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वकीलों और वन अफसरों का विवाद बढ़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:24 AM IST
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बिजनौर थाने में एसडीएम व सीओ से वार्ता करते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में इंदिरा पार्क से अतिक्रमण हटवाने के मामले में वन विभाग और वकीलों में ठन गई है। दोनों खुलकर आमने-सामने हैं। डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने वकीलों पर जान से मारने की धमकी देने की तहरीर एसपी अतुल शर्मा को दी तो वकीलों ने थाना कोतवाली शहर में तहरीर दी है।
शुक्रवार को इंदिरा पार्क के बाहर से अतिक्रमण हटवाने का वकीलों ने विरोध किया था। आरोप है कि वकीलों ने डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन से धक्का-मुक्की करते हुए उनको व रेंजर सतीश कुमार को जान से मारने की धमकी दी थी। वन विभाग ने अतिक्रमण हटाकर वहां पौधारोपण कर दिया था। वन विभाग व पुलिसकर्मियों के मुताबिक देर शाम तक वकीलों ने उस जगह फिर से कब्जा जमाते हुए पेड़ उखाड़कर फेंक दिए थे और तार भी तोड़ दिए थे। इस मामले की शिकायत एसपी से की गई। उनके निर्देश पर सीओ सिटी असित श्रीवास्तव ने मौके पर जाकर वीडियोग्राफी की थी। अफसरों के मुताबिक, इससे वकील बैकफुट पर आ गए थे और उन्होंने उखाड़े पेड़ फिर से लगाकर तोड़े गए तार भी जोड़ दिए थे। इस मामले में बिजनौर रेंज में वन दरोगा ने कुलदीप सिंह, अमरजीत सिंह, प्रसून सहित पांच के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 35 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इस मामले में शनिवार को वकील एसडीएम सतेंद्र कुमार व सीओ असित श्रीवास्तव से शहर कोतवाली में मिले। अधिवक्ता कुलदीप सिंह की ओर से दी गई तहरीर में वन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने व अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि अफसर खुद लाठी-डंडे लेकर आ धमके थे। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों ने भी वकीलों को नामजद करते हुए एसपी को अलग से तहरीर दी है। एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक, दोनों पक्षों को वार्ता के लिए रात में डीएम आवास पर बुलाया गया है। वार्ता के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने वन विभाग के अफसरों की ओर से तहरीर मिलने की पुष्टि की है।
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गौरतलब है कि इंदिरा पार्क में अतिक्रमण को लेकर वन विभाग और वकीलों में पहले से ही ठनी हुई है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर हुए विवाद के बाद डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने डीएम व एसपी से जान को खतरा बताते हुए शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग की है। डीएफओ के अनुसार, वे एक-दो दिन में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे।
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शुक्रवार को इंदिरा पार्क के बाहर से अतिक्रमण हटवाने का वकीलों ने विरोध किया था। आरोप है कि वकीलों ने डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन से धक्का-मुक्की करते हुए उनको व रेंजर सतीश कुमार को जान से मारने की धमकी दी थी। वन विभाग ने अतिक्रमण हटाकर वहां पौधारोपण कर दिया था। वन विभाग व पुलिसकर्मियों के मुताबिक देर शाम तक वकीलों ने उस जगह फिर से कब्जा जमाते हुए पेड़ उखाड़कर फेंक दिए थे और तार भी तोड़ दिए थे। इस मामले की शिकायत एसपी से की गई। उनके निर्देश पर सीओ सिटी असित श्रीवास्तव ने मौके पर जाकर वीडियोग्राफी की थी। अफसरों के मुताबिक, इससे वकील बैकफुट पर आ गए थे और उन्होंने उखाड़े पेड़ फिर से लगाकर तोड़े गए तार भी जोड़ दिए थे। इस मामले में बिजनौर रेंज में वन दरोगा ने कुलदीप सिंह, अमरजीत सिंह, प्रसून सहित पांच के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 35 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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इस मामले में शनिवार को वकील एसडीएम सतेंद्र कुमार व सीओ असित श्रीवास्तव से शहर कोतवाली में मिले। अधिवक्ता कुलदीप सिंह की ओर से दी गई तहरीर में वन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने व अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि अफसर खुद लाठी-डंडे लेकर आ धमके थे। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों ने भी वकीलों को नामजद करते हुए एसपी को अलग से तहरीर दी है। एसपी अतुल शर्मा के मुताबिक, दोनों पक्षों को वार्ता के लिए रात में डीएम आवास पर बुलाया गया है। वार्ता के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने वन विभाग के अफसरों की ओर से तहरीर मिलने की पुष्टि की है।
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गौरतलब है कि इंदिरा पार्क में अतिक्रमण को लेकर वन विभाग और वकीलों में पहले से ही ठनी हुई है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर हुए विवाद के बाद डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन ने डीएम व एसपी से जान को खतरा बताते हुए शस्त्र लाइसेंस जारी करने की मांग की है। डीएफओ के अनुसार, वे एक-दो दिन में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे।