करना चाहिए। ऐसा न होने के कारण ही आज हिंदू समाज में ब्राह्मणों के प्रति पूर्ण आस्था, सम्मान का भाव कम होता जा रहा है। ब्राह्मण समाज को भगवान परशुराम के बताए धर्म मार्ग पर चलकर समाज में अपनी प्रतिष्ठा को कायम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण पृथ्वी का देवता है। जिसके माध्यम से देवलोक के देवी देवताओं का आह्वान कर पूजन सहित सम्मान कराने का अधिकार है।
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इससे पहले आयोजकों ने अतिथियों को माल्यार्पण व शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कपिल शर्मा, यज्ञदत्त शर्मा, लोकेश भारद्वाज, आचार्य शशिकांत वशिष्ठ, एमएलसी सुधीर पाराशर, सुबोध शर्मा, डा. राजबहादुर शर्मा, विनोद गोस्वामी, धर्मानंद त्रिपाठी, गजेंद्र शर्मा, प्रभुुदत्त शर्मा, अनिल शर्मा अनिल रहे। संचालन प्रदीप शर्मा ने किया।