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सरकार के अभियान से निपटे वरासत के विवाद

Wed, 10 Feb 2021 12:32 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 12:32 AM IST
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Legacy disputes dealt with government campaign
सरकार के अभियान से निपटे वरासत के विवाद
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धामपुर। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत वरासत अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब तक जनपद बिजनौर में 9041 दर्ज शिकायतों में से आठ फरवरी तक 8881 का निदान हो चुका है। अभियान 15 फरवरी तक चलेगा। धामपुर तहसील में 2579 दर्ज आवेदनों में से 2382 का निदान हो चुका है। उनकी वरासत को प्रबंधन प्रणाली के तहत दर्ज किया जा चुका है।
तहसीलदार आरसी चौहान ने बताया कि जनपद बिजनौर में पांच तहसील धमपुर, बिजनौर, नजीबाबाद , नगीना और चांदपुर शामिल हैं। सभी तहसीलों में इस अभियान के अंतर्गत वरासत के रूप में अपना नाम दर्ज कराने के लिए 9041 लोगों ने आवेदन प्रस्तुत किए। इनमें से 8881 का निदान हो चुका है। जो शेष है, उनका निदान कराने का प्रयास किया जा रहा है। यह अभियान 15 दिसंबर से चल रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए 15 दिसंबर से 15 फरवरी 2021 तक के लिए राजस्व संहिता की धारा 33 (1) के अंतर्गत निर्विवादित वरासत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिन लोगों की वरासत संबंधी समस्याएं हैं। जिनके परिजनों की मौत के बाद उत्तराधिकारी के रूप में राजस्व विभाग की ओर से सिस्टम के तहत दर्ज नहीं किया गया है। उन समस्याओं का निदान करने के लिए विभाग की ओर से गांवों में जाकर अभियान चलाया जा रहा है। संवाद
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सबसे कम प्रार्थना पत्रों की संख्या बिजनौर तहसील में
सबसे ज्यादा आवेदन पत्र धामपुर तहसील में 2579 दर्ज हुए हैं। इनमें से 124 प्रार्थना पत्र विवादित हो गए। शेष बचे 2539 में से 2382 का निदान हो गया है, 53 लंबित है। बिजनौर तहसील में कुल 1328 आवेदन पत्र दर्ज हुए। इनमें से 35 विवादित हुए। 1304 में से 1139 का निदान हो चुका है। बाकी प्रक्रिया में शामिल हैं। चांदपुर तहसील में 2154 मामले दर्ज हुए, 46 विवादित हो गए। 2121 आवेदनों में से 2030 का निदान हो चुका है। अधिकारियों के आदेश पर वरासत के रूप में दर्ज किए जा चुके हैं। नगीना तहसील में 1598 मामले दर्ज हुए, 90 विवादित हो गए। 1578 में से 178 निरस्त हुए। 1325 आवेदनों का निदान हुआ। नजीबाबाद तहसील में 1382 आवेदन पत्र दर्ज हुए, 58 आवेदन पत्र विवादित पाए गए। 1339 आवेदन पत्रों में से 156 आवेदन पत्र निरस्त कर दिए गए। 1134 मामले अधिकारियों के आदेश पर दर्ज किए जा चुके हैं। 46 मामले यहां पर लंबित हैं। बताया कि जिले की सभी तहसीलों को मिलाकर केवल 244 ऐसे मामले हैं, जो अभी लंबित हैं। उनके निदान का प्रयास किया जा रहा है।
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किसी को परेशानी है तो बताएं: तहसीलदार
तहसीलदार ने बताया कि वरासत अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले अभियान में से एक है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक गांव में जाकर राजस्व विभाग शिविरों का आयोजन कर लोगों से प्रार्थना पत्र प्राप्त कर रहे हैं। लोगों को बता रहे हैं कि जिनकी वरासत अविवादित है और दर्ज नहीं हो पाई है, वह प्रार्थना पत्र देकर दर्ज करा लें। जिससे उनके सामने किसी प्रकार की दिक्कत न हो। बताया गया कि यह अभियान सरकार के आदेश 15 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान के अंतर्गत राजस्व संहिता की धारा 33 (1 )के अंतर्गत उत्तराधिकार के आवेदन पत्र प्राप्त कर निदान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सभी राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों को निर्देशित किया जा चुका है। यदि फिर किसी को परेशानी है तो वे अवगत करा सकते हैं।
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