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गांवों की ओर बढ़ा गंगा का पानी
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Sat, 16 Jul 2016 12:29 AM IST
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मंडावर क्षेत्र के ग्राम राजारामपुर के जंगल में खेतों में भरा गंगा का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडावर में पहाड़ों पर हो रही बारिश ने गंगा का जलस्तर बढ़ा दिया है। गंगा का पानी कई गांवों के खेतों व जंगल के रास्तों में भर गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांव के लोग दहशत में हैं। मंडावर में शुरू हुई बारिश ने उनकी समस्या को और बढ़ा दिया है। गांव वाले रात को सोने के बजाए जागकर पहरा देने की बात कह रहे हैं। भीमगोड़ा बैराज हरिद्वार से शुक्रवार शाम को और पानी छोड़ा गया है। इससे खादर में गंगा का जलस्तर और बढ़ जाएगा।
पहाड़ों पर बारिश से खादर में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। बढ़ा पानी गांवों की ओर रूख कर रहा है। गांव राजारामपुर, बैवलगढ़, सीमली, वीरूवाला, चाहड़वाला आदि के जंगल के रास्ते में जलस्तर भरने से गंगा का पानी भर गया है और पानी धीरे-धीरे गांवों में आबादी की ओर बढ़ रहा है। पानी का स्तर बढ़ने से तटीय गांव वालों में दहशत का माहौल है। वे जंगल के रास्तों में खड़े होकर पानी के स्तर का आंकलन कर रहे हैं। इस समय गंगा में 60 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।
शुक्रवार शाम भीमगोड़ा से गंगा में एक लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। धारा के दोनों ओर पानी फैलने के बाद भी मुख्य धारा में पानी बढ़कर एक लाख दस हजार क्यूसेक हो जाएगा। पानी और बढ़ने से गांव वालों की मुसीबत और बढ़ सकती है। गांव वालों निसार, अय्यूब, धर्मेंद्र, टीकम सिंह आदि के अनुसार गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो पानी गांवों में घुस जाएगा। पानी से बचने के लिए वे सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन बीबी गिरि ने भीमगोड़ा से गंगा में पानी छोड़े जाने की पुष्टि की है।
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नांगलसोती के सौफतपुर क्षेत्र में दो दिन के भीतर गंगा ने करीब 30 से 40 मीटर तक कटान कर दिया है। सौफतपुर निवासी आनंद पाल, केहर पाल, अशोक कुमार, जबर सिंह, नौबहार सिंह, पुष्पेंद्र, सुरेशपाल, धर्मेंद्र, आदेश आदि किसानों की करीब 70 से 80 बीघा कृषि भूमि टूटकर गंगा में समा चुकी है। जिससे खेत पर खड़ी गन्ने व चारे की फसल बर्बाद हो गई। गंगा किनारे खेती करने वाले किसान खेतों और उन पर खड़ी फसलों को बचाने केक प्रयासों में जुटे हैं। उधर, गांव गौसपुर की ओर से गंगा से कटान रोकने के लिए एक वर्ष पूर्व सिंचाई खंड अफजलगढ़ द्वारा बनाए गए स्टड गंगा के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गए। गंगा द्वारा गांव की ओर कटान करने की आशंका से क्षेत्रीय किसान व ग्रामवासी दहशत में हैं। ग्रामवासियों अरविंद कुमार, अवनीश कुमार, राजेश, पीतम सिंह, देवेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से गंगा द्वारा कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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पहाड़ों पर बारिश से खादर में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। बढ़ा पानी गांवों की ओर रूख कर रहा है। गांव राजारामपुर, बैवलगढ़, सीमली, वीरूवाला, चाहड़वाला आदि के जंगल के रास्ते में जलस्तर भरने से गंगा का पानी भर गया है और पानी धीरे-धीरे गांवों में आबादी की ओर बढ़ रहा है। पानी का स्तर बढ़ने से तटीय गांव वालों में दहशत का माहौल है। वे जंगल के रास्तों में खड़े होकर पानी के स्तर का आंकलन कर रहे हैं। इस समय गंगा में 60 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।
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शुक्रवार शाम भीमगोड़ा से गंगा में एक लाख 32 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। धारा के दोनों ओर पानी फैलने के बाद भी मुख्य धारा में पानी बढ़कर एक लाख दस हजार क्यूसेक हो जाएगा। पानी और बढ़ने से गांव वालों की मुसीबत और बढ़ सकती है। गांव वालों निसार, अय्यूब, धर्मेंद्र, टीकम सिंह आदि के अनुसार गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो पानी गांवों में घुस जाएगा। पानी से बचने के लिए वे सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन बीबी गिरि ने भीमगोड़ा से गंगा में पानी छोड़े जाने की पुष्टि की है।
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नांगलसोती के सौफतपुर क्षेत्र में दो दिन के भीतर गंगा ने करीब 30 से 40 मीटर तक कटान कर दिया है। सौफतपुर निवासी आनंद पाल, केहर पाल, अशोक कुमार, जबर सिंह, नौबहार सिंह, पुष्पेंद्र, सुरेशपाल, धर्मेंद्र, आदेश आदि किसानों की करीब 70 से 80 बीघा कृषि भूमि टूटकर गंगा में समा चुकी है। जिससे खेत पर खड़ी गन्ने व चारे की फसल बर्बाद हो गई। गंगा किनारे खेती करने वाले किसान खेतों और उन पर खड़ी फसलों को बचाने केक प्रयासों में जुटे हैं। उधर, गांव गौसपुर की ओर से गंगा से कटान रोकने के लिए एक वर्ष पूर्व सिंचाई खंड अफजलगढ़ द्वारा बनाए गए स्टड गंगा के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गए। गंगा द्वारा गांव की ओर कटान करने की आशंका से क्षेत्रीय किसान व ग्रामवासी दहशत में हैं। ग्रामवासियों अरविंद कुमार, अवनीश कुमार, राजेश, पीतम सिंह, देवेंद्र सिंह आदि ने प्रशासन से गंगा द्वारा कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।